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सभी डिग्री कॉलेजों में बनेेंगे शोध केंद्र
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सभी डिग्री कॉलेजों में बनेेंगे शोध केंद्र
बिजनौर। अब तक जिन डिग्री कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट डिपार्टमेंट होता था, वहीं शोध केंद्र होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने सभी डिग्री कॉलेजों में शोध केंद्र बनाने का फैसला किया है। इससे अधिक परीक्षार्थी पीएचडी कर सकेंगे। साथ ही विश्वविद्यालय ने देश विदेश के छात्रों को पार्ट टाइम पीएचडी कराने को भी स्वीकृति दे दी है। शोधकर्ता शिक्षकों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस के नियम को समाप्त कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि कुलपति प्रोफेसर डॉ. केपी सिंह की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में छात्र हित में कई फैसले लिए गए हैं। बताया कि अब विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों में शोध केंद्र बनेगा। अब तक वहीं कालेज शोध केंद्र होता था जहां पर पोस्ट ग्रेजुएट डिपार्टमेंट होता है
बताया कि शोध केंद्र सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त डिग्री कालेज तथा स्वपोषित डिग्री कालेज होंगे। इससे छात्रों को अधिक संख्या में पीएचडी करने का मौका मिलेगा। जिले में एक राजकीय, छह अशासकीय सहायता प्राप्त, तथा 101 स्वपोषित डिग्री कालेज है। इस फैसले के बाद सभी कालेज तथा डिपार्टमेंट को फायदा मिलेगा।
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विदेशी छात्र भी कर सकेंगे पीएचडी
डॉ. अमित सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण फैसले में विदेशी छात्रों को भी पीएचडी करने का मौका मिलेगा। बताया कि देश व विदेश में रहने वाले पार्ट टाइम पीएचडी कर सकेंगे। फैसले से पीएचडी में विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ेगी।
शिक्षकों के लिए पीएचडी रजिस्ट्रेशन फीस समाप्त
विश्वविद्यालय ने शोध कार्य के लिए प्रति शिक्षक 1000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के नियम को समाप्त कर दिया है। अब कोई भी शिक्षक योग्यता के अनुसार अपना रजिस्ट्रेशन बिना किसी फीस के विश्वविद्यालय पोर्टल पर करा सकेगा। रुहेलखंड टीचर्स एसोसिएशन रुटा के अध्यक्ष व वर्धमान कालेज बिजनौर में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार तथा वर्धमान कालेज शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एस के जोशी ने फैसले का स्वागत किया है। कहा कि रुटा रजिस्ट्रेशन फीस समाप्त करने की लगातार मांग कर रहा था।
संघटक महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर होने की आस
जिले में मंडावर के पास मीरापुर बांगर में संचालित डिग्री कॉलेज रूहेलखंड विश्वविद्यालय का संघटक कॉलेज है। अब कॉलेज में शिक्षकों की कमी दूर होने की आस जगी है। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ अमित सिंह ने बताया कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालय में विश्वविद्यालय परिसर के कर्मचारी व शिक्षक नियुक्त किए जाने के उत्तर प्रदेश शासन के प्रस्ताव को कार्य परिषद ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
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बिजनौर। अब तक जिन डिग्री कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट डिपार्टमेंट होता था, वहीं शोध केंद्र होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने सभी डिग्री कॉलेजों में शोध केंद्र बनाने का फैसला किया है। इससे अधिक परीक्षार्थी पीएचडी कर सकेंगे। साथ ही विश्वविद्यालय ने देश विदेश के छात्रों को पार्ट टाइम पीएचडी कराने को भी स्वीकृति दे दी है। शोधकर्ता शिक्षकों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस के नियम को समाप्त कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि कुलपति प्रोफेसर डॉ. केपी सिंह की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में छात्र हित में कई फैसले लिए गए हैं। बताया कि अब विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों में शोध केंद्र बनेगा। अब तक वहीं कालेज शोध केंद्र होता था जहां पर पोस्ट ग्रेजुएट डिपार्टमेंट होता है
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बताया कि शोध केंद्र सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त डिग्री कालेज तथा स्वपोषित डिग्री कालेज होंगे। इससे छात्रों को अधिक संख्या में पीएचडी करने का मौका मिलेगा। जिले में एक राजकीय, छह अशासकीय सहायता प्राप्त, तथा 101 स्वपोषित डिग्री कालेज है। इस फैसले के बाद सभी कालेज तथा डिपार्टमेंट को फायदा मिलेगा।
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विदेशी छात्र भी कर सकेंगे पीएचडी
डॉ. अमित सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण फैसले में विदेशी छात्रों को भी पीएचडी करने का मौका मिलेगा। बताया कि देश व विदेश में रहने वाले पार्ट टाइम पीएचडी कर सकेंगे। फैसले से पीएचडी में विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ेगी।
शिक्षकों के लिए पीएचडी रजिस्ट्रेशन फीस समाप्त
विश्वविद्यालय ने शोध कार्य के लिए प्रति शिक्षक 1000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के नियम को समाप्त कर दिया है। अब कोई भी शिक्षक योग्यता के अनुसार अपना रजिस्ट्रेशन बिना किसी फीस के विश्वविद्यालय पोर्टल पर करा सकेगा। रुहेलखंड टीचर्स एसोसिएशन रुटा के अध्यक्ष व वर्धमान कालेज बिजनौर में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार तथा वर्धमान कालेज शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एस के जोशी ने फैसले का स्वागत किया है। कहा कि रुटा रजिस्ट्रेशन फीस समाप्त करने की लगातार मांग कर रहा था।
संघटक महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर होने की आस
जिले में मंडावर के पास मीरापुर बांगर में संचालित डिग्री कॉलेज रूहेलखंड विश्वविद्यालय का संघटक कॉलेज है। अब कॉलेज में शिक्षकों की कमी दूर होने की आस जगी है। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ अमित सिंह ने बताया कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालय में विश्वविद्यालय परिसर के कर्मचारी व शिक्षक नियुक्त किए जाने के उत्तर प्रदेश शासन के प्रस्ताव को कार्य परिषद ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।