{"_id":"634856ba3849a7708a034e22","slug":"roads-are-unpaved-no-drainage-system-bijnor-news-mrt6094526136","type":"story","status":"publish","title_hn":"कच्ची हैं सड़कें, पानी निकासी के इंतजाम नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कच्ची हैं सड़कें, पानी निकासी के इंतजाम नहीं
विज्ञापन
बिजनौर में राधा कृष्णा कॉलोनी में खस्ताहाल सड़क।
- फोटो : BIJNOR
कच्ची हैं सड़कें, पानी निकासी के इंतजाम नहीं
बिजनौर। सुविधाओं की खातिर गांव में रहना छोड़ शहरों में घर बनाए, लेकिन नई कॉलोनियों में हालात गांव से भी बुरे हैं। कच्ची सड़कों को पक्का होने के इंतजार में साल दर साल यूं ही बीत जाते हैं। अब 13 ग्राम पंचायतों की सीमा में रहने वाली यह आबादी पालिका में शामिल तो हो गई, लेकिन अभी तक व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ है।
कुछ ऐसा ही हाल राधाकृष्ण कॉलोनी और महादेवपुरम का है। इन कॉलोनियों में कुछ सड़कें पहले की बनी हुई हैं, कुछ जगहों तक अभी तक रास्ते कच्चे हैं। जिनके दोनों ओर झाड़ियां उगी हैं। पानी निकासी के लिए नाले और नालियां भी नहीं हैं। घरों से निकलने वाला पानी खाली पड़े प्लॉट में भर जाता है। ये आबादी पालिका की सीमा में करीब दो साल पहले विधिपूर्वक शामिल हो गई थीं। लोगों को आस जगी कि अब हालात सुधर जाएंगे, लेकिन अभी तक योजनाएं ही बन रही हैं, धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। पहले ये लोग सड़कें बनवाने के लिए प्रधानों के यहां चक्कर लगाते थे, अब पालिका कार्यालय के लगा रहे हैं। आलीशान मकानों के सामने कच्ची सड़के मुंह चिढ़ाने के लिए काफी हैं।
क्या कहते हैं निवासी
महादेवपुरम और राधाकृष्ण कॉलोनी के बीच में 11 साल पहले मकान बनाया था। अब तक सड़क नहीं बन पाई। पहले तिमरपुर के प्रधान के यहां गुुहार लगाते थे। कॉलोनी में पानी की निकासी के लिए नाली भी नहीं है
विज्ञापन
- विनीत चौधरी
बरसात में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। रास्ते में पानी भर जाता है। कच्ची सड़क होने की वजह से फिसलन भरी राह में चलना मुश्किल रहता है। घरों का पानी भी आसपास के खाली प्लॉट में भरता है
- श्रीजल चौधरी
कॉलोनी में लाइटें भी नहीं लगी हैं। रात में अंधेरा हो जाता है। कई बार लाइट लगवाने के लिए कहा गया, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया। कॉलोनी के लोग सिर्फ नाम के ही शहरी बनकर रह गए हैं
-कोशिंदर कुमार
कॉलोनी में 12 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। जिस पर आठ कनेक्शन होने की वजह से लोड ज्यादा है। हर समय लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है
- संजीव कुमार
रास्तों के दोनों ओर घास खड़ी हुई है। जिस वजह से मच्छरों का प्रकोप ज्यादा रहता है। साथ ही आसपास के प्लॉट में पानी भरने से उसमें मच्छर पनपते हैं। साफ सफाई हो जाए तो बात बने
-रिंकूू
पालिका की सीमा में शामिल हुई कॉलोनियों में सड़क और नालियां बनवाने के लिए योजना बनाकर भेजी जा चुकी है। जल्द ही इन इलाकों में सड़कें बनाने का काम किया जाएगा
- विकास कुमार, ईओ पालिका
विज्ञापन
बिजनौर। सुविधाओं की खातिर गांव में रहना छोड़ शहरों में घर बनाए, लेकिन नई कॉलोनियों में हालात गांव से भी बुरे हैं। कच्ची सड़कों को पक्का होने के इंतजार में साल दर साल यूं ही बीत जाते हैं। अब 13 ग्राम पंचायतों की सीमा में रहने वाली यह आबादी पालिका में शामिल तो हो गई, लेकिन अभी तक व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ है।
कुछ ऐसा ही हाल राधाकृष्ण कॉलोनी और महादेवपुरम का है। इन कॉलोनियों में कुछ सड़कें पहले की बनी हुई हैं, कुछ जगहों तक अभी तक रास्ते कच्चे हैं। जिनके दोनों ओर झाड़ियां उगी हैं। पानी निकासी के लिए नाले और नालियां भी नहीं हैं। घरों से निकलने वाला पानी खाली पड़े प्लॉट में भर जाता है। ये आबादी पालिका की सीमा में करीब दो साल पहले विधिपूर्वक शामिल हो गई थीं। लोगों को आस जगी कि अब हालात सुधर जाएंगे, लेकिन अभी तक योजनाएं ही बन रही हैं, धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। पहले ये लोग सड़कें बनवाने के लिए प्रधानों के यहां चक्कर लगाते थे, अब पालिका कार्यालय के लगा रहे हैं। आलीशान मकानों के सामने कच्ची सड़के मुंह चिढ़ाने के लिए काफी हैं।
विज्ञापन
क्या कहते हैं निवासी
महादेवपुरम और राधाकृष्ण कॉलोनी के बीच में 11 साल पहले मकान बनाया था। अब तक सड़क नहीं बन पाई। पहले तिमरपुर के प्रधान के यहां गुुहार लगाते थे। कॉलोनी में पानी की निकासी के लिए नाली भी नहीं है
विज्ञापन
- विनीत चौधरी
बरसात में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। रास्ते में पानी भर जाता है। कच्ची सड़क होने की वजह से फिसलन भरी राह में चलना मुश्किल रहता है। घरों का पानी भी आसपास के खाली प्लॉट में भरता है
- श्रीजल चौधरी
कॉलोनी में लाइटें भी नहीं लगी हैं। रात में अंधेरा हो जाता है। कई बार लाइट लगवाने के लिए कहा गया, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया। कॉलोनी के लोग सिर्फ नाम के ही शहरी बनकर रह गए हैं
-कोशिंदर कुमार
कॉलोनी में 12 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। जिस पर आठ कनेक्शन होने की वजह से लोड ज्यादा है। हर समय लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है
- संजीव कुमार
रास्तों के दोनों ओर घास खड़ी हुई है। जिस वजह से मच्छरों का प्रकोप ज्यादा रहता है। साथ ही आसपास के प्लॉट में पानी भरने से उसमें मच्छर पनपते हैं। साफ सफाई हो जाए तो बात बने
-रिंकूू
पालिका की सीमा में शामिल हुई कॉलोनियों में सड़क और नालियां बनवाने के लिए योजना बनाकर भेजी जा चुकी है। जल्द ही इन इलाकों में सड़कें बनाने का काम किया जाएगा
- विकास कुमार, ईओ पालिका

राधा कृष्णा कॉलोनी निवासी विनीत चौधरी।- फोटो : BIJNOR

राधा कृष्णा कॉलोनी निवासी कौसिंद्र।- फोटो : BIJNOR

राधा कृष्णा कॉलोनी निवासी श्रीजल चौधरी।- फोटो : BIJNOR

राधा कृष्णा कॉलोनी निवासी संजीव कुमार।- फोटो : BIJNOR

राधा कृष्णा कॉलोनी निवासी रिंकू।- फोटो : BIJNOR