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Bijnor News: सीए की परीक्षा में सार्थक ने देशभर में हासिल की 29वीं रैंक
Wed, 10 Jan 2024 12:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 10 Jan 2024 12:07 AM IST
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हल्दौर में सीए परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सार्थक को मिठाई खिलाते माता पिता।
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हल्दौर। नगर के मोहल्ला रईसान निवासी संजय मारवाड़ी के पुत्र सार्थक मारवाड़ी ने ऑल इंडिया सीए परीक्षा में 29 वीं रैंक हासिल कर अपने जनपद व नगर का नाम रोशन किया है।
सार्थक के अनुसार धामपुर सैंट मैरी कॉवेंट स्कूल में कक्षा दस की परीक्षा में सीजीपी ए ग्रेड, जनपद बिजनौर डीडीपीएस में कक्षा 12 वीं की परीक्षा में 96.4 अंक प्राप्त किए है। सार्थक ने इसका श्रेय अपनी मां बबीता और पिता संजय को दिया है। छात्र देश की सेवा निस्वार्थ भाव से करना ही उसका उद्देश्य है। उनके आवास पर नगरवासियों व क्षेत्रवासियों का बधाई देने का तांता लगा हुआ है।
बीमारी की स्थिति में दी परीक्षा
सार्थक ने बताया कि विज्ञान के बजाय वाणिज्य में मेरा रुझान था। भविष्य में गुरुग्राम में नौकरी करने की योजना है। सीए फाइनल की परीक्षा एक नवंबर से थी और 22 अक्तूबर को मुझे डेंगू हो गया था। शुरुआत के पेपर मैंने बीमारी की हालत में ही दिए थे। विद्यार्थियों से यही कहूंगा कि यदि वह परीक्षा में सफल नहीं हो पाते हैं तो उन्हें निराश नहीं होना चाहिए। बहुत से विद्यार्थी परिणाम से पहले बहुत उम्मीदें रख लेते हैं। वह नहीं करनी चाहिए। हर तरीके के परिणाम के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना चाहिए।
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सार्थक के अनुसार धामपुर सैंट मैरी कॉवेंट स्कूल में कक्षा दस की परीक्षा में सीजीपी ए ग्रेड, जनपद बिजनौर डीडीपीएस में कक्षा 12 वीं की परीक्षा में 96.4 अंक प्राप्त किए है। सार्थक ने इसका श्रेय अपनी मां बबीता और पिता संजय को दिया है। छात्र देश की सेवा निस्वार्थ भाव से करना ही उसका उद्देश्य है। उनके आवास पर नगरवासियों व क्षेत्रवासियों का बधाई देने का तांता लगा हुआ है।
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बीमारी की स्थिति में दी परीक्षा
सार्थक ने बताया कि विज्ञान के बजाय वाणिज्य में मेरा रुझान था। भविष्य में गुरुग्राम में नौकरी करने की योजना है। सीए फाइनल की परीक्षा एक नवंबर से थी और 22 अक्तूबर को मुझे डेंगू हो गया था। शुरुआत के पेपर मैंने बीमारी की हालत में ही दिए थे। विद्यार्थियों से यही कहूंगा कि यदि वह परीक्षा में सफल नहीं हो पाते हैं तो उन्हें निराश नहीं होना चाहिए। बहुत से विद्यार्थी परिणाम से पहले बहुत उम्मीदें रख लेते हैं। वह नहीं करनी चाहिए। हर तरीके के परिणाम के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना चाहिए।
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