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मार्ग चौड़ीकरण में बीच में बाधा बन रहे धार्मिक स्थल
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कोतवाली रोड पर तोड़ी गई मजार।
- फोटो : BIJNOR
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मार्ग चौड़ीकरण में बीच में बाधा बन रहे धार्मिक स्थल
बिजनौर। पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे की जद में आ रहे धार्मिक स्थलों को हटाए जाने का विरोध तेज हो रहा है। हालांकि इसी बीच एक धार्मिक स्थल को देर शाम हटा दिया गया था। उधर तीन धार्मिक स्थलों को लेकर बीच का रास्ता निकालने की कवायद होने लगी है। तहसील प्रशासन की टीम ने मौका मुआयना करते हुए पैमाइश की और हाईवे प्राधिकरण से अफसरों से बातचीत चल रही है।
बिजनौर से कोतवाली रोड पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे का हिस्सा बच चुकी है। इस सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। पेड़ काटे जाने के बाद अब अतिक्रमण हटाया जा रहा है। जिसे लेकर बुधवार को हाईवे प्राधिकरण के अफसर जेसीबी लेकर बुधवार को धार्मिक स्थल हटाने पहुंच गए थे। लोगों का जबरदस्त विरोध देख टीम को बैरंग लौटना पड़ा। बरुकी और शादीपुर में स्थित धार्मिक स्थल के बाहर वाले फश को तोड़ दिया गया था। उधर विरोध को देखते हुए प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालने की तैयारियां शुरू कर दी है।
तहसील प्रशासन की टीम ने बृहस्पतिवार मौका मुआयना करते पैमाइश की। यह देखा गया कि पक्की सड़क बनने के बाद क्या धार्मिक स्थल को बचाया जा सकता है। उधर एनएचएआई के अफसरों से भी बातचीत की जा रही है।
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देर शाम हटा दिया एक धार्मिक स्थल
शादीपुर, बरुकी और डेहरी में जबरदस्त विरोध के बाद टीम बैरंग लौट गई थी। हालांकि बान के पुल पर दूसरे समुदाय के एक धार्मिक स्थल को तोड़ दिया गया है। जिसका नामोनिशान मिटा दिया गया। पुल के पास ही दूसरे धार्मिक स्थल का एक हिस्सा तोड़ा गया है जोकि सड़क की जमीन पर बना हुआ था।
एनएचएआई ने दिया है विकल्प
हाईवे प्राधिकरण के अफसरों ने धार्मिक स्थल को लेकर एक विकल्प दिया है। कहा जा रहा है कि मौजूदा जगह से धार्मिक स्थल हटाए जाने के बाद फिर से बनवा दिए जाएंगे सड़क से कुछ और पीछे करने बनवाया जाएगा। दोबारा निर्माण पर आने वाले खर्च को भी हाईवे प्राधिकरण वहन करने के लिए तैयार है, लेकिन लोग इस पर राजी नहीं है।
जिलाधिकारी से मिले ग्रामीण
शिव कुमार कश्यप, समर सिंह, पुजारी बिहारी दास, प्रशांत कुमार, कार्तिक कुमार, करतार सिंह, कामेंद्र सिंह, धूम सिंह आदि ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। जिसमें कहा गया कि चार सौ साल पुराने वट वृक्ष के पास धार्मिक स्थल बना हुआ है जोकि हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसे हटाया नहीं जाना चाहिए । कहा कि धार्मिक स्थल को हटाए बिना ही सड़क बन जाएगी तो फिर भी क्यों तोड़ा जा रहा है।
बचाने के लिए हाईवे के अफसरों से वार्ता
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि हाईवे अधिकारियों से वार्ता हो रही है। जहां भी धार्मिक स्थल को बचाने की संभावना होगी, तो उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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बिजनौर। पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे की जद में आ रहे धार्मिक स्थलों को हटाए जाने का विरोध तेज हो रहा है। हालांकि इसी बीच एक धार्मिक स्थल को देर शाम हटा दिया गया था। उधर तीन धार्मिक स्थलों को लेकर बीच का रास्ता निकालने की कवायद होने लगी है। तहसील प्रशासन की टीम ने मौका मुआयना करते हुए पैमाइश की और हाईवे प्राधिकरण से अफसरों से बातचीत चल रही है।
बिजनौर से कोतवाली रोड पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे का हिस्सा बच चुकी है। इस सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। पेड़ काटे जाने के बाद अब अतिक्रमण हटाया जा रहा है। जिसे लेकर बुधवार को हाईवे प्राधिकरण के अफसर जेसीबी लेकर बुधवार को धार्मिक स्थल हटाने पहुंच गए थे। लोगों का जबरदस्त विरोध देख टीम को बैरंग लौटना पड़ा। बरुकी और शादीपुर में स्थित धार्मिक स्थल के बाहर वाले फश को तोड़ दिया गया था। उधर विरोध को देखते हुए प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालने की तैयारियां शुरू कर दी है।
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तहसील प्रशासन की टीम ने बृहस्पतिवार मौका मुआयना करते पैमाइश की। यह देखा गया कि पक्की सड़क बनने के बाद क्या धार्मिक स्थल को बचाया जा सकता है। उधर एनएचएआई के अफसरों से भी बातचीत की जा रही है।
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देर शाम हटा दिया एक धार्मिक स्थल
शादीपुर, बरुकी और डेहरी में जबरदस्त विरोध के बाद टीम बैरंग लौट गई थी। हालांकि बान के पुल पर दूसरे समुदाय के एक धार्मिक स्थल को तोड़ दिया गया है। जिसका नामोनिशान मिटा दिया गया। पुल के पास ही दूसरे धार्मिक स्थल का एक हिस्सा तोड़ा गया है जोकि सड़क की जमीन पर बना हुआ था।
एनएचएआई ने दिया है विकल्प
हाईवे प्राधिकरण के अफसरों ने धार्मिक स्थल को लेकर एक विकल्प दिया है। कहा जा रहा है कि मौजूदा जगह से धार्मिक स्थल हटाए जाने के बाद फिर से बनवा दिए जाएंगे सड़क से कुछ और पीछे करने बनवाया जाएगा। दोबारा निर्माण पर आने वाले खर्च को भी हाईवे प्राधिकरण वहन करने के लिए तैयार है, लेकिन लोग इस पर राजी नहीं है।
जिलाधिकारी से मिले ग्रामीण
शिव कुमार कश्यप, समर सिंह, पुजारी बिहारी दास, प्रशांत कुमार, कार्तिक कुमार, करतार सिंह, कामेंद्र सिंह, धूम सिंह आदि ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। जिसमें कहा गया कि चार सौ साल पुराने वट वृक्ष के पास धार्मिक स्थल बना हुआ है जोकि हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसे हटाया नहीं जाना चाहिए । कहा कि धार्मिक स्थल को हटाए बिना ही सड़क बन जाएगी तो फिर भी क्यों तोड़ा जा रहा है।
बचाने के लिए हाईवे के अफसरों से वार्ता
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि हाईवे अधिकारियों से वार्ता हो रही है। जहां भी धार्मिक स्थल को बचाने की संभावना होगी, तो उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है।