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Bijnor News: शंकराचार्य ने राम मंदिर प्रकरण में एसआईटी गठन पर उठाए सवाल

Tue, 23 Jun 2026 01:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 01:05 AM IST
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Shankaracharya raises questions on formation of SIT in Ram Temple case
बोले- प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ा है ट्रस्ट, एसआईटी क्या रिपोर्ट देगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना (बिजनौर)। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में हुई गड़बड़ी के मामले में सरकार द्वारा एसआईटी गठन को लीपापोती करार दिया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ा है, उसके खिलाफ एसआईटी के अधिकारी क्या रिपोर्ट दे सकते हैं?
सोमवार की शाम नजीबाबाद से नगीना पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सपा व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने समर्थकों के साथ जोरदार स्वागत किया। शंकराचार्य ने कहा कि वह गोमाता की रक्षा के लिए निकले हैं तथा उसके लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने मौजूद लोगों को गोमाता को माता घोषित करने की शपथ भी दिलाई। मीडिया द्वारा राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी की आ रही खबरों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में शंकराचार्य ने कहा कि आप लोगों ने पहली बार इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गड़बड़ी तो बहुत दिनों से चल रही थी।
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ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के उस बयान पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया जिस पर उन्होंने कहा था कि ऑडिट में कोई उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई है। उन्होंने मंदिर की देखभाल के लिए सरकार द्वारा ट्रस्ट के गठन में अपने खास लोगों को तवज्जो देने का आरोप भी लगाया है। सरकार द्वारा मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी की जांच के लिए एसआईटी के गठन के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ने संतों की कमेटी क्यों गठित नहीं की है। जब उनसे पूछा गया कि इन सारे मामले में आप किसे दोषी मानते हैं तो उन्होंने कहा कि जिसके आदेश पर वहां सब कुछ चल रहा है, वही जिम्मेदार हैं।
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उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में उन लोगों को स्थान मिलना चाहिए था, जिन्होंने मंदिर का कोर्ट से निर्णय आने के समय पैरवी की थी। चाहे वह शंकराचार्य हो या धर्माचार्य हों। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को ट्रस्ट में स्थान मिलना चाहिए था, जिनको मंदिर की देखभाल करने का अनुभव था। शंकराचार्य का स्वागत करने वालों में स्थानीय सपा विधायक मनोज पारस, धर्मेंद्र पारस, अक्षेश पारस, कांग्रेस जिला अध्यक्ष हैनरीता राजीव सिंह, सेवानिवृत आईएएस आरके सिंह, आलोक चौधरी, संजीव चौधरी, शेख मोहम्मद अंजार आदि मौजूद रहे।
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