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भुगतान नहीं किया तो कटेगी आरसी
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भुगतान नहीं किया तो कटेगी आरसी
बिजनौर। गन्ना बकाया भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ सख्त प्रशासन सख्त हो गया है। भुगतान न करने वाली चार चीनी मिलों के खिलाफ आरसी जारी करने के लिए गन्ना विभाग ने गन्ना आयुक्त को संस्तुति कर दी है। अगर चीनी मिल ने अब भी जल्दी भुगतान न किया तो चीनी मिलों की आरसी जारी हो जाएगी। तब चीनी मिलों को कुल बकाया का पांच प्रतिशत अतिरिक्त भी देना होगा।
जिले की नौ में से पांच चीनी मिल धामपुर, नजीबाबाद, स्योहारा, बुंदकी, बहादरपुर ने शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। लेकिन बिलाई, बिजनौर, चांदपुर और बरकातपुर चीनी मिल अब भी बकाएदार हैं। इन चीनी मिलों ने अब तक शत प्रतिशत भुगतान नहीं किया है। इन मिलों के अफसरों के खिलाफ सीजेएम अदालत मेें वाद भी दाखिल किया जा चुका है। प्रशासन के दबाव के बाद भी ये चीनी मिल भुगतान करने में अब तक विफल हैं। अब इन चीनी मिलों के खिलाफ प्रशासन ने और भी सख्त कदम उठाया है। चारों चीनी मिलों के खिलाफ आरसी जारी करने की तैयारी की जा रही है। मिलों के खिलाफ गन्ना विभाग की ओर से आरसी जारी करने की संस्तुति कर दी गई है। चारों चीनी मिलों के आरसी जारी करने संबंधी संस्तुति पत्र गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी को भेजा जा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि आरसी जारी करना चीनी मिलों के खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई मानी जाती है। चीनी मिल पर जितना बकाया होता है उसका पांच प्रतिशत अतिरिक्त मिल को हर्जाने के तौर पर प्रशासन को देना होगा।
कोटा निर्धारण से फायदा और नुकसान भी
चीनी बेचने के लिए केंद्र सरकार ने हर महीने का कोटा निर्धारित किया है। इसके फायदे भी हैं और नुकसान भी। कोटा निर्धारित होने से बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी नहीं जाती है और दाम सही रहते हैं। कोटे से अधिक चीनी न बेच पाने से मिल चीनी बेचकर समय से भुगतान नहीं कर पाती हैं।
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चीनी मिल बकाया
बिलाई 131.09
बरकातपुर 30.94
चांदपुर 40.57
बिजनौर 45.95
कुल 248.57
नोट : आंकड़े करोड़ रुपये में हैं। बकाया भुगतान दस अक्तूबर तक का है।
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बिजनौर। गन्ना बकाया भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ सख्त प्रशासन सख्त हो गया है। भुगतान न करने वाली चार चीनी मिलों के खिलाफ आरसी जारी करने के लिए गन्ना विभाग ने गन्ना आयुक्त को संस्तुति कर दी है। अगर चीनी मिल ने अब भी जल्दी भुगतान न किया तो चीनी मिलों की आरसी जारी हो जाएगी। तब चीनी मिलों को कुल बकाया का पांच प्रतिशत अतिरिक्त भी देना होगा।
जिले की नौ में से पांच चीनी मिल धामपुर, नजीबाबाद, स्योहारा, बुंदकी, बहादरपुर ने शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। लेकिन बिलाई, बिजनौर, चांदपुर और बरकातपुर चीनी मिल अब भी बकाएदार हैं। इन चीनी मिलों ने अब तक शत प्रतिशत भुगतान नहीं किया है। इन मिलों के अफसरों के खिलाफ सीजेएम अदालत मेें वाद भी दाखिल किया जा चुका है। प्रशासन के दबाव के बाद भी ये चीनी मिल भुगतान करने में अब तक विफल हैं। अब इन चीनी मिलों के खिलाफ प्रशासन ने और भी सख्त कदम उठाया है। चारों चीनी मिलों के खिलाफ आरसी जारी करने की तैयारी की जा रही है। मिलों के खिलाफ गन्ना विभाग की ओर से आरसी जारी करने की संस्तुति कर दी गई है। चारों चीनी मिलों के आरसी जारी करने संबंधी संस्तुति पत्र गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी को भेजा जा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि आरसी जारी करना चीनी मिलों के खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई मानी जाती है। चीनी मिल पर जितना बकाया होता है उसका पांच प्रतिशत अतिरिक्त मिल को हर्जाने के तौर पर प्रशासन को देना होगा।
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कोटा निर्धारण से फायदा और नुकसान भी
चीनी बेचने के लिए केंद्र सरकार ने हर महीने का कोटा निर्धारित किया है। इसके फायदे भी हैं और नुकसान भी। कोटा निर्धारित होने से बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी नहीं जाती है और दाम सही रहते हैं। कोटे से अधिक चीनी न बेच पाने से मिल चीनी बेचकर समय से भुगतान नहीं कर पाती हैं।
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चीनी मिल बकाया
बिलाई 131.09
बरकातपुर 30.94
चांदपुर 40.57
बिजनौर 45.95
कुल 248.57
नोट : आंकड़े करोड़ रुपये में हैं। बकाया भुगतान दस अक्तूबर तक का है।