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चीनी मिलों में बन रही रॉ शुगर, विदेश होगी निर्यात
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चीनी मिलों में बन रहीं रॉ शुगर, विदेश होगी निर्यात
बिजनौर। जिले की तीन चीनी मिलों ने इस बार भी रॉ शुगर बनानी शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक चीनी मिलों को रॉ शुगर बनाने का कोटा जारी नहीं किया गया है। रॉ शुगर को विदेशों में निर्यात किया जाएगा। यह चीनी बनाने पर केंद्र सरकार द्वारा चीनी मिलों को सब्सिडी दी जाएगी। विदेशों में चीनी जाने से स्थानीय बाजार में चीनी की निर्भरता कम होगी और चीनी के दामों में सुधार आएगा।
गन्ने की बंपर पैदावार और बढ़ी चीनी रिकवरी से चीनी का बाजार पहले की तरह नहीं चढ़ रहा है। चीनी के दामों में कुछ खास इजाफा नहीं हुआ है। वर्तमान में चीनी के दाम 325 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। पिछले साल का भी चीनी का स्टॉक चीनी मिलों के पास है। चीनी की भरमार को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी निर्यात करने का फैसला किया गया है। चीनी को निर्यात करने के आदेश दिए गए हैं। पिछले साल जिले में बिजनौर, धामपुर व अफजलगढ़ मिलों ने रॉ शुगर बनाई थी। धामपुर चीनी मिल 6.30 लाख, अफजलगढ़ चीनी मिल 1.63 लाख व बिजनौर चीनी मिल एक लाख क्विंटल रॉ शुगर बनाई थी। इस साल भी जिले की चीनी मिलें रॉ शुगर बना रही हैं। अफजलगढ़, स्योहारा व धामपुर चीनी मिल रॉ शुगर बना रही हैं। इस चीनी को बाजार मूल्य से कम कीमत पर विदेशी बाजार में बेचा जाएगा। जो बाजार मूल्य के बराबर कम पैसा मिलेगा, उसकी सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दी जाएगी।
ऐसे बनती है रॉ शुगर
गन्ने के रस को अनेक प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद गंधक से साफ कर चीनी के दाने में बदल दिया जाता है। यह चीनी सफेद रंग की होती है। रॉ शुगर में गंधक का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यह चीनी पीले रंग की होती है। विदेशों को दोनों तरह की चीनी भेजी जा सकती है। लेकिन विदेशी चीनी को रिफाइनरी में गलाकर फिर से बड़े दाने वाली चीनी बनाते हैं। ऐसे में जो चीनी मिल पीली चीनी भेजते हैं तो उनकी लागत कम आती है।
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दाम से कम मिल रही कीमत
एक क्विंटल चीनी बनाने में 3500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल तक का खर्च आता है। चीनी मिल मालिक चीनी का दाम चार हजार रुपये प्रति क्विंटल मांगते हैं। लेकिन बाजार में चीनी की बहुतायत को देखते हुए चीनी के दामों में उछाल नहीं आ रहा है।
विदेश जाएगी चीनी
धामपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक आजाद भगत सिंह के अनुसार मिल में रॉ शुगर बनाई जा रही है। चीनी का बाजार बढ़ने से मिल और किसान दोनों को फायदा होगा।
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बिजनौर। जिले की तीन चीनी मिलों ने इस बार भी रॉ शुगर बनानी शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक चीनी मिलों को रॉ शुगर बनाने का कोटा जारी नहीं किया गया है। रॉ शुगर को विदेशों में निर्यात किया जाएगा। यह चीनी बनाने पर केंद्र सरकार द्वारा चीनी मिलों को सब्सिडी दी जाएगी। विदेशों में चीनी जाने से स्थानीय बाजार में चीनी की निर्भरता कम होगी और चीनी के दामों में सुधार आएगा।
गन्ने की बंपर पैदावार और बढ़ी चीनी रिकवरी से चीनी का बाजार पहले की तरह नहीं चढ़ रहा है। चीनी के दामों में कुछ खास इजाफा नहीं हुआ है। वर्तमान में चीनी के दाम 325 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। पिछले साल का भी चीनी का स्टॉक चीनी मिलों के पास है। चीनी की भरमार को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी निर्यात करने का फैसला किया गया है। चीनी को निर्यात करने के आदेश दिए गए हैं। पिछले साल जिले में बिजनौर, धामपुर व अफजलगढ़ मिलों ने रॉ शुगर बनाई थी। धामपुर चीनी मिल 6.30 लाख, अफजलगढ़ चीनी मिल 1.63 लाख व बिजनौर चीनी मिल एक लाख क्विंटल रॉ शुगर बनाई थी। इस साल भी जिले की चीनी मिलें रॉ शुगर बना रही हैं। अफजलगढ़, स्योहारा व धामपुर चीनी मिल रॉ शुगर बना रही हैं। इस चीनी को बाजार मूल्य से कम कीमत पर विदेशी बाजार में बेचा जाएगा। जो बाजार मूल्य के बराबर कम पैसा मिलेगा, उसकी सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दी जाएगी।
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ऐसे बनती है रॉ शुगर
गन्ने के रस को अनेक प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद गंधक से साफ कर चीनी के दाने में बदल दिया जाता है। यह चीनी सफेद रंग की होती है। रॉ शुगर में गंधक का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यह चीनी पीले रंग की होती है। विदेशों को दोनों तरह की चीनी भेजी जा सकती है। लेकिन विदेशी चीनी को रिफाइनरी में गलाकर फिर से बड़े दाने वाली चीनी बनाते हैं। ऐसे में जो चीनी मिल पीली चीनी भेजते हैं तो उनकी लागत कम आती है।
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दाम से कम मिल रही कीमत
एक क्विंटल चीनी बनाने में 3500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल तक का खर्च आता है। चीनी मिल मालिक चीनी का दाम चार हजार रुपये प्रति क्विंटल मांगते हैं। लेकिन बाजार में चीनी की बहुतायत को देखते हुए चीनी के दामों में उछाल नहीं आ रहा है।
विदेश जाएगी चीनी
धामपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक आजाद भगत सिंह के अनुसार मिल में रॉ शुगर बनाई जा रही है। चीनी का बाजार बढ़ने से मिल और किसान दोनों को फायदा होगा।