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बाइक रोकने पर किया था पुलिस पर पथराव
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बाइक रोकने पर किया था पुलिस पर पथराव
बिजनौर। स्योहारा क्षेत्र में डेढ़ साल पहले पुलिस के बाइक सवारों को रोकने पर भीड़ ने खूब तांडव मचाया था। पुलिस पर पथराव करने के साथ लाठी-डंडे बरसाए गए थे। वाहन चेकिंग के दौरान बाइक सवारों को रोकने पर ये बवाल हुआ था। बाइक सवारों ने एक सिपाही को टक्कर मारकर घायल कर दिया था। भीड़ के हमले में भी कई पुलिस कर्मी घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस की ओर से 19 लोगों को नामजद कर 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपी जान बचाने के लिए हाईकोर्ट की शरण में गए थे, लेकिन हाईकोर्ट के चार्जशीट व समन रद्द करने से इंकार कर दिया है।
14 मार्च 2019 की शाम करीब पांच बजे स्योहारा क्षेत्र की सहसपुर पुलिस चौकी के सामने मुख्य आरक्षी राजवीर सिंह, सिपाही अंकित कुमार, विपिन कुमार, संदीप कुमार, राहुल कुमार व यशपाल सिंह के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। उन्हें स्योहारा की ओर से बाइक पर तीन युवक आते दिखाई दिए। पुलिस कर्मियों ने बाइक को रोकने का इशारा किया। बाइक चला रहे युवक ने बाइक की गति कम नहीं की, बल्कि सिपाही अंकित को टक्कर मारकर घायल कर दिया। इस दौरान बाइक भी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। एक युवक मौके से भाग गया। जबकि गांव मेवा नवादा निवासी अलाउद्दीन का 22 साल का पुत्र खुर्शीद व मुन्ने का 21 साल का पुत्र नफीस घायल हो गए। सिपाही अंकित व घायल दोनों युवकों को सीएचसी स्योहारा भेजा गया।
घटना के कुछ देर बाद ही सहसपुर व गांव मेवा नवादा के लोगों की सहसपुर पुलिस चौकी के सामने भीड़ जाम हो गई। भीड़ ने सड़क पर जाम लगा दिया। थाने व सहसपुर चौकी से फोर्स को पुलिस ने जाम लगने पर मौके पर बुला लिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। गांव मेवानवादा निवासी अलीहसन उसके पुत्र जुबैर, शाहबुद्दीन, जानेआलम, यूसुफ, इशरत , फैजुल, गुलरेज, घायल खुर्शीद का भाई व गांव हकीमपुरा निवासी रिहान पुत्र याकूब, नफीस, रिहान पुत्र इरफान, इमरान व सहसपुर निवासी मोनू, उवैद, अतीक व 300 अज्ञात लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ लाठी-डंडे लेकर पुलिस पर टूट पड़ी। जिसमें सिपाही विपिन व यशपाल घायल हो गए। पथराव व लाठी-डंडों के हमले से मौके पर अफरा तफरा मच गई । मुख्य आरक्षी राजवीर की ओर से इस घटना की स्योहारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट लगाकर कोर्ट में दाखिल कर दी थी। आरोपियों ने इस मामले में जान बचाने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली, लेकिन हाईकोर्ट ने समन व चार्जशीट को निरस्त करने से इंकार कर दिया है।
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बिजनौर। स्योहारा क्षेत्र में डेढ़ साल पहले पुलिस के बाइक सवारों को रोकने पर भीड़ ने खूब तांडव मचाया था। पुलिस पर पथराव करने के साथ लाठी-डंडे बरसाए गए थे। वाहन चेकिंग के दौरान बाइक सवारों को रोकने पर ये बवाल हुआ था। बाइक सवारों ने एक सिपाही को टक्कर मारकर घायल कर दिया था। भीड़ के हमले में भी कई पुलिस कर्मी घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस की ओर से 19 लोगों को नामजद कर 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपी जान बचाने के लिए हाईकोर्ट की शरण में गए थे, लेकिन हाईकोर्ट के चार्जशीट व समन रद्द करने से इंकार कर दिया है।
14 मार्च 2019 की शाम करीब पांच बजे स्योहारा क्षेत्र की सहसपुर पुलिस चौकी के सामने मुख्य आरक्षी राजवीर सिंह, सिपाही अंकित कुमार, विपिन कुमार, संदीप कुमार, राहुल कुमार व यशपाल सिंह के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। उन्हें स्योहारा की ओर से बाइक पर तीन युवक आते दिखाई दिए। पुलिस कर्मियों ने बाइक को रोकने का इशारा किया। बाइक चला रहे युवक ने बाइक की गति कम नहीं की, बल्कि सिपाही अंकित को टक्कर मारकर घायल कर दिया। इस दौरान बाइक भी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। एक युवक मौके से भाग गया। जबकि गांव मेवा नवादा निवासी अलाउद्दीन का 22 साल का पुत्र खुर्शीद व मुन्ने का 21 साल का पुत्र नफीस घायल हो गए। सिपाही अंकित व घायल दोनों युवकों को सीएचसी स्योहारा भेजा गया।
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घटना के कुछ देर बाद ही सहसपुर व गांव मेवा नवादा के लोगों की सहसपुर पुलिस चौकी के सामने भीड़ जाम हो गई। भीड़ ने सड़क पर जाम लगा दिया। थाने व सहसपुर चौकी से फोर्स को पुलिस ने जाम लगने पर मौके पर बुला लिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। गांव मेवानवादा निवासी अलीहसन उसके पुत्र जुबैर, शाहबुद्दीन, जानेआलम, यूसुफ, इशरत , फैजुल, गुलरेज, घायल खुर्शीद का भाई व गांव हकीमपुरा निवासी रिहान पुत्र याकूब, नफीस, रिहान पुत्र इरफान, इमरान व सहसपुर निवासी मोनू, उवैद, अतीक व 300 अज्ञात लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ लाठी-डंडे लेकर पुलिस पर टूट पड़ी। जिसमें सिपाही विपिन व यशपाल घायल हो गए। पथराव व लाठी-डंडों के हमले से मौके पर अफरा तफरा मच गई । मुख्य आरक्षी राजवीर की ओर से इस घटना की स्योहारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट लगाकर कोर्ट में दाखिल कर दी थी। आरोपियों ने इस मामले में जान बचाने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली, लेकिन हाईकोर्ट ने समन व चार्जशीट को निरस्त करने से इंकार कर दिया है।
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