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भुगतान में सबसे फिसड्डी बिलाई चीनी मिली
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भुगतान में सबसे फिसड्डी बिलाई चीनी मिली
बिजनौर। जिले की चीनी मिलों ने करीब एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भेज दिया है। बिलाई को छोड़कर किसी चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का गन्ना भुगतान का बकाया नहीं है। बिलाई चीनी मिल ने इस सत्र में भुगतान की शुरुआत नहीं की है। बाकी चीनी मिल भुगतान कर रही हैं। बिलाई मिल पर कई बार धरने-प्रदर्शन हुए, आश्वासन तो मिला, लेकिन अभी तक किसानों को इस सत्र का कोई भुगतान नहीं मिला। बिलाई मिल पर पिछले सत्र का 44 और इस सत्र का 149 करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है।
जिले में चीनी मिलों को किसान लगातार गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं। हाल ही में बारिश होने से गन्ने की आपूर्ति बाधित हुई है। किसानों ने 13 जनवरी तक चीनी मिलों को 1465 करोड़ रुपये का गन्ना बेचा है। खरीद के 14 दिन के अंदर भुगतान के नियम के अनुसार जिले के किसानों को अब तक 1200 करोड़ रुपये का भुगतान मिल जाना चाहिए था। शत प्रतिशत भुगतान तो नहीं हुआ, लेकिन किसानों को फिर भी करीब एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान मिल चुका है। बिलाई चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का करीब 44 करोड़ रुपया अब भी बकाया है। यह भुगतान जल्द होने की संभावना है। इसके बाद चालू पेराई सत्र का भुगतान भी मिलने लगेगा।
समय से भुगतान करें चीनी मिल
भाकियू के मंडल महासचिव दिगंबर सिंह के अनुसार जिले में किसानों को समय से भुगतान मिलना चाहिए। समय से भुगतान न देने वाली चीनी मिलों को ब्याज देना चाहिए।
चालू पेराई सत्र पर किया गया भुगतान
चीनी मिल भुगतान
धामपुर 242.89
स्योहारा 218.38
बिलाई 00
बहादरपुर 152.36
बरकातपुर 144.35
बुंदकी 152.08
चांदपुर 41.12
बिजनौर 20.97
नजीबाबाद 10.29
कुल 982.44
नोट: (गन्ना भुगतान करोड़ रुपये में है।)
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बिजनौर। जिले की चीनी मिलों ने करीब एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भेज दिया है। बिलाई को छोड़कर किसी चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का गन्ना भुगतान का बकाया नहीं है। बिलाई चीनी मिल ने इस सत्र में भुगतान की शुरुआत नहीं की है। बाकी चीनी मिल भुगतान कर रही हैं। बिलाई मिल पर कई बार धरने-प्रदर्शन हुए, आश्वासन तो मिला, लेकिन अभी तक किसानों को इस सत्र का कोई भुगतान नहीं मिला। बिलाई मिल पर पिछले सत्र का 44 और इस सत्र का 149 करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है।
जिले में चीनी मिलों को किसान लगातार गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं। हाल ही में बारिश होने से गन्ने की आपूर्ति बाधित हुई है। किसानों ने 13 जनवरी तक चीनी मिलों को 1465 करोड़ रुपये का गन्ना बेचा है। खरीद के 14 दिन के अंदर भुगतान के नियम के अनुसार जिले के किसानों को अब तक 1200 करोड़ रुपये का भुगतान मिल जाना चाहिए था। शत प्रतिशत भुगतान तो नहीं हुआ, लेकिन किसानों को फिर भी करीब एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान मिल चुका है। बिलाई चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का करीब 44 करोड़ रुपया अब भी बकाया है। यह भुगतान जल्द होने की संभावना है। इसके बाद चालू पेराई सत्र का भुगतान भी मिलने लगेगा।
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समय से भुगतान करें चीनी मिल
भाकियू के मंडल महासचिव दिगंबर सिंह के अनुसार जिले में किसानों को समय से भुगतान मिलना चाहिए। समय से भुगतान न देने वाली चीनी मिलों को ब्याज देना चाहिए।
चालू पेराई सत्र पर किया गया भुगतान
चीनी मिल भुगतान
धामपुर 242.89
स्योहारा 218.38
बिलाई 00
बहादरपुर 152.36
बरकातपुर 144.35
बुंदकी 152.08
चांदपुर 41.12
बिजनौर 20.97
नजीबाबाद 10.29
कुल 982.44
नोट: (गन्ना भुगतान करोड़ रुपये में है।)