फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Sharp arrows of words are piercing the peace of the mind.

Bijnor News: शब्दों के तीखे बाण भेद रहे मन का सुकून

Tue, 08 Sep 2026 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
Sharp arrows of words are piercing the peace of the mind.
- तानों और तकरार से रिश्तों के तनाव से बढ़ी मानसिक परेशानी
विज्ञापन

- पति की बेरुखी ने बढ़ाई बेचैनी, रिश्तों की कलह से बिगड़ रही मनोदशा
- मेडिकल कॉलेज के मनकक्ष में हर सप्ताह तीन से चार महिलाएं इस समस्या की पहुंच रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। घर में होने वाली तकरार का असर अब रिश्तों की चहारदीवारी से निकलकर महिलाओं के मन तक पहुंच रहा है। पति की बेरुखी, लगातार ताने, उपेक्षा और आपसी कलह से कई महिलाएं उदासी, चिंता और बेचैनी से जूझ रही हैं। मेडिकल कॉलेज के मनकक्ष में हर सप्ताह तीन से चार महिलाएं वैवाहिक रिश्तों में तनाव के कारण मानसिक परेशानी लेकर पहुंच रहीं हैं।
मानसिक परेशानी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। परिवार में पति-पत्नी के बीच हो रहे मनमुटाव को मानसिक बीमारी नहीं कहा जा सकता है लेकिन जब यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर व्यक्ति के व्यवहार, नींद, भूख, कामकाज या रोजमर्रा के जीवन पर पड़ता है। मेडिकल कॉलेज के मनकक्ष में भी ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें उदासी, घबराहट, तनाव जैसी समस्या सामने उभर कर आ रही है।
विज्ञापन

काउंसिलिंग में पता चला कि इनकी मानसिक परेशानी के पीछे उनके वैवाहिक रिश्तों में चल रहा तनाव प्रमुख कारण है। मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन कुमार का कहना है कि डॉ. विश्वासघात के बाद व्यक्ति के भीतर पैदा हुई असुरक्षा और भरोसे की कमी महिलाओं को बार-बार सोचने के लिए मजबूर कर रही है। यही वजह है कि महिलाओं में चिंता और उदासी बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस एक
बिजनौर निवासी एक महिला के पति का दूसरी महिला से संबंध था। उसके पति ने सफाई दी कि उस पर किसी ने काला जादू कर दिया था। धार्मिक प्रवृत्ति की महिला होने से उसने पति की इस बात पर विश्वास कर लिया। लेकिन उसके मन से पति को लेकर संदेह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। उसे बार-बार यह चिंता रहती थी कि पति कहीं किसी और से बात तो नहीं कर रहा है।

केस दो
बिजनौर निवासी महिला का पति उसके प्रति सहयोगी नहीं था। वह अक्सर उसे तू किसी काम की नहीं है कहकर नीचा दिखाता था। इन्हीं आलोचनात्मक बातों से महिला मानसिक परेशानी से जूझ रही है। उसका पति उसे इलाज के लिए भी नहीं ले जाना चाहता है। महिला लगातार रोती रहती थी। उसका आत्मविश्वास काफी कम गया। काउंसिलिंग के दौरान महिला में अवसाद और चिंता से जुड़े लक्षण पाए गए।

--- इन लक्षणों के से पहचानें मानसिक परेशानी
-बिना स्पष्ट कारण बार-बार उदास रहना या रोना
-छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन या गुस्सा
-हर समय चिंता या बेचैनी में रहना
-आत्मविश्वास में अचानक कमी आना
-खुद को दोष देना या बेकार समझना
-पार्टनर के व्यवहार को लेकर लगातार परेशान रहना
-परिवार और दोस्तों से दूरी बनाना
-पहले पसंद आने वाली चीजों में रुचि खत्म होना
-नींद या भूख में बदलाव
-लगातार थकान महसूस होना
-किसी काम में मन न लगना या निर्णय लेने में कठिनाई
---- मानसिक परेशानी से बचाव को परिवार का सहयोग जरूरी
वैवाहिक विवादों के मामलों में परिवार का रवैया इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। परिवार के लोगों को उसकी बात को ध्यान से सुनना चाहिए। उसकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें। साथ ही जरूरत पड़ने पर उसे मनोचिकित्सक के पास लेकर जाएं।


वर्जन :
रिश्ते में समस्या होना और मानसिक बीमारी होना एक ही बात नहीं है। लेकिन लंबे समय तक चलने वाला भावनात्मक तनाव मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। समय रहते पहचान, परिवार का सहयोग से व्यक्ति को उदासी और चिंता से बाहर निकाल सकते हैं। मेडिकल कॉलेज में इस समस्या के मरीज पहुंच रहे हैं। - डॉ. नितिन कुमार, मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed