भागवत कथा के श्रवण से मिलता है पुण्य
नांगलसोती/नजीबाबाद। नांगलसोती के बरकातपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें और अंतिम दिन कथा वाचक अमरीष महाराज ने भक्त सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष एवं कृष्ण भगवान के परमधाम गमन की कथा सुनाई।
कथा वाचक अमरीष महाराज ने कहा सुदामा बहुत ही गरीब थे फिर भी वह अपने सखा भगवान श्रीकृष्ण से कुछ मांगने नहीं जाते थे। सुदामा जी निष्काम भक्ति के प्रतीक हैं। इसलिए न तो सुदामा ने भगवान श्रीकृष्ण से कुछ मांगा और न ही भगवान ने सुदामा को कुछ दिया। सुदामा से मिलने के बाद भगवान श्रीकृष्ण के आंसू नहीं थम रहे थे। इस अवसर पर कथा संयोजक ललित राजपूत, मीना राजपूत, बृजेश राजपूत, हितेश राजपूत, कविराज, योगेंद्र आदि मौजूद रहे।