{"_id":"5f63af6a8ebc3ef47a52d209","slug":"tarpan-rituals-are-to-increase-the-yash-saga-to-the-ancestors-nazibabad-news-mrt501841035","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वजों को यश गाथा को बढ़ाना ही तर्पण संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वजों को यश गाथा को बढ़ाना ही तर्पण संस्कार
विज्ञापन
पूर्वजों को यश गाथा को बढ़ाना ही तर्पण संस्कार
नजीबाबाद। गायत्री शक्ति पीठ ने पितृ अमावस्या पर श्राद्ध तर्पण संस्कार का आयोजन किया। इसके बाद पूर्वजों की स्मृति में पौधरोपण किया गया।
गायत्री शक्ति पीठ के जोनल कार्यालय पर व्यवस्थापक डा.दीपक कुमार ने सर्व पितृ अमावस्या पर श्राद्ध तर्पण संस्कार गायत्री संस्कारों के साथ संपन्न कराया। दीपक कुमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सर्व पितृ अमावस्या को पितृ कृतज्ञता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने पितृ अमावस्या पर पूर्वजों की स्मृति में दान के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अपने श्रेष्ठ कर्मों द्वारा पूर्वजों की यश गाथा को आगे बढ़ाना ही श्राद्ध तर्पण संस्कार कहलाता है। दिनेश चौबे, ओमपाल सिंह, सुरेश कुमार, सौरभ गुप्ता, राम सिंह, कृपाल, विमलेश, सुनीता आदि ने तर्पण संस्कार में भाग लिया।
विज्ञापन
नजीबाबाद। गायत्री शक्ति पीठ ने पितृ अमावस्या पर श्राद्ध तर्पण संस्कार का आयोजन किया। इसके बाद पूर्वजों की स्मृति में पौधरोपण किया गया।
गायत्री शक्ति पीठ के जोनल कार्यालय पर व्यवस्थापक डा.दीपक कुमार ने सर्व पितृ अमावस्या पर श्राद्ध तर्पण संस्कार गायत्री संस्कारों के साथ संपन्न कराया। दीपक कुमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सर्व पितृ अमावस्या को पितृ कृतज्ञता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने पितृ अमावस्या पर पूर्वजों की स्मृति में दान के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अपने श्रेष्ठ कर्मों द्वारा पूर्वजों की यश गाथा को आगे बढ़ाना ही श्राद्ध तर्पण संस्कार कहलाता है। दिनेश चौबे, ओमपाल सिंह, सुरेश कुमार, सौरभ गुप्ता, राम सिंह, कृपाल, विमलेश, सुनीता आदि ने तर्पण संस्कार में भाग लिया।