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रेट बढ़ने की आस, किसानों ने गेहूं किया स्टोर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 May 2017 12:12 AM IST
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अफजलगढ़ में गेहंू क्रय केंद्र पर लटका मिला ताला।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में सरकारी खरीद केंद्रों और बाजार में गेहूं का रेट अच्छा होने के बाद भी किसान गेहूं बेचने के लिए नहीं आ रहे हैं। क्रय केंद्र और बाजार दोनों ही सूने पड़े हैं। किसानों के इस रुझान से प्रशासन और व्यापारी दोनों ही परेशान हैं।
माना जा रहा है कि किसान इस बार गेहूं बेचने के बजाय भंडारण करने में दिलचस्पी ले रहे हैं। जिले में हजारों हेक्टेयर जमीन में गेहूं की फसल पैदा होती है। जिले में गेहूं खरीद के लिए 49 केंद्र प्रशासन ने बनवाए हैं। इन पर 95 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होने के बाद भी अब तक लक्ष्य का केवल 1.9 प्रतिशत गेहूं ही खरीदा जा सका है। क्रय केंद्रों पर गेहूं का मूल्य 1625 रुपये प्रति कुंतल है। गेहूं लाने पर किसान को दस रुपये प्रति कुंतल ढुलाई के लिए अतिरिक्त दिए जा रहे हैं। बाजार में गेहूं का मूल्य 1625 रुपये से लेकर 1675 रुपये प्रति कुंतल तक है।
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पहले किसान बाजार में भी काफी गेहूं बेचते थे, लेकिन इस बार वे बाजार में गेहूं लेकर नहीं आ रहे हैं। माना जा रहा है कि किसान अब केवल अपनी जरूरत पूरी करने भर के लिए ही गेहूं की फसल बो रहे हैं। अब उनका रुझान गन्ने और अन्य फसलों की ओर ज्यादा है।
इसके अलावा, किसान खुद ही घरों में गेहूं का भंडारण कर रहे हैं। ऑफ सीजन में वे इस गेहूं को बेचते हैं। पिछले साल गेहूं की कीमत काफी ज्यादा रही थी। इस बार भी उन्हें बाद में दाम ऊपर जाने की उम्मीद है।
भाकियू के जिला महासचिव दिगंबर सिंह के अनुसार, अब जिले में कुछ क्षेत्रों में ही गेहूं की फसल प्रमुख रूप से बोई जाती है। गेहूं की फसल के लिए किसानों का रुझान पहले से काफी कम है। प्रभारी खाद्य विपणन अधिकारी सुनील कुमार के अनुसार, किसानों को क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने आने के लिए कहा जा रहा है।
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माना जा रहा है कि किसान इस बार गेहूं बेचने के बजाय भंडारण करने में दिलचस्पी ले रहे हैं। जिले में हजारों हेक्टेयर जमीन में गेहूं की फसल पैदा होती है। जिले में गेहूं खरीद के लिए 49 केंद्र प्रशासन ने बनवाए हैं। इन पर 95 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
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एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होने के बाद भी अब तक लक्ष्य का केवल 1.9 प्रतिशत गेहूं ही खरीदा जा सका है। क्रय केंद्रों पर गेहूं का मूल्य 1625 रुपये प्रति कुंतल है। गेहूं लाने पर किसान को दस रुपये प्रति कुंतल ढुलाई के लिए अतिरिक्त दिए जा रहे हैं। बाजार में गेहूं का मूल्य 1625 रुपये से लेकर 1675 रुपये प्रति कुंतल तक है।
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पहले किसान बाजार में भी काफी गेहूं बेचते थे, लेकिन इस बार वे बाजार में गेहूं लेकर नहीं आ रहे हैं। माना जा रहा है कि किसान अब केवल अपनी जरूरत पूरी करने भर के लिए ही गेहूं की फसल बो रहे हैं। अब उनका रुझान गन्ने और अन्य फसलों की ओर ज्यादा है।
इसके अलावा, किसान खुद ही घरों में गेहूं का भंडारण कर रहे हैं। ऑफ सीजन में वे इस गेहूं को बेचते हैं। पिछले साल गेहूं की कीमत काफी ज्यादा रही थी। इस बार भी उन्हें बाद में दाम ऊपर जाने की उम्मीद है।
भाकियू के जिला महासचिव दिगंबर सिंह के अनुसार, अब जिले में कुछ क्षेत्रों में ही गेहूं की फसल प्रमुख रूप से बोई जाती है। गेहूं की फसल के लिए किसानों का रुझान पहले से काफी कम है। प्रभारी खाद्य विपणन अधिकारी सुनील कुमार के अनुसार, किसानों को क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने आने के लिए कहा जा रहा है।