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Bijnor News: कोचिंग सेंटरों पर सख्ती, 17 मानकों पर होगी जांच
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बिजनौर। जिले के कोचिंग संस्थानों पर शिकंजा कसा जाएगा। इस संबंध में गठित तहसील स्तरीय समितियां अब पंजीकृत कोचिंग सेंटरों का 17 बिंदुओं पर गहन निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान भवन की वैधता, सुरक्षा और संचालन व्यवस्था को प्रमुखता से परखा जाएगा।
समितियां यह जांचेंगी कि कोचिंग संस्थान स्वयं के भवन में संचालित हो रहा है या किराये के भवन में। यदि भवन किराये का है तो वैध किरायानामा उपलब्ध है या नहीं, इसका भी सत्यापन किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कोचिंग किस तल पर संचालित हो रही है और कहीं बेसमेंट में तो कक्षाएं नहीं लगाई जा रहीं। शिक्षण व्यवस्था भी जांच के दायरे में रहेगी। समितियां शिक्षकों की संख्या, उनकी शैक्षिक योग्यता और पढ़ाए जा रहे विषयों का मिलान करेंगी। समितियां यह भी सुनिश्चित करेंगी कि कोचिंग संस्थान स्कूल समय के दौरान संचालित न हो रहे हों।
-अग्नि सुरक्षा मानकों पर रहेगा विशेष फोकस
डीआइओएस डीके सक्सेना ने बताया कि पांच सदस्यीय समिति कोचिंग सेंटरों पर अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरे, अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, पेयजल, शौचालय और बिजली व्यवस्था की उपलब्धता को परखा जाएगा। इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था और शुल्क पंजिका के रखरखाव की भी जांच होगी।
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जांच के प्रमुख 17 बिंदु
-भवन स्वयं का है या किराये का
- वैध किरायानामा उपलब्ध है या नहीं
- कोचिंग किस तल पर संचालित हो रही है
- बेसमेंट में संचालन तो नहीं
- शिक्षकों की संख्या और योग्यता
- पढ़ाए जा रहे विषयों का विवरण
- छात्रों की कुल संख्या
- 16 वर्ष से कम आयु के छात्रों का ब्यौरा
- बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर
- अलग प्रवेश और निकास मार्ग
- अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता
- फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था
- सीसीटीवी कैमरों की स्थिति
- शौचालय, बिजली और पेयजल व्यवस्था
- वाहनों की पार्किंग सुविधा
- शुल्क पंजिका का रखरखाव
- स्कूल समय में कोचिंग संचालन की स्थिति
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समितियां यह जांचेंगी कि कोचिंग संस्थान स्वयं के भवन में संचालित हो रहा है या किराये के भवन में। यदि भवन किराये का है तो वैध किरायानामा उपलब्ध है या नहीं, इसका भी सत्यापन किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कोचिंग किस तल पर संचालित हो रही है और कहीं बेसमेंट में तो कक्षाएं नहीं लगाई जा रहीं। शिक्षण व्यवस्था भी जांच के दायरे में रहेगी। समितियां शिक्षकों की संख्या, उनकी शैक्षिक योग्यता और पढ़ाए जा रहे विषयों का मिलान करेंगी। समितियां यह भी सुनिश्चित करेंगी कि कोचिंग संस्थान स्कूल समय के दौरान संचालित न हो रहे हों।
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-अग्नि सुरक्षा मानकों पर रहेगा विशेष फोकस
डीआइओएस डीके सक्सेना ने बताया कि पांच सदस्यीय समिति कोचिंग सेंटरों पर अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरे, अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, पेयजल, शौचालय और बिजली व्यवस्था की उपलब्धता को परखा जाएगा। इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था और शुल्क पंजिका के रखरखाव की भी जांच होगी।
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जांच के प्रमुख 17 बिंदु
-भवन स्वयं का है या किराये का
- वैध किरायानामा उपलब्ध है या नहीं
- कोचिंग किस तल पर संचालित हो रही है
- बेसमेंट में संचालन तो नहीं
- शिक्षकों की संख्या और योग्यता
- पढ़ाए जा रहे विषयों का विवरण
- छात्रों की कुल संख्या
- 16 वर्ष से कम आयु के छात्रों का ब्यौरा
- बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर
- अलग प्रवेश और निकास मार्ग
- अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता
- फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था
- सीसीटीवी कैमरों की स्थिति
- शौचालय, बिजली और पेयजल व्यवस्था
- वाहनों की पार्किंग सुविधा
- शुल्क पंजिका का रखरखाव
- स्कूल समय में कोचिंग संचालन की स्थिति