यूपी : बिजनौर में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला-पथराव दरोगा की वर्दी फाड़ी 19-17-34
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किरतपुर के गांव चिड़ियापुर उर्फ चांडक तुर्क में शनिवार सुबह 11 बजे एसएसआई मीर हसन और दरोगा साहब सिंह हमराह, सिपाही विपुल को लेकर वारंटी नसीम और उसके पुत्र आजाद को पकड़ने के लिए गांव पहुंचे। घर पर नसीम मिल गया। पुलिस ने नसीम बोंडा को हिरासत में ले लिया। नसीम को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उसके बेटे आजाद के बारे में पूछा। इसी बीच उसका बेटा पुलिस को चकमा देकर भाग चुका था।
नसीम ने भी पुलिस से छूटकर भागने का प्रयास किया। इसी दौरान अचानक नसीम के परिजनों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। पुलिस पर हुए पथराव से गांव में अफरातफरी मच गई। इतना ही नहीं पुलिस की गिरफ्त से नसीम को छुड़ाने के लिये परिजनों ने लाठी-डंडे और भाले से जानलेवा हमला भी किया। पुलिस ने साहस दिखाते हुए नसीम को नहीं छोड़ा। महिलाओं ने दरोगा की वर्दी फाड़ दी। पुलिस आरोपी को पकड़े रही और इधर उधर छिपकर अपनी जान बचाई। हमले में सिपाही विपुल घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, एसएसआई मीरहसन और एसआई साहब सिंह भी घायल हो गए।
एसएसआई ने थाने में सूचना दी। जिस पर थाना प्रभारी भारी पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे, लेकिन तब तक हमला करने वाले आरोपी घर छोड़कर भाग चुके थे। सीओ गजेंद्र पाल ने भी गांव पहुंचकर मौका मुआयना किया और घटना की जानकारी ली। किरतपुर पुलिस ने हमले में शामिल तीन महिलाओं सहित नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वांछित अभियुक्त नसीम बोंडा को गिरफ्तार कर लिया गया।
साल 2016 में भी किया था पुलिस टीम पर हमला
जिस बाप-बेटे को पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची थी, वे पुलिस टीम पर पहले भी हमला कर चुके हैं। जिस केस में कोर्ट से वारंट जारी हुए हैं, वह केस भी पुलिस टीम पर हमले का ही है। अब फिर से हमला किया गया। नसीम उर्फ बोंडा और उसका बेटा 2016 में पुलिस पार्टी पर किए एक हमले के मुकदमे में न्यायालय से वांछित चल रहे थे। नसीम शातिर अपराधी है। उस पर थाना किरतपुर सहित अन्य थाने में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

किरतपुर के गांव चिडियापुर में पुलिस द्वारा पकड़ा गया नसीम बोड़ा।- फोटो : BIJNOR