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बालावाली पुल निर्माण के लिए भेजा गया रिवाइज स्टीमेट, किसानों की जमीन भी जाएगी खरीदी
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बिजनौर में बालावाली में गंगा पर बनाया जा रहा पुल।
- फोटो : BIJNOR
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बालावाली पुल निर्माण के लिए भेजा गया रिवाइज इस्टीमेट
बिजनौर। गंगा पर बालावाली में बनने वाले पुल का रिवाइज इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। इससे पूर्व यहां किसानों ने पुल की एप्रोच रोड के लिए जमीन देने से मना कर दिया था। अब पुल के इस्टीमेट को करीब डेढ़ गुना कर दिया गया है। रिवाइज इस्टीमेट से किसानों से जमीन तो खरीदी ही जाएगी साथ ही पुल की सुरक्षा के लिए स्टड भी बनाए जाएंगे। इसी महीने इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के आसार हैं।
अभी उत्तराखंड को यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से जोड़ने के लिए बिजनौर गंगा बैराज का पुल ही एकमात्र साधन है। यहां पर वाहनों का रेला लगा रहता है। जरा सा हादसा होने पर भी यहां लंबा जाम लग जाता है। बैराज रोड पर यातायात को कम करने के लिए बालावाली में गंगा पर पुल का निर्माण काफी समय से चल रहा है। पुल का निर्माण काफी पूरा हो गया लेकिन एप्रोच रोड के लिए किसानों ने जमीन देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उत्तराखंड की ओर से तो पुल की एप्रोच रोड के लिए जमीन फ्री दे दी गई है लेकिन जिले के किसानों ने एप्रोच रोड के लिए जमीन फ्री देने से इंकार कर दिया था। इसके अलावा गंगा की लहरों से भी पुल को खतरा हो सकता है। इसे देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने शासन से और पैसा मांगा था। इसके लिए रिवाइज स्टीमेट बनाकर भेजा गया है। पहले इस पुल का इस्टीमेट 39.95 करोड़ रुपयेे था। अब यह बढ़कर 62 करोड़ रुपये हो गया है। स्टड बनाने, जमीन खरीदने व बाकी कामों के लिए इस्टीमेट को करीब डेढ़ गुना बढ़ाया गया है।
30 से 50 किमी दूरी होगी कम
गंगा पर बनने वाला पुल करीब 910 मीटर लंबा है। इस पुल के बनने से रुड़की, सहारनपुर, चंडीगढ़, पंजाब जाने वालों को फायदा मिलेगा। पुल बनने से उनके बीच की दूरी 30 से 50 किमी तक कम हो जाएगी। इससे राहगीरों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
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पुल से होगा फायदा
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सुनील सागर के अनुसार बालावाली के पुल के लिए रिवाइज इस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया गया है। जल्दी ही इसके मंजूर होने की उम्मीद है। पुल का काम अगले साल तक पूरा होने का अनुमान है। इस पुल के बनने से बैराज मार्ग पर वाहनों की आवाजाही कम होगी और जाम से भी आजादी मिलेगी।
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बिजनौर। गंगा पर बालावाली में बनने वाले पुल का रिवाइज इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। इससे पूर्व यहां किसानों ने पुल की एप्रोच रोड के लिए जमीन देने से मना कर दिया था। अब पुल के इस्टीमेट को करीब डेढ़ गुना कर दिया गया है। रिवाइज इस्टीमेट से किसानों से जमीन तो खरीदी ही जाएगी साथ ही पुल की सुरक्षा के लिए स्टड भी बनाए जाएंगे। इसी महीने इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के आसार हैं।
अभी उत्तराखंड को यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से जोड़ने के लिए बिजनौर गंगा बैराज का पुल ही एकमात्र साधन है। यहां पर वाहनों का रेला लगा रहता है। जरा सा हादसा होने पर भी यहां लंबा जाम लग जाता है। बैराज रोड पर यातायात को कम करने के लिए बालावाली में गंगा पर पुल का निर्माण काफी समय से चल रहा है। पुल का निर्माण काफी पूरा हो गया लेकिन एप्रोच रोड के लिए किसानों ने जमीन देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उत्तराखंड की ओर से तो पुल की एप्रोच रोड के लिए जमीन फ्री दे दी गई है लेकिन जिले के किसानों ने एप्रोच रोड के लिए जमीन फ्री देने से इंकार कर दिया था। इसके अलावा गंगा की लहरों से भी पुल को खतरा हो सकता है। इसे देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने शासन से और पैसा मांगा था। इसके लिए रिवाइज स्टीमेट बनाकर भेजा गया है। पहले इस पुल का इस्टीमेट 39.95 करोड़ रुपयेे था। अब यह बढ़कर 62 करोड़ रुपये हो गया है। स्टड बनाने, जमीन खरीदने व बाकी कामों के लिए इस्टीमेट को करीब डेढ़ गुना बढ़ाया गया है।
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30 से 50 किमी दूरी होगी कम
गंगा पर बनने वाला पुल करीब 910 मीटर लंबा है। इस पुल के बनने से रुड़की, सहारनपुर, चंडीगढ़, पंजाब जाने वालों को फायदा मिलेगा। पुल बनने से उनके बीच की दूरी 30 से 50 किमी तक कम हो जाएगी। इससे राहगीरों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
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पुल से होगा फायदा
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सुनील सागर के अनुसार बालावाली के पुल के लिए रिवाइज इस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया गया है। जल्दी ही इसके मंजूर होने की उम्मीद है। पुल का काम अगले साल तक पूरा होने का अनुमान है। इस पुल के बनने से बैराज मार्ग पर वाहनों की आवाजाही कम होगी और जाम से भी आजादी मिलेगी।