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Bijnor News: घर के अंदर ही सोना, बाहर गुलदार जाग रहा है...

Sat, 21 Sep 2024 04:49 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 04:49 AM IST
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Sleeping inside the house, the gardener is awake outside...
जिले के 90 गांवों में गुलदार की दहशत, शाम ढलते ही सड़कें हो जाती हैं सूनी
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हाथ में डंडा और टार्च लिए गांव में पहरा लगाते हैं युवा
वन विभाग की टीम भी रात में लगा रही गश्त, कर रही सतर्क

रजनीश त्यागी
बिजनौर। कभी कच्छे बनियान वाले चोरों के डर से गांवों में पहरा लगता था। वहीं, अब गुलदार के डर ने लोगों की नींद उड़ा दी है। जिले के 90 से ज्यादा गांवों में गुलदार की दहशत है। यहां शाम ढलते ही सड़कें सूनी हो जाती हैं। युवा हाथ में डंडा, टार्च लिए गांव में पहरा लगाते दिख रहे हैं। अब रात में एनाउंस हो रहा है कि घर के अंदर ही सोना, बाहर गुलदार जाग रहा है...। कुछ ऐसे ही गांवों के हालातों में पर शाम के समय की लाइव हालात पर स्टोरी....

गांव बागड़पुर: शाम सात बजे
चांदपुर तहसील का गांव बागड़पुर है। बृहस्पतिवार की शाम सात बजे इस गांव की सड़कों पर सन्नाटा छाया हुआ था। घरों के दरवाजे बंद थे। इस गांव में कुछ समय पहले ही गुलदार ने ब्रजपाल सैनी की जान ले ली थी। इसका डर अभी भी लोगों के मन में बसा हुआ है। चौधरी वीर सिंह का कहना है कि शाम से ही गांव में सन्नाटा छा जाता है। गुलदार के भय से लोग बच्चे शाम को घर से बाहर नहीं निकलते हैं।
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गांव: केलनपुर: समय : शाम 7.15 बजे
चांदपुर तहसील के गांव केलनुपुर में शाम करीब सवा सात बजे ही सन्नाटा छाया हुआ था। बच्चे घरों के अंदर थे। बड़े लोगों ने भी जरूरी काम निपटाकर घर के दरवाजे बंद कर लिए थे। प्रधान राजीव कुमार तोमर का कहना है कि बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने और लाने के लिए अभिभावकों को जाना पड़ रहा है। शाम छह बजे से ही बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने देते हैं। उधर, पास के ही गांव तालिबपुर निवासी किसान अनिल कुमार का कहना है किगुलदार के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने जाने के लिए किसान एकत्र होकर जाते हैं।
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गांव बूंदरा कला: छह बजे
चांदपुर तहसील का गांव बूंदरा कला के गांव में भी लोग शाम होने से पहले ही घरों में पहुंच रहे हैं। बाहर जाना पड़ रहा है तो टोलियां बनाकर जाने लगे हैं। नरेश सिंह का कहना है कि गुलदार के आतंक से शाम पांच छह बजे ही घर में कैद हो जाते हैं। किसान तेजपाल सिंह का कहना है कि शासन प्रशासन को गुलदार के आतंक से निजात दिलानी चाहिए। किसान गुलदार के कारण भयभीत है।


गांव बाकर नगला: समय: शाम 7.30 बजे
कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम बाकर नगला में गुलदार ने कुछ समय पहले ही मनवीर को घायल कर दिया था। इसका खौफ पूरे गांव के लोगों में है। गांव के पास पिंजरा भी लगाया गया। अब हालात यह है कि बच्चे और बुजुर्गों को शाम होते ही घरों में ले जाते हैं। युवा हाथ में डंडे और बरछी लेकर गांव में गश्त करते हैं।




वन विभाग की टीम कर रही गश्त
संवेदनशील गांवों में वन विभाग की टीम गश्त कर ही है। शाम के समय घरों से बाहर सोने वालों सचेत किया जा रहा है। साथ ही एनाउंसमेंट कराए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रभावित गांवों में पंपलेट, पोस्टर लगवाए जा रहे हैं, ताकि लोग गुलदार को लेकर सचेत रहें। - ज्ञान सिंह, डीएफओ
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