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जजी के बाहर से छह लोग असलहा के साथ गिरफ्तार
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बिजनौर। पुलिस ने बुधवार को जजी के बाहर से स्कार्पियों कार में सवार छह लोगों को असलहा के साथ गिरफ्तार किया है। इस दौरान तीन लोग मौके से फरार हो गए। किरतपुर चेयरमैन अब्दुल मन्नान ने भी बुधवार को ही गैंगेस्टर और गोकशी के एक मामले में कोर्ट में समर्पण किया था और पकड़े गए लोगों से उनकी रंजिश चली आ रही है। अब्दुल मन्ना के बहनोई और भांजे के हत्यारोपी शाहनवाज की एक साल पहले कोर्ट में हत्या कर दी गई थी। गिरफ्तार लोगों में एक शाहनवाज का भाई भी है। दोनों पक्षों के बीच चली आ रही रंजिश को देखते आशंका जताई जा रही है कि कहीं गिरफ्तार लोगों का मकसद अब्दुल मन्नान की हत्या करना तो नहीं था।
जजी के बाहर असलाह के साथ लोगों के पकड़े जाने की सूचना से हड़कंप मच गया। जजी के बाहर खड़ी स्कार्पियों कार में सवार जिन छह बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया उनमें नजीबाबाद थाने के गांव कनकपुर निवासी शाहनवाज के भाई सुहैल, मंडावली थाने के गांव जटपुरा निवासी कौशल, कोटकादर निवासी अकरम, नगीना देहात थाने के गांव किशनपुर निवासी रियाजुल, नजीबाबाद थाने के गांव मौजमपुर सादात निवासी संदीप और भूरा है। शाहनवाज का एक अन्य भाई शाह आलम, ओवेस व नवाब मौके से भाग निकले। पुलिस को कार से छह तमंचे व अन्य हथियार मिले हैं। पुलिस पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ करने में जुटी है। एसपी सिटी डा.प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ की जा रही है। पूरे मामले की जांच चल रही है। पकड़े गए लोग बता रहे हैं कि शाहआलम के मुकदमे की तारीख थी और ये तारीख पर आए थे। अभी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई ये लोग अब्दुल मन्नान की हत्या करने आए थे। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
हाजी अहसान हत्याकांड से शुरू हुई दोनों गैंग में दुश्मनी
शाहनवाज गैंग ने 28 मई 2018 को नजीबाबाद में प्रॉपर्टी के विवाद में प्रॉपर्टी डीलर बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की उनके ऑफिस में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हाजी अहसान चेयरमैन अब्दुल मन्नान का बहनोई था। दिल्ली पुलिस ने अहसान की हत्या में शामिल शाहनवाज व अब्दुल जब्बार समेत कई लोगों को एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था।18 दिसंबर 2019 को पुलिस शाहनवाज व अब्दुल जब्बार को सीजेएम कोर्ट में लाई थी। हाजी अहसान की दूसरी पत्नी रिजवाना के बेटे साहिल, किरतपुर के मोहल्ला राघड़ान निवासी अफराज, शामली जिले के लोनीखेड़ा निवासी सुमित ने सीजेएम कोर्ट में ही शाहनवाज की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। जब्बार वहां से भाग निकला था। कोर्ट में मौजूद हैड मोहर्रिर मनीष ने एक शूटर को दबोचने की कोशिश की तो उस पर भी तीनों गोली चला दी। मनीष व विकासनगर बटालियन दिल्ली का सिपाही संजीव भी गोली लगने से घायल हुए थे। पुलिस ने तीनों शूटरों को मौके से ही दबोच लिया था। शाहनवाज की हत्या के बाद चेयरमैन अब्दुल मन्नान शाहनवाज गैंग के निशाने पर आ गए थे।
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अब्दुल मन्नान ने लगाई थी पुलिस से सुरक्षा की गुहार
किरतपुर चेयरमैन ने अब्दुल मन्ना ने समर्पण बहुत ही गुपचुप तरीके से किया था, किसी को इसकी भनक नहीं लगने दी थी। लेकिन जिस तरह से शाहनवाज पक्ष के लोग जजी के बाहर जमा थे, उससे लगा रहा है कि कहीं न कहीं उन्हें इसकी भनक लग गई थी। अब्दुल मन्नान शाहनवाज के भाई शाह आलम, ओवेस और सोहेल से अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस को बताया था कि दूसरा पक्ष हथियार जमा कर रहा है। उसने से पुलिस से सुरक्षा भी मांगी थी।
इस मामले में समर्पण किया था अब्दुल मन्नान ने
किरतपुर नगर पालिका के चेयरमैन अब्दुल मन्नान के बाग में 18 सितंबर 2020 को पुलिस ने छापा मारकर गोकशी पकड़ी थी। पुलिस ने मौके से मोहल्ला लुकमानपुरा निवासी मोहम्मद हारून, मोहम्मद आमिर, मोहम्मर हारून, मोहल्ला मीठा शहीद निवासी तारिक, ताजिर, तालिब को दबोचा था। नगर पालिका के चेयरमैन अब्दुल मन्नान, मीठा शहीद निवासी अतीक कुरैशी, फरीद, गांव लाडपुरा निवासी बाशिद फरार हो गए थे। पुलिस ने मौके से चार गाय, तीन भैंस, चार कटरे, मृत पशुओं के अवशेष और एक तमंचा बरामद किया था। इस मामले में गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। अब्दुल मन्नान पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मन्नान हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे ले आया था। अब अब्दुल मन्नान ने बुधवार को गुपचुप तरीके से गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। अब्दुल मन्नान के विरोधी शाहनवाज गैंग को उनके आत्मसमर्पण करने का पता था और कोर्ट से जेल ले जाए जाने के दौरान उसकी हत्या की साजिश रची गई थी।
