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गन्ना रिकवरी अधिक होने से मिलों काे होगा फायदा
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 25 Nov 2015 01:05 AM IST
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बिजनौर। पेराई सीजन के शुरू में ही शुगर मिलों की गन्ना रिकवरी साढे़ दस से अधिक है। यह खबर मिल संचालकों को राहत देने वाली है।
किसानों द्वारा अर्ली वैरायटी का गन्ना अधिक रकबे में बोने से रिकवरी बढ़ी है। रिकवरी बढ़ने से किसान भी खुश हैं।
डीसीओ ओपी सिंह ने बताया जिले की अधिकांश शुगर मिलों में 18 नवंबर से पेराई शुरू हो गई। इस बार शुरू में ही मिलों की गन्ना रिकवरी करीब 10.6 है।
पिछले साल मिल 25 नवंबर के आसपास चले थे। उस समय शुरूआती रिकवरी साढे़ नौ तक थी। पेराई सीजन के शुरू में ही रिकवरी अधिक होने से मिल संचालकों की बाछें खिल गई हैं। इस बार जिले में करीब एक लाख तीन हजार हेक्टेअर रकबे में अर्ली वैरायटी का गन्ना है।
जो पिछले साल के मुकाबले करीब 45 हजार हेक्टेअर अधिक है। अर्ली वैरायटी के गन्ने में रिकवरी अधिक आती है। वर्षा कम होने के कारण गन्ने में पानी की मात्रा कम है।
गन्ना विशेषज्ञों के अनुसार पानी कम होने पर सुक्रोज की मात्रा गन्ने में बढ़ती है। सुक्रोज से गन्ने में मिठास आती है। शुरू सीजन में गन्ने की रिकवरी अधिक होने से चीनी के रेट में उछाल आ गया है।
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किसान बलराम सिंह, संजीव, कृष्ण पाल, गजे सिंह आदि ने कहा रिकवरी बढ़ने से किसानों को भी फायदा मिलेगा। मिल अधिक चीनी का उत्पादन करेंगे।
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किसानों द्वारा अर्ली वैरायटी का गन्ना अधिक रकबे में बोने से रिकवरी बढ़ी है। रिकवरी बढ़ने से किसान भी खुश हैं।
डीसीओ ओपी सिंह ने बताया जिले की अधिकांश शुगर मिलों में 18 नवंबर से पेराई शुरू हो गई। इस बार शुरू में ही मिलों की गन्ना रिकवरी करीब 10.6 है।
पिछले साल मिल 25 नवंबर के आसपास चले थे। उस समय शुरूआती रिकवरी साढे़ नौ तक थी। पेराई सीजन के शुरू में ही रिकवरी अधिक होने से मिल संचालकों की बाछें खिल गई हैं। इस बार जिले में करीब एक लाख तीन हजार हेक्टेअर रकबे में अर्ली वैरायटी का गन्ना है।
जो पिछले साल के मुकाबले करीब 45 हजार हेक्टेअर अधिक है। अर्ली वैरायटी के गन्ने में रिकवरी अधिक आती है। वर्षा कम होने के कारण गन्ने में पानी की मात्रा कम है।
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गन्ना विशेषज्ञों के अनुसार पानी कम होने पर सुक्रोज की मात्रा गन्ने में बढ़ती है। सुक्रोज से गन्ने में मिठास आती है। शुरू सीजन में गन्ने की रिकवरी अधिक होने से चीनी के रेट में उछाल आ गया है।
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किसान बलराम सिंह, संजीव, कृष्ण पाल, गजे सिंह आदि ने कहा रिकवरी बढ़ने से किसानों को भी फायदा मिलेगा। मिल अधिक चीनी का उत्पादन करेंगे।