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आत्मनिर्भरता.. लगाएंगे मेडिकल इक्विपमेंट इकाई
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मनी खन्ना।
- फोटो : BIJNOR
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आत्मनिर्भरता: लगेंगे मेडिकल उपकरण उद्योग, बढ़ेंगे अवसर
बिजनौर। आपदा को अवसर बनाने और लोकल के लिए वोकल बनने के फार्मूले पर आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर बिजनौर जिले के उद्यमियों में जागरूकता बढ़ी है। अब जिले के उद्यमी उद्योग लगाने में जोखिम उठाने को तैयार हैं। काष्ठकला, कंप्यूटर सेंटर के अलावा पहली बार जिले में मेडिकल इक्विपमेंट (सिरिंज, मास्क, बैंडेज आदि) बनाना चाहते हैं। ऐसे उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमियों ने ऋण को आवेदन भी किए हैं। यह जिले के लिए सकारात्मक संदेश है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
जिले को चीनी, गुड़ और काष्ठ कला उद्योग के लिए जाना जाता है। गुड़ और चीनी उद्योग तो सीधे खेती से जुड़े हैं। उद्योगों की स्थापना के लिए जिला उद्योग केंद्र से ऋण भी दिलाया जाता है। आमतौर पर काष्ठकला, दुग्ध प्रोसेसिंग यूनिट, कंप्यूटर सेंटर, हार्डवेयर वर्क, सैलून, ब्यूटी पार्लर आदि के लिए ही ऋण के आवेदन करते हैं। एक तरह से उद्यमियों में कोई काम करने शुरू करने के लिए ये परंपरागत व्यवसाय के रूप में स्थापित हो गए हैं। लेकिन जिले के उद्यमी पहली बार मेडिकल से जुड़े सामान के उत्पादन के लिए ऋण लेने को आवेदन किया जा रहा है। जिले के 20 से ज्यादा उद्यमियों ने जिला उद्योग केंद्र में मास्क, सिरिंज, बैंडेज आदि बनाने के लिए कारखाना लगाने को ऋण मांगा है। कुछ उद्यमियों ने पीपीई किट लगाने के संबंध में भी विभाग के अफसरों से बात की है। पुरानी परंपराओं को तोड़कर काफी लोग नए उद्योग लगाने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। जिले में हर साल लगने वाले उद्योगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
कोट
- उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं: रस्तौगी
जिला उद्योग केंद्र की उपायुक्त अमिता वर्मा रस्तौगी का कहना है कि जिले में उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। उद्योग में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है, जो भी प्रोजेक्ट प्रशासन के मानकों पर खरे उतरेंगे, उन्हें ऋण दिलाया जाएगा और बढ़ावा दिलाया जाएगा।
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- उद्योगों के साथ बढ़ेंगे रोजगार : गोयल
- इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के बिजनौर चैप्टर चेयरमैन अभिषेक गोयल का कहना है कि जिले में उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं हैं। उद्योग चलाकर लोगों को रोजगार दिया जा रहा हैै। परंपरागत उद्योगों के अलावा उत्पाद बनाने में रुचि अच्छा संकेत है। उद्योग-धंधे बढ़ेंगे तो रोजगार भी बढ़ेंगे। लोगों की आमदनी और सामाजिक जीवन स्तर बढ़ेगा।
- पहले से ज्यादा आई जागरूकता: खन्ना
लघु उद्योग भारती के जिला महासचिव मनी खन्ना का कहना है कि जिले का युवा पहले से ज्यादा जागरूक हुआ है। इंडस्ट्री से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। बाहर से आए युवा भी अब उद्योग लगाने की बात कह रहे हैं। एक उद्योग कई लोगों को रोजगार देता है। भविष्य में जिले में उद्योगों को लेकर बड़ा सकारात्मक बदलाव होने की संभावना है।
साल - खुली इकाईं - आमदनी - रोजगार
2015-16 272 29.79 1511
2016-17 705 68.82 4295
2017-18 647 59.42 3871
2018-19 797 78.15 4677
2019-20 1630 170.16 8241
