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घरोनी का विरोध कर रहे कुछ लोग
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घरोनी का विरोध कर रहे कुछ लोग
कासमपुर गढ़ी। पंचायती राज विभाग की ओर से संचालित स्वामित्व योजना घरोनी पर हल्का लेखपालों ने कार्य करना शुरू कर दिया है। लेकिन एक समुदाय के लोग इसे एनआरसी से जोड़ कर देख रहे हैं। इससे हल्का लेखपालों को सर्वेक्षण कार्य करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हल्का लेखपाल शीशराम सिंह ने बताया कि नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर उनके स्वामित्व संबंधी अभिलेख तैयार करने के लिए घरोनी का सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है। कुछ लोग इसे एनआरसी से जोड़ कर देख रहे हैं। बताया कि यह गांव वालों के लिए बहुत ही लाभकारी योजना है अब तक गांवों में लोगों के पास आबादी दर्ज भूमि का कोई भी मालिकाना हक नहीं है। वे पीढ़ी दर पीढ़ी बंटवारे करते आ रहे थे। राजस्व रिकॉर्ड में भी किसी का नाम दर्ज नहीं है। अब केंद्र सरकार ने लोगों को मालिकाना हक देने के लिए स्वामित्त योजना शुरू की है। मालिकाना हक मिलने पर मकान स्वामी अपने मकान पर बैैंक से कर्ज भी ले सकेंगे। हल्का लेखपाल ने ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि सभी लोग अपना ब्यौरा अवश्य भरवा दें। तहसीलदार रमेश चौहान का कहना है कि घरौनी बनवाने में गांव वाले किसी भी भ्रम में न रहें। यह केवल घर के मालिकाना हक के बारे में अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। इससे मकान स्वामियों को बहुत फायदा होगा और वे कृषि भूमि की तरह मकान पर भी ऋण ले सकेंगे। घरोनी बनने पर किसी के मकान आदि पर कोई अवैध कब्जा भी नहीं कर सकता है।
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कासमपुर गढ़ी। पंचायती राज विभाग की ओर से संचालित स्वामित्व योजना घरोनी पर हल्का लेखपालों ने कार्य करना शुरू कर दिया है। लेकिन एक समुदाय के लोग इसे एनआरसी से जोड़ कर देख रहे हैं। इससे हल्का लेखपालों को सर्वेक्षण कार्य करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हल्का लेखपाल शीशराम सिंह ने बताया कि नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर उनके स्वामित्व संबंधी अभिलेख तैयार करने के लिए घरोनी का सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है। कुछ लोग इसे एनआरसी से जोड़ कर देख रहे हैं। बताया कि यह गांव वालों के लिए बहुत ही लाभकारी योजना है अब तक गांवों में लोगों के पास आबादी दर्ज भूमि का कोई भी मालिकाना हक नहीं है। वे पीढ़ी दर पीढ़ी बंटवारे करते आ रहे थे। राजस्व रिकॉर्ड में भी किसी का नाम दर्ज नहीं है। अब केंद्र सरकार ने लोगों को मालिकाना हक देने के लिए स्वामित्त योजना शुरू की है। मालिकाना हक मिलने पर मकान स्वामी अपने मकान पर बैैंक से कर्ज भी ले सकेंगे। हल्का लेखपाल ने ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि सभी लोग अपना ब्यौरा अवश्य भरवा दें। तहसीलदार रमेश चौहान का कहना है कि घरौनी बनवाने में गांव वाले किसी भी भ्रम में न रहें। यह केवल घर के मालिकाना हक के बारे में अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। इससे मकान स्वामियों को बहुत फायदा होगा और वे कृषि भूमि की तरह मकान पर भी ऋण ले सकेंगे। घरोनी बनने पर किसी के मकान आदि पर कोई अवैध कब्जा भी नहीं कर सकता है।
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