{"_id":"60709d978ebc3ecad707a418","slug":"search-for-auspicious-inauspicious-in-election-symbol-too-bijnor-news-mrt5337728162","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव चिह्न में भी ‘शुभ, अशुभ’ की तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव चिह्न में भी ‘शुभ, अशुभ’ की तलाश
विज्ञापन
चुनाव चिह्न में भी ‘शुभ, अशुभ’ की तलाश
बिजनौर। त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव के दावेदारों की निगाह अब चुनाव चिह्न आवंटन पर लगी है। चुनाव चिह्न में भी लोग शुभ और अशुभ देख रहे हैं। हर कोई अपने लिए शुभ चुनाव चिह्न पाना चाहता है। चुनाव आयोग ने चारों पद के लिए 164 चुनाव चिह्न निर्धारित किए हैं। अब देखना ये है कि कौन गदा से युद्ध करेगा। कौन बंदूक, तोप, तलवार के सहारे अपनी चुनावी नैया पार करता है। कौन पालकी में बैठेगा तथा कौन आम, अंगूर फलों का स्वाद चखेगा।
चुनाव में चुनाव चिह्न का अपना महत्व होता है। यदि किसी दावेदार को जन सामान्य के बीच खूब जाना पहचाना चुनाव चिह्न मिल जाता है, तो उसको फायदा मिलता है। इसलिए चुनावी समर में नामांकन कराने वाले दावेदार चुनाव चिह्न में भी शुभ, अशुभ की गणना करने में लगे हैं। पंडितों से भी प्रत्याशी अपनी राशि के अनुसार शुभ चुनाव चिह्न पूछ रहे हैं। इसके अलावा यदि दूसरा चुनाव चिह्न मिलता है तो उसे शुभ बनाने के लिए क्या उपाय करना होगा। पंडित भी प्रत्याशियों को खूब उपाय बता रहे हैं।
नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद 11 अप्रैल की शाम तीन बजे से चुनाव चिह्नों का आवंटन होगा। चुनाव आयोग ने त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव में कुल 164 चुनाव चिह्न निर्धारित किए हैं। इनमें ग्राम पंचायत सदस्य के 18, प्रधान पद के लिए 57, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 36, जिला पंचायत सदस्य पद के लिए सबसे अधिक 53 चुनाव चिह्न निर्धारित किए हैं। ग्राम पंचायत सदस्य पद के चुनाव चिह्न में चिर परिचित आम, अंगूर, केला, गुलाब का फूल, नल, पेंसिल, फरसा, बंदूक, डमरू, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए अंगूठी, गिल्ली-डंडा, तलवार जैसे चुनाव चिह्न निर्धारित किए गए हैं।
विज्ञापन
प्रधान पद के दावेदारों में चुनाव चिह्न को लेकर अधिक बेताबी है। प्रधान पद के चुनाव चिह्न में इमली, किताब, खड़ाऊ ,गदा, तोप, त्रिशूल, धनुष व पालकी तथा जिला पंचायत सदस्य पद के लिए आरी, कुल्हाड़ी, कैंची, टीवी आदि चुनाव चिह्न शामिल हैं। आयोग ने अनुसार चुनाव चिह्न का आवंटन हिंदी वर्णमाला के आधार पर हिंदी वरण क्रम में होगा। वरणानुक्रम की अवधारण उम्मीदवारों के वास्तविक नाम के अनुसार किया जाएगा। यदि किसी ने अपना नाम संक्षिप्त जैसे आर कुमार लिखा है तो उसका वरणानु क्रम बाद वाले शब्द कुमार के प्रथम अक्षर से निर्धारित होगा। उम्मीदवार व उसके पिता का नाम एक होने पर निर्धारण आयु को आधार मानकर किया जाएगा। अधिक आयु वाले उम्मीदवार का नाम पहले आएगा। सीडीओ एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कार्मिक केपी सिंह ने बताया कि सहायक निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव चिह्न आवंटन के बारे में निर्देश दे दिए हैं।
विज्ञापन
बिजनौर। त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव के दावेदारों की निगाह अब चुनाव चिह्न आवंटन पर लगी है। चुनाव चिह्न में भी लोग शुभ और अशुभ देख रहे हैं। हर कोई अपने लिए शुभ चुनाव चिह्न पाना चाहता है। चुनाव आयोग ने चारों पद के लिए 164 चुनाव चिह्न निर्धारित किए हैं। अब देखना ये है कि कौन गदा से युद्ध करेगा। कौन बंदूक, तोप, तलवार के सहारे अपनी चुनावी नैया पार करता है। कौन पालकी में बैठेगा तथा कौन आम, अंगूर फलों का स्वाद चखेगा।
चुनाव में चुनाव चिह्न का अपना महत्व होता है। यदि किसी दावेदार को जन सामान्य के बीच खूब जाना पहचाना चुनाव चिह्न मिल जाता है, तो उसको फायदा मिलता है। इसलिए चुनावी समर में नामांकन कराने वाले दावेदार चुनाव चिह्न में भी शुभ, अशुभ की गणना करने में लगे हैं। पंडितों से भी प्रत्याशी अपनी राशि के अनुसार शुभ चुनाव चिह्न पूछ रहे हैं। इसके अलावा यदि दूसरा चुनाव चिह्न मिलता है तो उसे शुभ बनाने के लिए क्या उपाय करना होगा। पंडित भी प्रत्याशियों को खूब उपाय बता रहे हैं।
विज्ञापन
नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद 11 अप्रैल की शाम तीन बजे से चुनाव चिह्नों का आवंटन होगा। चुनाव आयोग ने त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव में कुल 164 चुनाव चिह्न निर्धारित किए हैं। इनमें ग्राम पंचायत सदस्य के 18, प्रधान पद के लिए 57, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 36, जिला पंचायत सदस्य पद के लिए सबसे अधिक 53 चुनाव चिह्न निर्धारित किए हैं। ग्राम पंचायत सदस्य पद के चुनाव चिह्न में चिर परिचित आम, अंगूर, केला, गुलाब का फूल, नल, पेंसिल, फरसा, बंदूक, डमरू, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए अंगूठी, गिल्ली-डंडा, तलवार जैसे चुनाव चिह्न निर्धारित किए गए हैं।
विज्ञापन
प्रधान पद के दावेदारों में चुनाव चिह्न को लेकर अधिक बेताबी है। प्रधान पद के चुनाव चिह्न में इमली, किताब, खड़ाऊ ,गदा, तोप, त्रिशूल, धनुष व पालकी तथा जिला पंचायत सदस्य पद के लिए आरी, कुल्हाड़ी, कैंची, टीवी आदि चुनाव चिह्न शामिल हैं। आयोग ने अनुसार चुनाव चिह्न का आवंटन हिंदी वर्णमाला के आधार पर हिंदी वरण क्रम में होगा। वरणानुक्रम की अवधारण उम्मीदवारों के वास्तविक नाम के अनुसार किया जाएगा। यदि किसी ने अपना नाम संक्षिप्त जैसे आर कुमार लिखा है तो उसका वरणानु क्रम बाद वाले शब्द कुमार के प्रथम अक्षर से निर्धारित होगा। उम्मीदवार व उसके पिता का नाम एक होने पर निर्धारण आयु को आधार मानकर किया जाएगा। अधिक आयु वाले उम्मीदवार का नाम पहले आएगा। सीडीओ एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कार्मिक केपी सिंह ने बताया कि सहायक निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव चिह्न आवंटन के बारे में निर्देश दे दिए हैं।