फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Schools will not be able to give more than 95 marks to the student

छात्र को 95 से अधिक नंबर नहीं दे पाएंगे स्कूल

Thu, 29 Jul 2021 10:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jul 2021 10:54 PM IST
विज्ञापन
Schools will not be able to give more than 95 marks to the student
छात्र को 95 से अधिक नंबर नहीं दे पाएंगे स्कूल
विज्ञापन

बिजनौर। सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा में नंबर देने के मामले में स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब छात्र को विषय में 95 प्रतिशत से अधिक अंक नहीं दिए जाएंगे। रिफ्रेंस ईयर अर्थात संदर्भ वर्ष में विद्यालय के जितने छात्रों को 95 प्रतिशत से अधिक नंबर मिले हैं इस साल भी उतने ही छात्रों को इतने नंबर मिल सकते हैं।
कोरोना के कारण वर्ष 2020-21 की 10वीं और 12वीं की परीक्षा नहीं हुई है। परीक्षा विद्यालय आधारित है। आरोप है कि कुछ विद्यालयों ने छात्रों को अंधाधुंध नंबर दे दिए थे। जिसके बाद सीबीएसई ने सख्त रुख अपनाया है। विद्यालयों से परीक्षाफल में मोडरेशन करने के लिए कहा गया है। इसके लिए विद्यालयों को गाइडलाइन भेजी गई। सीबीएसई ने वर्ष 2020-21 में अंक आवंटन के लिए रिफ्रेंस ईयर अर्थात संदर्भ वर्ष तय किए हैं।
विज्ञापन

माडर्न एरा पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल सीमा विश्वास के अनुसार बोर्ड ने वर्ष 2017-18, 2018-19 व 2019-20 को संदर्भ वर्ष तय किया है। विद्यालय इन तीन वर्षों में से एक वर्ष को आधार वर्ष मानकर छात्रों को नंबर देंगे। बोर्ड ने नंबर देने के लिए गाइडलाइन जारी की है, जिनका पालन करना अनिवार्य किया गया है। जिले में सीबीएसई के 101 विद्यालयों में 10वीं और 12वीं के एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। कोई भी विद्यालय का इन तीन वर्षों में से जिस वर्ष अच्छा रिजल्ट रहा हो उसे रिफ्रेंस ईयर मानकर नंबर दे सकता है, लेकिन किसी भी छात्र को 95 प्रतिशत से अधिक नंबर नहीं दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे समझे नियम को
सीबीएसई के एक विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि यदि किसी विद्यालय के रिफ्रेंस ईयर में एज ए होल पांच छात्रों के 95 प्रतिशत से अधिक नंबर हैं तो वर्ष 2020-21 की परीक्षा में भी पांच छात्रों के ही 95 प्रतिशत से अधिक अंक होंगे। कहा कि यह नियम 95 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों पर लागू नहीं होगा। इन नियमों से मेधावी छात्रों को नुकसान होगा। छात्रों अंशु, सचिन ने कहा कि एक छात्र मेहनत करके परीक्षा में 98 प्रतिशत नंबर प्राप्त कर रहा है। विद्यालय के संदर्भ वर्ष के अनुसार अधिकतम 96 प्रतिशत दिए जा सकते हैं। तो छात्र को विषय में दो प्रतिशत का नुकसान है। जो आगे जाकर मेरिट पर असर डालेगा। कहा कि इससे तो परीक्षा होना ही बेहतर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed