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तेज धारा में बह गया तटबंध
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:41 PM IST
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मंडावर क्षेत्र के ग्राम कुंदनपुर के जंगल में कटान करती गंगा।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में गंगा की तेज धारा से खेतों के कटान को रोकने के लिए लगाए गए तटबंध की बल्लियां भी पानी में बह गई। गंगा ने एक बार फिर से गांव कुंदनपुर और सुक्खापुर के खेतों की ओर कटान शुरू कर दिया है। आंखों के सामने किसान अपने भूखंडों को कटकर गंगा में समाता हुआ देखने को मजबूर हैं।
जुलाई और अगस्त में पहाड़ों पर हुई बारिश से गंगा ने खादर क्षेत्र में उफान मारा था। गंगा की तेज धारा से कई जगह मिट्टी का कटान होना शुरू हो गया था। किनारे पर गंगा के वेग से से कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा गांव कुंदनपुर से सुक्खापुर के बीच तटबंध बनाया गया था। विभाग द्वारा बल्लियों का स्ट्रक्चर गाड़कर उसमें रेत से भरे बोरे भर दिए गए थे।
गांव के निवासी बाबूराम, राजेंद्र, झबरू, सुरेश आदि के अनुसार सिंचाई विभाग द्वारा गाड़ी गई बल्लियां कुछ दिन में ही तेज धारा में बह गई। अब गंगा ने फिर से दोनों गांवों के बीच में कटान शुरू कर दिया है। अब विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी तटबंधों की हालत देखने नहीं आ रहा है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन राकेश शर्मा के अनुसार बल्ली ढाई मीटर गहराई तक गाड़ी जाती है। तेज धारा से बल्लियां गिर जाती हैं। यहां पर दोबारा तटबंध बनवाया जाएगा।
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जुलाई और अगस्त में पहाड़ों पर हुई बारिश से गंगा ने खादर क्षेत्र में उफान मारा था। गंगा की तेज धारा से कई जगह मिट्टी का कटान होना शुरू हो गया था। किनारे पर गंगा के वेग से से कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा गांव कुंदनपुर से सुक्खापुर के बीच तटबंध बनाया गया था। विभाग द्वारा बल्लियों का स्ट्रक्चर गाड़कर उसमें रेत से भरे बोरे भर दिए गए थे।
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गांव के निवासी बाबूराम, राजेंद्र, झबरू, सुरेश आदि के अनुसार सिंचाई विभाग द्वारा गाड़ी गई बल्लियां कुछ दिन में ही तेज धारा में बह गई। अब गंगा ने फिर से दोनों गांवों के बीच में कटान शुरू कर दिया है। अब विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी तटबंधों की हालत देखने नहीं आ रहा है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन राकेश शर्मा के अनुसार बल्ली ढाई मीटर गहराई तक गाड़ी जाती है। तेज धारा से बल्लियां गिर जाती हैं। यहां पर दोबारा तटबंध बनवाया जाएगा।
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