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छात्र-छात्राअों के हाथ में थमाई झाड़ू
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:56 PM IST
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गांव नबावपुरा के प्राइमरी स्कूल में झाडू लगाते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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अफजलगढ़ में गांव नवाबपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से झाड़ू लगवाकर साफ-सफाई कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है। वहीं, शिक्षकों के इस रवैये से बच्चों के अभिभावकों में रोष है।
गांव नवाबपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को बच्चे स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते दिखाई दिए। अभिभावक जफरुद्दीन, नरेश का कहना है कि स्कूल के अध्यापकों को प्रतिदिन बच्चों से झाड़ू लगवाना शगल बन गया है। कई बार इसका विरोध भी किया, लेकिन शिक्षक बच्चों से झाड़ू लगवाने से बाज नहीं आते हैं। ऐसा पहली मर्तबा नहीं हुआ है। पहले भी स्कूल के शिक्षकों की बच्चों से झाड़ू लगवाने की शिकायत मिलती रही हैं।
आरोप है कि गांव में एक महिला सफाई कर्मी है। वह भी सप्ताह में एकाध बार ही गांव में आती है। स्कूल में कभी सफाई करने नहीं जाती है। इस बात को लेकर अभिभावकों ने ग्राम प्रधान से भी शिकायत की थी। परंतु प्रधान ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। साफ सुथरे कपड़े पहनकर आने के बाद भी स्कूल खुलने से पहले बच्चों के हाथ में झाड़ू थमा दी जाती है। बच्चे पहले स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते हैं। बच्चों की प्रार्थना होने के बाद पढ़ाई का कार्य शुरू कराया जाता है। तब तक बच्चों की ड्रेस तक भी धूल जम जाती है। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों से स्कूल के शौचालय तक की गंदगी साफ कराई जाती है।
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उधर मुख्य अध्यापक धर्मवीर सिंह का कहना है कि बच्चों को स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरणा दी जा रही थी। बच्चों से साफ सफाई कराने स्कूल का कोई उद्देश्य नहीं था। उधर बीएसए महेश चंद का कहना है कि वह आज ही आए हैं। बच्चों से सफाई कराने का मामला संज्ञान में नहीं है। एबीएसए से रिपोर्ट मंगाकर जांच कर कार्रवाई होगी।
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गांव नवाबपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को बच्चे स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते दिखाई दिए। अभिभावक जफरुद्दीन, नरेश का कहना है कि स्कूल के अध्यापकों को प्रतिदिन बच्चों से झाड़ू लगवाना शगल बन गया है। कई बार इसका विरोध भी किया, लेकिन शिक्षक बच्चों से झाड़ू लगवाने से बाज नहीं आते हैं। ऐसा पहली मर्तबा नहीं हुआ है। पहले भी स्कूल के शिक्षकों की बच्चों से झाड़ू लगवाने की शिकायत मिलती रही हैं।
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आरोप है कि गांव में एक महिला सफाई कर्मी है। वह भी सप्ताह में एकाध बार ही गांव में आती है। स्कूल में कभी सफाई करने नहीं जाती है। इस बात को लेकर अभिभावकों ने ग्राम प्रधान से भी शिकायत की थी। परंतु प्रधान ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। साफ सुथरे कपड़े पहनकर आने के बाद भी स्कूल खुलने से पहले बच्चों के हाथ में झाड़ू थमा दी जाती है। बच्चे पहले स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते हैं। बच्चों की प्रार्थना होने के बाद पढ़ाई का कार्य शुरू कराया जाता है। तब तक बच्चों की ड्रेस तक भी धूल जम जाती है। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों से स्कूल के शौचालय तक की गंदगी साफ कराई जाती है।
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उधर मुख्य अध्यापक धर्मवीर सिंह का कहना है कि बच्चों को स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरणा दी जा रही थी। बच्चों से साफ सफाई कराने स्कूल का कोई उद्देश्य नहीं था। उधर बीएसए महेश चंद का कहना है कि वह आज ही आए हैं। बच्चों से सफाई कराने का मामला संज्ञान में नहीं है। एबीएसए से रिपोर्ट मंगाकर जांच कर कार्रवाई होगी।