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जजी के बाहर असलाह के साथ लोगों के पकड़े जाने की सूचना से हड़कंप मच गया। जजी के बाहर खड़ी स्कार्पियों कार में सवार जिन छह बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया उनमें नजीबाबाद थाने के गांव कनकपुर निवासी शाहनवाज के भाई सुहैल, मंडावली थाने के गांव जटपुरा निवासी कौशल, कोटकादर निवासी अकरम, नगीना देहात थाने के गांव किशनपुर निवासी रियाजुल, नजीबाबाद थाने के गांव मौजमपुर सादात निवासी संदीप और भूरा है। शाहनवाज का एक अन्य भाई शाह आलम, ओवेस व नवाब मौके से भाग निकले। पुलिस को कार से छह तमंचे व अन्य हथियार मिले हैं। पुलिस पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ करने में जुटी है। एसपी सिटी डा.प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ की जा रही है। पूरे मामले की जांच चल रही है। पकड़े गए लोग बता रहे हैं कि शाहआलम के मुकदमे की तारीख थी और ये तारीख पर आए थे। अभी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई ये लोग अब्दुल मन्नान की हत्या करने आए थे। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
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हाजी अहसान हत्याकांड से शुरू हुई दोनों गैंग में दुश्मनी
शाहनवाज गैंग ने 28 मई 2018 को नजीबाबाद में प्रॉपर्टी के विवाद में प्रॉपर्टी डीलर बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की उनके ऑफिस में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हाजी अहसान चेयरमैन अब्दुल मन्नान का बहनोई था। दिल्ली पुलिस ने अहसान की हत्या में शामिल शाहनवाज व अब्दुल जब्बार समेत कई लोगों को एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था।18 दिसंबर 2019 को पुलिस शाहनवाज व अब्दुल जब्बार को सीजेएम कोर्ट में लाई थी। हाजी अहसान की दूसरी पत्नी रिजवाना के बेटे साहिल, किरतपुर के मोहल्ला राघड़ान निवासी अफराज, शामली जिले के लोनीखेड़ा निवासी सुमित ने सीजेएम कोर्ट में ही शाहनवाज की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। जब्बार वहां से भाग निकला था। कोर्ट में मौजूद हैड मोहर्रिर मनीष ने एक शूटर को दबोचने की कोशिश की तो उस पर भी तीनों गोली चला दी। मनीष व विकासनगर बटालियन दिल्ली का सिपाही संजीव भी गोली लगने से घायल हुए थे। पुलिस ने तीनों शूटरों को मौके से ही दबोच लिया था। शाहनवाज की हत्या के बाद चेयरमैन अब्दुल मन्नान शाहनवाज गैंग के निशाने पर आ गए थे।
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अब्दुल मन्नान ने लगाई थी पुलिस से सुरक्षा की गुहार
किरतपुर चेयरमैन ने अब्दुल मन्ना ने समर्पण बहुत ही गुपचुप तरीके से किया था, किसी को इसकी भनक नहीं लगने दी थी। लेकिन जिस तरह से शाहनवाज पक्ष के लोग जजी के बाहर जमा थे, उससे लगा रहा है कि कहीं न कहीं उन्हें इसकी भनक लग गई थी। अब्दुल मन्नान शाहनवाज के भाई शाह आलम, ओवेस और सोहेल से अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस को बताया था कि दूसरा पक्ष हथियार जमा कर रहा है। उसने से पुलिस से सुरक्षा भी मांगी थी।
इस मामले में समर्पण किया था अब्दुल मन्नान ने
किरतपुर नगर पालिका के चेयरमैन अब्दुल मन्नान के बाग में 18 सितंबर 2020 को पुलिस ने छापा मारकर गोकशी पकड़ी थी। पुलिस ने मौके से मोहल्ला लुकमानपुरा निवासी मोहम्मद हारून, मोहम्मद आमिर, मोहम्मर हारून, मोहल्ला मीठा शहीद निवासी तारिक, ताजिर, तालिब को दबोचा था। नगर पालिका के चेयरमैन अब्दुल मन्नान, मीठा शहीद निवासी अतीक कुरैशी, फरीद, गांव लाडपुरा निवासी बाशिद फरार हो गए थे। पुलिस ने मौके से चार गाय, तीन भैंस, चार कटरे, मृत पशुओं के अवशेष और एक तमंचा बरामद किया था। इस मामले में गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। अब्दुल मन्नान पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मन्नान हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे ले आया था। अब अब्दुल मन्नान ने बुधवार को गुपचुप तरीके से गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। अब्दुल मन्नान के विरोधी शाहनवाज गैंग को उनके आत्मसमर्पण करने का पता था और कोर्ट से जेल ले जाए जाने के दौरान उसकी हत्या की साजिश रची गई थी।