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शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के फेर में उलझी सैलरी
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शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के फेर में उलझी तनख्वाह
बिजनौर। परिषदीय प्राइमरी स्कूलों में नवनियुक्त 822 शिक्षकों को अभी पहली तनख्वाह भुगतान का इंतजार है। शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं हो पाना परेशानी का सबब बना हुआ है। अभी तक 119 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन हुआ है। शिक्षकों ने तनख्वाह भुगतान कराने की मांग की है।
परिषदीय प्राइमरी स्कूलों में अक्तूबर 2020 में 822 शिक्षकों को सहायक अध्यापकों के पदों पर नियुक्त दी गई थी। शिक्षकों को नियुक्ति ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत दी गई थी, पर नियुक्ति के चार महीने बीतने के बाद भी शिक्षकों की तनख्वाह का भुगतान नहीं हो पाया है। नवनियुक्त शिक्षकों को अभी पहली तनख्वाह भुगतान का इंतजार है। तनख्वाह भुगतान से पहले शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जाना था, पर शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में देरी होना तनख्वाह भुगतान न होने की वजह बताया जा रहा है। बताया जाता है कि नवनियुक्त शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने के लिए संबंधित बोर्ड को प्रमाण पत्र भेजे जा चुके हैं। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री प्रशांत सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुधीर कुमार, प्रवक्ता चौधरी अंगजीत सिंह ने बीएसए से नवनियुक्त शिक्षकों की तनख्वाह का भुगतान कराने की मांग की है, ताकि शिक्षकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वित्त एवं लेखाधिकारी से भी शिक्षकों की तनख्वाह भुगतान कराने की मांग की गई है। दूसरी ओर बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक जिले में नवनियुक्त सभी 822 शिक्षकों के प्रमाणपत्र संबंधित बोर्ड व विश्वविद्यालयों को भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 120 शिक्षकों का सत्यापन हो कर आ चुका है। जल्द ही अन्य शिक्षकों के सत्यापन भी होकर आने की उम्मीद है। सत्यापन आने पर ही शिक्षकों की तनख्वाह का भुगतान किया जाएगा। शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा। किसी भी शिक्षक को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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बिजनौर। परिषदीय प्राइमरी स्कूलों में नवनियुक्त 822 शिक्षकों को अभी पहली तनख्वाह भुगतान का इंतजार है। शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं हो पाना परेशानी का सबब बना हुआ है। अभी तक 119 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन हुआ है। शिक्षकों ने तनख्वाह भुगतान कराने की मांग की है।
परिषदीय प्राइमरी स्कूलों में अक्तूबर 2020 में 822 शिक्षकों को सहायक अध्यापकों के पदों पर नियुक्त दी गई थी। शिक्षकों को नियुक्ति ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत दी गई थी, पर नियुक्ति के चार महीने बीतने के बाद भी शिक्षकों की तनख्वाह का भुगतान नहीं हो पाया है। नवनियुक्त शिक्षकों को अभी पहली तनख्वाह भुगतान का इंतजार है। तनख्वाह भुगतान से पहले शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जाना था, पर शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में देरी होना तनख्वाह भुगतान न होने की वजह बताया जा रहा है। बताया जाता है कि नवनियुक्त शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने के लिए संबंधित बोर्ड को प्रमाण पत्र भेजे जा चुके हैं। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री प्रशांत सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुधीर कुमार, प्रवक्ता चौधरी अंगजीत सिंह ने बीएसए से नवनियुक्त शिक्षकों की तनख्वाह का भुगतान कराने की मांग की है, ताकि शिक्षकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वित्त एवं लेखाधिकारी से भी शिक्षकों की तनख्वाह भुगतान कराने की मांग की गई है। दूसरी ओर बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक जिले में नवनियुक्त सभी 822 शिक्षकों के प्रमाणपत्र संबंधित बोर्ड व विश्वविद्यालयों को भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 120 शिक्षकों का सत्यापन हो कर आ चुका है। जल्द ही अन्य शिक्षकों के सत्यापन भी होकर आने की उम्मीद है। सत्यापन आने पर ही शिक्षकों की तनख्वाह का भुगतान किया जाएगा। शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा। किसी भी शिक्षक को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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