(नोट: आंकड़े जिला उद्योग केंद्र से लिए गए हैं। आमदनी करोड़ रुपये में हैं।)
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बिजनौर। आपदा को अवसर बनाने और लोकल के लिए वोकल बनने के फार्मूले पर आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर बिजनौर जिले के उद्यमियों में जागरूकता बढ़ी है। अब जिले के उद्यमी उद्योग लगाने में जोखिम उठाने को तैयार हैं। काष्ठकला, कंप्यूटर सेंटर के अलावा पहली बार जिले में मेडिकल इक्विपमेंट (सिरिंज, मास्क, बैंडेज आदि) बनाना चाहते हैं। ऐसे उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमियों ने ऋण को आवेदन भी किए हैं। यह जिले के लिए सकारात्मक संदेश है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
जिले को चीनी, गुड़ और काष्ठ कला उद्योग के लिए जाना जाता है। गुड़ और चीनी उद्योग तो सीधे खेती से जुड़े हैं। उद्योगों की स्थापना के लिए जिला उद्योग केंद्र से ऋण भी दिलाया जाता है। आमतौर पर काष्ठकला, दुग्ध प्रोसेसिंग यूनिट, कंप्यूटर सेंटर, हार्डवेयर वर्क, सैलून, ब्यूटी पार्लर आदि के लिए ही ऋण के आवेदन करते हैं। एक तरह से उद्यमियों में कोई काम करने शुरू करने के लिए ये परंपरागत व्यवसाय के रूप में स्थापित हो गए हैं। लेकिन जिले के उद्यमी पहली बार मेडिकल से जुड़े सामान के उत्पादन के लिए ऋण लेने को आवेदन किया जा रहा है। जिले के 20 से ज्यादा उद्यमियों ने जिला उद्योग केंद्र में मास्क, सिरिंज, बैंडेज आदि बनाने के लिए कारखाना लगाने को ऋण मांगा है। कुछ उद्यमियों ने पीपीई किट लगाने के संबंध में भी विभाग के अफसरों से बात की है। पुरानी परंपराओं को तोड़कर काफी लोग नए उद्योग लगाने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। जिले में हर साल लगने वाले उद्योगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
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कोट
- उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं: रस्तौगी
जिला उद्योग केंद्र की उपायुक्त अमिता वर्मा रस्तौगी का कहना है कि जिले में उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। उद्योग में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है, जो भी प्रोजेक्ट प्रशासन के मानकों पर खरे उतरेंगे, उन्हें ऋण दिलाया जाएगा और बढ़ावा दिलाया जाएगा।
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- उद्योगों के साथ बढ़ेंगे रोजगार : गोयल
- इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के बिजनौर चैप्टर चेयरमैन अभिषेक गोयल का कहना है कि जिले में उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं हैं। उद्योग चलाकर लोगों को रोजगार दिया जा रहा हैै। परंपरागत उद्योगों के अलावा उत्पाद बनाने में रुचि अच्छा संकेत है। उद्योग-धंधे बढ़ेंगे तो रोजगार भी बढ़ेंगे। लोगों की आमदनी और सामाजिक जीवन स्तर बढ़ेगा।
- पहले से ज्यादा आई जागरूकता: खन्ना
लघु उद्योग भारती के जिला महासचिव मनी खन्ना का कहना है कि जिले का युवा पहले से ज्यादा जागरूक हुआ है। इंडस्ट्री से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। बाहर से आए युवा भी अब उद्योग लगाने की बात कह रहे हैं। एक उद्योग कई लोगों को रोजगार देता है। भविष्य में जिले में उद्योगों को लेकर बड़ा सकारात्मक बदलाव होने की संभावना है।
साल - खुली इकाईं - आमदनी - रोजगार
2015-16 272 29.79 1511
2016-17 705 68.82 4295
2017-18 647 59.42 3871
2018-19 797 78.15 4677
2019-20 1630 170.16 8241
(नोट: आंकड़े जिला उद्योग केंद्र से लिए गए हैं। आमदनी करोड़ रुपये में हैं।)

अमिता वर्मा।- फोटो : BIJNOR

अभिषेक गोयल।- फोटो : BIJNOR