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विटामिन सी की ओवरडोज कर रही बीमार
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विटामिन सी की ओवरडोज कर रही बीमार
बिजनौर। यदि आप स्वस्थ हैं और फिर अचानक दस्त, पेट के निचले हिस्से में दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव के लक्षण दिख रहे हैं तो संभल जाइए। यह लक्षण बिना चिकित्सीय सलाह के ली जा रही विटामिन सी की टेबलेट से भी हो सकते हैं। इन दिनों चिकित्सकों के पास ऐसे मरीज भी आ रहे हैं, जिनमें यह लक्षण दिख रहे हैं।
हाइपर विटामिनोशिप से शिकार हो रहे लोग शहर के जाने माने बाल रोग विशेष डॉ. सिद्धार्थ सिंह कहते हैं कि इन दिनों बीमारियों से बचने के लिए लोग विटामिन सी की टेबलेट ले रहे हैं। ऐसे में हाइपर विटामिनोशिप होने का खतरा बढ़ गया है। इसलिए जिंक 20 एमजी की डोज 14 दिन से ज्यादा नहीं ली जानी चाहिए। विटामिन सी प्राकृतिक स्रोत जैसे नींबू, संतरा, खट्टे फल से लें तो बेहतर है। टेबलेट से बीमार पड़ने की स्थिति में ही सलाह पर लेना चाहिए। इन दिनों देखने में आ रहा है लोग खुद मास्क लगा रहे हैं, बच्चों को नहीं लगाते। उन्हें भी मास्क लगाएं। शरीर में विटामिन सी की कमी के मुख्य तौर पर मसूड़ों में सूजन और दांतों खराब होना, दांतों में रक्तस्राव होने जैसे लक्षण आने लगते हैं। प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। आयरन के अवशोषण की कमी के कारण एनीमिया। हड्डियों में दर्द आदि भी होने लगता है।
विटामिन सी की ओवरडोज का नुकसान
प्राकृतिक स्रोत से मिला विटामिन सी नुकसान नहीं करता, लेकिन टेबलेट के माध्यम से लिया गया विटामिन सी अधिक होने पर नुकसान करता है। इसमें कई लक्षण आते हैं। साधारण तौर पर दस्त होना, मतली होना, पेट में दर्द, गैस बनना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना आदि शामिल हैं। गंभीर मामलों में खून में आयरन की मात्रा बढ़ना, जिससे दिल की मांसपेशियों को भी नुकसान हो सकता है। किडनी में स्टोन भी बन सकते हैं, मांसपेशियों में दर्द होने जैसे लक्षण भी आने लगते हैं।
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बिजनौर। यदि आप स्वस्थ हैं और फिर अचानक दस्त, पेट के निचले हिस्से में दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव के लक्षण दिख रहे हैं तो संभल जाइए। यह लक्षण बिना चिकित्सीय सलाह के ली जा रही विटामिन सी की टेबलेट से भी हो सकते हैं। इन दिनों चिकित्सकों के पास ऐसे मरीज भी आ रहे हैं, जिनमें यह लक्षण दिख रहे हैं।
हाइपर विटामिनोशिप से शिकार हो रहे लोग शहर के जाने माने बाल रोग विशेष डॉ. सिद्धार्थ सिंह कहते हैं कि इन दिनों बीमारियों से बचने के लिए लोग विटामिन सी की टेबलेट ले रहे हैं। ऐसे में हाइपर विटामिनोशिप होने का खतरा बढ़ गया है। इसलिए जिंक 20 एमजी की डोज 14 दिन से ज्यादा नहीं ली जानी चाहिए। विटामिन सी प्राकृतिक स्रोत जैसे नींबू, संतरा, खट्टे फल से लें तो बेहतर है। टेबलेट से बीमार पड़ने की स्थिति में ही सलाह पर लेना चाहिए। इन दिनों देखने में आ रहा है लोग खुद मास्क लगा रहे हैं, बच्चों को नहीं लगाते। उन्हें भी मास्क लगाएं। शरीर में विटामिन सी की कमी के मुख्य तौर पर मसूड़ों में सूजन और दांतों खराब होना, दांतों में रक्तस्राव होने जैसे लक्षण आने लगते हैं। प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। आयरन के अवशोषण की कमी के कारण एनीमिया। हड्डियों में दर्द आदि भी होने लगता है।
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विटामिन सी की ओवरडोज का नुकसान
प्राकृतिक स्रोत से मिला विटामिन सी नुकसान नहीं करता, लेकिन टेबलेट के माध्यम से लिया गया विटामिन सी अधिक होने पर नुकसान करता है। इसमें कई लक्षण आते हैं। साधारण तौर पर दस्त होना, मतली होना, पेट में दर्द, गैस बनना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना आदि शामिल हैं। गंभीर मामलों में खून में आयरन की मात्रा बढ़ना, जिससे दिल की मांसपेशियों को भी नुकसान हो सकता है। किडनी में स्टोन भी बन सकते हैं, मांसपेशियों में दर्द होने जैसे लक्षण भी आने लगते हैं।
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