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Bijnor News: उलमा बोले, दरगाह की जियारत करने से जिंदगी पाकीजा होती है
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जोगीरम्पुरी दरगाह वह पवित्र स्थान है, जहां पर मौला-ए-कायनात ने अपने पाकीजा कदम रखे थे। दरगाह की जियारत करने से जिंदगी पाकीजा होती है। मजलिसों के जरिए इंसानियत का पैगाम दुनिया तक पहुंचता है। - मौलाना सैय्यद शवाब नकवी सिरसीवी।
कुरान में इल्म की खास अहमियत है। होश संभालने से लेकर कब्र में जाने तक इल्म हासिल किया जाता है। इल्म हासिल करने से सोच बदलती है। इंसानियत और मोहब्बत की जिंदगी बसर करने का जज्बा पैदा होता है। - कल्बे अब्बास खान, सुल्तानपुर
दीन-ए-इस्लाम को फैलाने वाले हजरत मोहम्मद मुस्तफा हैं, जबकि दीन को बचाने वाले उनके नवासे इमाम हुसैन हैं। दीन और इस्लाम की हिदायतों को अमल कर जिंदगी को पाकीजा बनाया जा सकता है। - हैदर मेहदी जैदी, बिजनौर।
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जिक्र-ए-इलाही में इत्मिनान की खास अहमियत है। इत्मिनान के जरिए इंसान तनाव से दूर होता है और जिक्र-ए-इलाही से वह जिंदगी को संवारता है। इत्मिनान के जरिए ही सुकून की नींद मिलती है। - मौलाना रईस अहमद, जारचवी
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कुरान में इल्म की खास अहमियत है। होश संभालने से लेकर कब्र में जाने तक इल्म हासिल किया जाता है। इल्म हासिल करने से सोच बदलती है। इंसानियत और मोहब्बत की जिंदगी बसर करने का जज्बा पैदा होता है। - कल्बे अब्बास खान, सुल्तानपुर
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दीन-ए-इस्लाम को फैलाने वाले हजरत मोहम्मद मुस्तफा हैं, जबकि दीन को बचाने वाले उनके नवासे इमाम हुसैन हैं। दीन और इस्लाम की हिदायतों को अमल कर जिंदगी को पाकीजा बनाया जा सकता है। - हैदर मेहदी जैदी, बिजनौर।
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जिक्र-ए-इलाही में इत्मिनान की खास अहमियत है। इत्मिनान के जरिए इंसान तनाव से दूर होता है और जिक्र-ए-इलाही से वह जिंदगी को संवारता है। इत्मिनान के जरिए ही सुकून की नींद मिलती है। - मौलाना रईस अहमद, जारचवी