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10 दिन में 80 किमी नहीं पहुंच पाया निर्माण सामग्री का नमूना
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10 दिन में भी 80 किमी नहीं पहुंचा नमूना
बिजनौर। सड़क निर्माण सामग्री का नमूना 10 दिन में 80 किलोमीटर भी नहीं जा सका है। दरअसल बिजनौर से मेरठ में लोक निर्माण विभाग की लैब को नमूना भेजा जाना था जो अभी तक कागजी प्रक्रियाएं पूरी नहीं होने से अटका हुआ है। अब तक दो बार नमूने लिए जा चुके हैं। अब आज तकनीकी ऑडिट टीम भी सड़क की जांच के लिए पहुंचेगी और फिर से नमूना लिया जाएगा।
दो दिसंबर को सिंचाई खंड बिजनौर की ओर से नहटौर शाखा पटरी पर बनाई जा रही सात किलोमीटर लंबी सड़क के उद्घाटन में ही नारियल कांड हो गया था। उस वक्त जिला प्रशासन के निर्देश पर शुरुआती जांच के आदेश दिए गए, जिसके चलते सड़क की निर्माण सामग्री का नमूना भी लिया गया था लेकिन अभी तक यह लैब ही नहीं भेजा जा सका है। कुछ कागजी प्रक्रियाएं होना बाकी है। हालांकि बिजनौर से मेरठ की दूरी 80 किलोमीटर है और मेरठ स्थित लोक निर्माण विभाग की लैब में जांच की जानी है। इसी सड़क पर दूसरा नमूना सिंचाई विभाग की दो सदस्यीय कमेटी ने लिया था, जोकि बरेली जा चुका है।
आज सड़क पर फिर पहुंचेगी जांच टीम
डीएम उमेश मिश्रा ने मंडलायुक्त को पत्र भेजकर टेक्निकल ऑडिट कमेटी से जांच कराने की सिफारिश की थी, जिस पर मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधीक्षण अभियंता सहित तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह टीम 13 दिसंबर को नहर पटरी सड़क पहुंचेगी।
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वर्जन
जो नमूने पहले लिए गए थे, उनके साथ कुछ जरूरी कागज लगाने होते हैं। वह कागज अब उपलब्ध हो पाए हैं, अब नमूना शीघ्र भेज दिया जाएगा।
- सुनील सागर, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
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बिजनौर। सड़क निर्माण सामग्री का नमूना 10 दिन में 80 किलोमीटर भी नहीं जा सका है। दरअसल बिजनौर से मेरठ में लोक निर्माण विभाग की लैब को नमूना भेजा जाना था जो अभी तक कागजी प्रक्रियाएं पूरी नहीं होने से अटका हुआ है। अब तक दो बार नमूने लिए जा चुके हैं। अब आज तकनीकी ऑडिट टीम भी सड़क की जांच के लिए पहुंचेगी और फिर से नमूना लिया जाएगा।
दो दिसंबर को सिंचाई खंड बिजनौर की ओर से नहटौर शाखा पटरी पर बनाई जा रही सात किलोमीटर लंबी सड़क के उद्घाटन में ही नारियल कांड हो गया था। उस वक्त जिला प्रशासन के निर्देश पर शुरुआती जांच के आदेश दिए गए, जिसके चलते सड़क की निर्माण सामग्री का नमूना भी लिया गया था लेकिन अभी तक यह लैब ही नहीं भेजा जा सका है। कुछ कागजी प्रक्रियाएं होना बाकी है। हालांकि बिजनौर से मेरठ की दूरी 80 किलोमीटर है और मेरठ स्थित लोक निर्माण विभाग की लैब में जांच की जानी है। इसी सड़क पर दूसरा नमूना सिंचाई विभाग की दो सदस्यीय कमेटी ने लिया था, जोकि बरेली जा चुका है।
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आज सड़क पर फिर पहुंचेगी जांच टीम
डीएम उमेश मिश्रा ने मंडलायुक्त को पत्र भेजकर टेक्निकल ऑडिट कमेटी से जांच कराने की सिफारिश की थी, जिस पर मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधीक्षण अभियंता सहित तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह टीम 13 दिसंबर को नहर पटरी सड़क पहुंचेगी।
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जो नमूने पहले लिए गए थे, उनके साथ कुछ जरूरी कागज लगाने होते हैं। वह कागज अब उपलब्ध हो पाए हैं, अब नमूना शीघ्र भेज दिया जाएगा।
- सुनील सागर, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी।