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आरटीपीसीआर रिपोर्ट में देरी, सीटी स्कैन की मजबूरी

Sat, 15 May 2021 11:13 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 15 May 2021 11:13 PM IST
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RTPCR report delayed, CT scan helpless
आरटीपीसीआर रिपोर्ट में देरी, सीटी स्कैन की मजबूरी
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बिजनौर। एक तरफ ये सच्चाई है कि कोरोना से घबराकर जो मरीज बार-बार सिटी स्कैन करा रहे हैं वो एक बड़ा खतरा मोल रहे हैं। इस तरह सिटी स्कैन कराने से कैंसर तक होने का डर है। दूसरी तरफ विडंबना ये है कि आरटीपीसीआर रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन लग रहे हैं। इतने दिन का इंतजार मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है, इसलिए चिकित्सक जल्द से जल्द इलाज शुरू करने के लिए सीटी स्कैन करा रहे हैं। यह सब मरीज को तुरंत राहत देने और सही इलाज देने के लिए हो रहा है। कहा जा रहा है कि इन रिपोर्ट की मदद से ही संक्रमित का इलाज जल्द शुरू हो पा रहा है। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट के भरोसे रहने पर कई की हालत बिना इलाज के ज्यादा बिगड़ सकती है।
कोरोना संक्रमण के दौर में इस बार चिकित्सक भी संक्रमित के इलाज में देरी का कोई जोखिम नहीं ले रहे हैं। आरटीपीसीआर रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन लगने से अब संक्रमित का उपचार जल्द शुरू करने के मकसद से चिकित्सक कई केस में सीटी स्कैन करा रहे हैं, जबकि कुछ लोग सोशल मीडिया पर ज्ञान बांटने वालों के चक्कर में फंसकर अपना सीटी स्कैन करा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट दो से तीन घंटे में मिलने के बाद उसके हिसाब से डॉक्टर संक्रमित का इलाज आसानी से शुरू कर पा रहे हैं।
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विश्नोई नर्सिंग होम के संचालक वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राहुल विश्नोई का कहना है कि सीटी स्कैन कराने की एक और वजह यह भी है कि कई केस में आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, लेकिन मरीज में कोविड के लक्षण दिखने की वजह से सीटी स्कैन के अलावा कोई और उपाय नहीं बचता। इलाज जितनी जल्दी शुरू होगा, संक्रमित का परिवार भी उतना सुरक्षित हो जाएगा। हार्ट लंग्स एंड क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. सर्वेश निराला बताते हैं कि रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन तक लग रहे हैं। रिपोर्ट न आने तक मरीज कोई उपचार नहीं करते, जिससे दिन गुजरने से संक्रमण और बढ़ जाता है और मरीज की हालत बिगड़ने लगती है।
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अधिक मात्रा में न करें स्टेरॉयड का प्रयोग
नगर के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नीरज चौधरी का कहना है कि कोरोना महामारी की वजह से बहुत सारी चीजें लोगों को क्लियर नहीं हो पा रही हैं। हर पैथी का चिकित्सक कोरोना का उपचार करने में लगा है। बुखार, सिर में दर्द, खांसी, नजला जुकाम आदि की परेशान है तो आरटीपीसीआर करानी चाहिए। शुरुआत के पांच दिनों में एकदम सीटी स्कैन न कराएं। सीटी स्कैन की हानिकारक किरणें शरीर पर बुरा प्रभाव डालती हैं, जो कैंसर का कारण भी बन सकता है। यदि ऑक्सीजन स्तर 92 से नीचे जाए तो चिकित्सक की सलाह पर ही सीटी स्कैन कराएं। अधिक स्टेरॉयड का इस्तेमाल न करें, अन्यथा ब्लैक फंगस की चपेट में आने की संभावना भी बन सकती है।
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