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बिजनौर: मनपरी और मनदूत से अपनी परेशानी साझा करेंगे छात्र
Thu, 09 Feb 2023 12:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 09 Feb 2023 12:07 AM IST
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सप्ताह में एक दिन स्कूल में शिविर लगाएंगे मनोरोग चिकित्सक
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे तनाव से दूर रहने का पाठ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आ रही है विद्यार्थी तनाव से घिर रहे हैं। इसके चलते मनारोग चिकित्सक अब स्कूलों में विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें तनाव से दूर रहने का पाठ पढ़ाएंगे। स्कूलों में मनपरी और मनदूत नियुक्त किए जाएंगे।
जिला अस्पताल में मनकक्ष की शुरूआत की गई है। इसमें मरीजों को परामर्श के साथ-साथ दवाइयां भी दी जा रही हैं। अब यहां तैनात मनोचिकित्सक स्कूलों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों के साथ बातचीत करेंगे। स्कूलों में जांच और जागरूकता कार्यक्रम तीन घंटे चलेगा। शुरू में आधा घंटा सोशल वर्कर साक्षी सिंह विद्यार्थियों से बातचीत करेगी। इसके बाद क्लीनिकल साइक्लोजिस्ट आयुषी दीक्षित विद्यार्थियों को परामर्श देंगी। बाद में आधा घंटा मनोरोग चिकित्सक डॉ. नितिन कुमार मानसिक रोग के लक्षण, कारण और बचाव की जानकारी देंगे। स्कूल में मनपरी और मनदूत के अलावा एक अध्यापक को कॉर्डिनेटर भी बनाया जाएगा। जो तनाव ग्रसित बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल भेजेंगे।
दिमाग से संबंधित प्रतियोगिता का होगा आयोजन-
कार्यक्रम में पोस्टर व अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाएगा। इस प्रतियोगिता के आधार पर जो विद्यार्थी विजेता होगा, उसे उपहार भी दिया जाएगा। साथ ही सबसे अच्छा कार्य करने वाली छात्रा को मनपरी और छात्र को मनदूत बनाया जाएगा।
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प्रपत्र में 20 सवालों के हां और नहीं में पूछे जाएंगे सवाल-
जांच और जागरूकता कार्यकम में सभी विद्यार्थियों को एक प्रपत्र दिया जाएगा। जिसमें 20 सवाल रहेंगे। जिनका उत्तर विद्यार्थियों को हां और नहीं में देना है। ये सवाल बच्चों की दैनिक जरूरत के हैं। उनके सिर में दर्द तो नहीं है। भूख कम तो नहीं लगती है जैसे कई सवाल रहेंगे। सवालों के जवाब से लगता है कि परामर्श की जरूरत है तो उसे परामर्श देने के बाद दवा भी दी जाएगी।
एक स्कूल के लिए 10 हजार रुपये का बजट-
सप्ताह में एक स्कूल में जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। जिसके चलते एक स्कूल में कार्यक्रम के लिए 10 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस बजट से बैनर, पैंफ्लेट्स, सवालो का प्रपत्र सहित कई चीजें शामिल रहेंगी।
वर्जन::
स्कूलों में जांच और जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। स्कूलों में विद्यार्थियों की जांच के साथ-साथ उन्हें तनाव से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा। सवालों का प्रपत्र और सप्ताह के हिसाब से स्कूलों की लिस्ट तैयार की जा रही है।.....डॉ. नितिन कुमार, मनोरोग चिकित्सक, जिला अस्पताल
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कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे तनाव से दूर रहने का पाठ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आ रही है विद्यार्थी तनाव से घिर रहे हैं। इसके चलते मनारोग चिकित्सक अब स्कूलों में विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें तनाव से दूर रहने का पाठ पढ़ाएंगे। स्कूलों में मनपरी और मनदूत नियुक्त किए जाएंगे।
जिला अस्पताल में मनकक्ष की शुरूआत की गई है। इसमें मरीजों को परामर्श के साथ-साथ दवाइयां भी दी जा रही हैं। अब यहां तैनात मनोचिकित्सक स्कूलों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों के साथ बातचीत करेंगे। स्कूलों में जांच और जागरूकता कार्यक्रम तीन घंटे चलेगा। शुरू में आधा घंटा सोशल वर्कर साक्षी सिंह विद्यार्थियों से बातचीत करेगी। इसके बाद क्लीनिकल साइक्लोजिस्ट आयुषी दीक्षित विद्यार्थियों को परामर्श देंगी। बाद में आधा घंटा मनोरोग चिकित्सक डॉ. नितिन कुमार मानसिक रोग के लक्षण, कारण और बचाव की जानकारी देंगे। स्कूल में मनपरी और मनदूत के अलावा एक अध्यापक को कॉर्डिनेटर भी बनाया जाएगा। जो तनाव ग्रसित बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल भेजेंगे।
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दिमाग से संबंधित प्रतियोगिता का होगा आयोजन-
कार्यक्रम में पोस्टर व अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाएगा। इस प्रतियोगिता के आधार पर जो विद्यार्थी विजेता होगा, उसे उपहार भी दिया जाएगा। साथ ही सबसे अच्छा कार्य करने वाली छात्रा को मनपरी और छात्र को मनदूत बनाया जाएगा।
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प्रपत्र में 20 सवालों के हां और नहीं में पूछे जाएंगे सवाल-
जांच और जागरूकता कार्यकम में सभी विद्यार्थियों को एक प्रपत्र दिया जाएगा। जिसमें 20 सवाल रहेंगे। जिनका उत्तर विद्यार्थियों को हां और नहीं में देना है। ये सवाल बच्चों की दैनिक जरूरत के हैं। उनके सिर में दर्द तो नहीं है। भूख कम तो नहीं लगती है जैसे कई सवाल रहेंगे। सवालों के जवाब से लगता है कि परामर्श की जरूरत है तो उसे परामर्श देने के बाद दवा भी दी जाएगी।
एक स्कूल के लिए 10 हजार रुपये का बजट-
सप्ताह में एक स्कूल में जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। जिसके चलते एक स्कूल में कार्यक्रम के लिए 10 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस बजट से बैनर, पैंफ्लेट्स, सवालो का प्रपत्र सहित कई चीजें शामिल रहेंगी।
वर्जन::
स्कूलों में जांच और जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। स्कूलों में विद्यार्थियों की जांच के साथ-साथ उन्हें तनाव से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा। सवालों का प्रपत्र और सप्ताह के हिसाब से स्कूलों की लिस्ट तैयार की जा रही है।.....डॉ. नितिन कुमार, मनोरोग चिकित्सक, जिला अस्पताल