{"_id":"62f00b14bec5541b1e419451","slug":"sugar-mill-to-operate-in-2024-with-increased-crushing-capacity-nazibabad-news-mrt600290754","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच हजार टीसीडी क्षमता से 2024 में चलेगी नजीबाबाद चीनी मिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच हजार टीसीडी क्षमता से 2024 में चलेगी नजीबाबाद चीनी मिल
विज्ञापन
बिजनौर : नजीबाबाद के चीनी मिल में मीडिया से वार्ता करते कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी।
- फोटो : NAZIBABAD
बढ़ी हुई पेराई क्षमता से 2024 में संचालित होगी चीनी मिल
नजीबाबाद (बिजनौर)। किसान सहकारी चीनी मिल वर्ष 2024 पेराई सत्र में पांच हजार टीसीडी पेराई क्षमता से संचालित होगी। चीनी मिल के आसवनी प्लांट की क्षमता भी 100 किलो लीटर प्रतिदिन किए जाने की योजना है। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने यह जानकारी दी।
प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने चीनी मिल की पेराई क्षमता तीन हजार टीसीडी से बढ़ाकर पांच हजार टीसीडी किए जाने के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। उन्होंने जनवरी 2024 तक चीनी मिल विस्तारीकरण कार्य पूरा होने की जानकारी दी। प्रधान प्रबंधक सुखवीर सिंह, सीसीओ डॉ.एसएस ढाका, पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह, चौ.जगत सिंह, पूर्व प्रबंधक आरएस तोमर की उपस्थिति में कैबिनेट मंत्री ने नजीबाबाद चीनी मिल के आसवनी प्लांट की क्षमता 40 किलो लीटर से बढ़ाकर 100 किलो लीटर प्रतिदिन किए जाने के प्रस्ताव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों का 1.80 हजार करोड़ रुपये गन्ना मूल्य, 40 हजार करोड़ रुपये गेहूं और 60 हजार करोड़ रुपये धान खरीद का भुगतान किसानों को किया है।
गन्ना मंत्री का चीनी मिल गेस्ट हाउस में प्रबंध उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, डायरेक्टर लोकेंद्र सिंह ने स्वागत किया। कारोबारी वीरेश अग्रवाल के आवास पर गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण का कैलाश चंद सिंघल, अजीत अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, सुधीर चंद, आलोक, बिट्टू, कपिल अग्रवाल, अभिनव, नेहुल और हर्षुल ने स्वागत किया।
विज्ञापन
बकाया भुगतान पर मिलेगी संचालन की अनुमति
कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण ने कहा कि सरकार आने वाले पेराई सत्र में शत प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान करने वाली मिलों को संचालन की अनुमति देगी। गन्ना मूल्य भुगतान की अवधि 14 दिन से घटाकर 10 दिन किए जाने की भी उन्होंने जानकारी दी।
केंद्र से मांगी गई है चीनी एक्सपोर्ट की अनुमति
मंत्री लक्ष्मी नारायण ने कहा कि चीनी के बड़े पैमाने पर स्टॉक की बिक्री के लिए केंद्र सरकार से चीनी के एक्सपोर्ट की अनुमति मांगी गई है। एक-तिहाई चीनी की बिक्री हो जाने पर चीनी मिलें घाटे की स्थिति से उबरकर मुनाफे की स्थिति में पहुंच जाएंगी।
विज्ञापन
नजीबाबाद (बिजनौर)। किसान सहकारी चीनी मिल वर्ष 2024 पेराई सत्र में पांच हजार टीसीडी पेराई क्षमता से संचालित होगी। चीनी मिल के आसवनी प्लांट की क्षमता भी 100 किलो लीटर प्रतिदिन किए जाने की योजना है। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने यह जानकारी दी।
प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने चीनी मिल की पेराई क्षमता तीन हजार टीसीडी से बढ़ाकर पांच हजार टीसीडी किए जाने के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। उन्होंने जनवरी 2024 तक चीनी मिल विस्तारीकरण कार्य पूरा होने की जानकारी दी। प्रधान प्रबंधक सुखवीर सिंह, सीसीओ डॉ.एसएस ढाका, पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह, चौ.जगत सिंह, पूर्व प्रबंधक आरएस तोमर की उपस्थिति में कैबिनेट मंत्री ने नजीबाबाद चीनी मिल के आसवनी प्लांट की क्षमता 40 किलो लीटर से बढ़ाकर 100 किलो लीटर प्रतिदिन किए जाने के प्रस्ताव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों का 1.80 हजार करोड़ रुपये गन्ना मूल्य, 40 हजार करोड़ रुपये गेहूं और 60 हजार करोड़ रुपये धान खरीद का भुगतान किसानों को किया है।
विज्ञापन
गन्ना मंत्री का चीनी मिल गेस्ट हाउस में प्रबंध उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, डायरेक्टर लोकेंद्र सिंह ने स्वागत किया। कारोबारी वीरेश अग्रवाल के आवास पर गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण का कैलाश चंद सिंघल, अजीत अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, सुधीर चंद, आलोक, बिट्टू, कपिल अग्रवाल, अभिनव, नेहुल और हर्षुल ने स्वागत किया।
विज्ञापन
बकाया भुगतान पर मिलेगी संचालन की अनुमति
कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण ने कहा कि सरकार आने वाले पेराई सत्र में शत प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान करने वाली मिलों को संचालन की अनुमति देगी। गन्ना मूल्य भुगतान की अवधि 14 दिन से घटाकर 10 दिन किए जाने की भी उन्होंने जानकारी दी।
केंद्र से मांगी गई है चीनी एक्सपोर्ट की अनुमति
मंत्री लक्ष्मी नारायण ने कहा कि चीनी के बड़े पैमाने पर स्टॉक की बिक्री के लिए केंद्र सरकार से चीनी के एक्सपोर्ट की अनुमति मांगी गई है। एक-तिहाई चीनी की बिक्री हो जाने पर चीनी मिलें घाटे की स्थिति से उबरकर मुनाफे की स्थिति में पहुंच जाएंगी।