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छात्रों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने में छूटे पसीने

Tue, 16 Nov 2021 12:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:51 AM IST
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Sweat left in providing uniforms to students
छात्रों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने में छूटे पसीने
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बिजनौर। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत ढाई लाख छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म, बस्ता, जूता, मोजा उपलब्ध कराना शिक्षकों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो गया है। डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी गई, लेकिन इसका ब्योरा कोई नहीं दे पा रहा है। इसे लेकर शिक्षक परेशान हैं। अभिभावकों के जनधन के खाते भी संदेह के घेरे में बताए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग अभिभावकों के खातों में धनराशि ट्रांसफर करने का दावा कर रहा है, लेकिन कितनों के खाते में पैसा पहुंचा या नहीं इसका सही आंकड़ा किसी के पास नहीं है।
शिक्षा सत्र 2021-22 में इस बार स्कूलों में बंपर नामांकन हुए हैं। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब ढाई लाख छात्र-छात्राओं का नामांकन बताया जाता है। छात्र-छात्राओं का पंजीकरण प्रेरणा पोर्टल पर किया गया था। शासन के निर्देश पर इस बार बच्चों को दो दो जोड़ी जूते, मोजे, यूनिफॉर्म एक बैग, एक स्वेटर उपलब्ध कराया जाना है। एक छात्र को इसके लिए 1100 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जानी थी। यह धनराशि अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन शिक्षा विभाग की मानें तो दो सप्ताह पूर्व अभिभावकों के खातों में धनराशि भेज दी गई है।
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अब शिक्षा विभाग के आला अधिकारी शिक्षकों को अभिभावकों के खातों में भेजी गई धनराशि से यूनिफॉर्म जूते, मोजे, बैग आदि सामग्री का क्रय कराने का दबाव बना रहे। शिक्षक स्कूलों में अभिभावकों को बुलाकर पूछ रहे हैं कि उनके खातों में धनराशि आई है, तो बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध करा दें। परंतु अभिभावक स्कूलों के शिक्षकों को खातों में आई धनराशि के बारे में जानकारी देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में कहीं स्कूली बच्चे यूनिफॉर्म से वंचित रह न रह जाएं, इसका भी शिक्षकों को डर सताने लगा है। लेकिन ब्लॉक स्तर पर तैनात खंड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों से कह रहे हैं कि वह जल्द से जल्द बच्चों को यूनिफॉर्म, स्कूली बैग, जूते, मोजे आदि सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग करें। अभी तक शिक्षकों को यह भी जानकारी नहीं है कि कितने बच्चों के अभिभावकों के खातों में धनराशि आई है और कितने बच्चों के खातों में धनराशि नहीं आई है।
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शिक्षकों पर दबाव बनाना है गलत
शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी डीबीटी से भेजी गई धनराशि से संतुष्ट नहीं हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह का कहना है कि विभाग की ओर से डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी गई है। अब बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराना अभिभावकों की जिम्मेदारी है। इसमें शिक्षक कुछ नहीं कर सकते। शिक्षकों पर दबाव बनाना गलत है। उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता अंगजीत सिंह ने बताया कि शिक्षकों को अभी यह सूची भी उपलब्ध नहीं कराई गई कितने खातों में धनराशि भेजी गई है। पहले शिक्षकों को सूची उपलब्ध कराई जानी चाहिए। ब्लॉक अध्यक्ष राहुल राठी व अरविंद चौधरी ने बताया कि यूनिफार्म वितरण प्रकरण में किसी भी स्तर पर शिक्षकों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
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