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खो नदी का उफान कम होने से ग्रामीणों में राहत, विभागीय अधिकारी ध्वस्त बंधे की मरम्मत करने में जुटे

Sun, 29 Aug 2021 11:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 11:18 PM IST
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Relief from receding of Kho river
शेरकोट के गांव नंदगांव में खो नदी के पानी हो रहे कटान का निरीक्षण करते एसडीएम धीरेंद्र सिंह - फोटो : DHAMPUR
खो नदी का उफान कम होने से राहत
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धामपुर। खो नदी में पानी का उफान कम होने से गांव नंदगांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि खो नदी में पानी तो कम हो गया है पर अब कटान की समस्या ज्यादा बढ़ गई।
डीएम उमेश मिश्रा के आदेश पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने शनिवार देर रात मौके का निरीक्षण किया था लेकिन पानी अधिक होने से अधिकारियों का काफिला वापस हो गया था। रविवार को पानी के कम होने पर बालू से भरे बोरों को लगाकर ध्वस्त हुए स्टडों को भरने का का प्रयास किया जा रहा है। गांव के नितिन चौहान, प्रधान महेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार का कहना है कि गनीमत है कि शनिवार रात नदी में पानी कम हो गया। नदी का पानी गांव की सड़कों पर घूम कर वापस हो गया।
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रात में ही सूचना मिलने पर विधायक अशोक राणा, एसडीएम धीरेंद्र सिंह, तहसीलदार आरसी चौहान व सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। लेकिन पानी अधिक होने और अंधेरा होने से ग्रामीणों को अलर्ट रहने का संदेश देकर वापस लौट गए। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को जब स्टड पानी के तेज प्रवाह में ध्वस्त हुए तो नदी में करीब 60 हजार क्यूसेक पानी चल रहा था, जो अब घटकर रविवार को 12 बजे 35 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि पानी तो कम हो गया है लेकिन मिट्टी कटान की समस्या तेजी से बढ़ गई।
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रविवार को एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने फिर गांव का दौरा कर अधिकारियों को पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए है। इसके बाद ध्वस्त हुए बंधे को बालू से भरे बोरों से ठीक करने का प्रयास शुरू कर दिया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि फिर से नदी में उफान आ गया तो दिक्कत आएगी। ग्रामीणों ने डीएम से गांव का दौरा कर मजबूती से काम कराने की मांग की है।

एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि अब खतरा नहीं है। विभाग के अधिकारी टूटे स्थान की मरम्मत करने में जुटे है। अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है कि वे इसमें लापरवाही न बरतें। ग्रामीणों की जानमाल का नुकसान नहीं होना चाहिए।
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