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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे
बिजनौर। किसानों के आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, वेस्ट यूपी महासचिव विनोद कुमार सहित मुख्य कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सभी पदाधिकारी किसान आंदोलन के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर जाने की तैयारी में जुट गए हैं।
कृषि कानूनों के विरोध में जिले में सबसे पहले राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों ने आंदोलन शुरू किया था। जिलाध्यक्ष विनोद कुमार व कैलाश लांबा के नेतृत्व में किसान लगातार गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। 26 अगस्त को दिल्ली में हुए हंगामे के बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने आंदोलन से हटने का एलान कर दिया था। जिसके बाद जिले के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी लौट आए थे। अब किसानों पर की जा रही कार्रवाई से संगठन के पदाधिकारियों में गुस्सा है।
विनोद कुमार के अनुसार उन्होंने सरदार वीएम सिंह से किसान हित में आंदोलन को समर्थन देने को कहा तो इन्होंने साफ इंकार कर दिया। आंदोलन खत्म करने से पहले भी पदाधिकारियों से कोई वार्ता नहीं की गई। विनोद कुमार के अनुसार किसानों के साथ हो रही ज्यादती व राष्ट्रीय अध्यक्ष की निष्क्रियता के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया है। उनके अलावा कैलाश लांबा, जिला प्रभारी राजपाल भगत, वेदप्रकाश सिंह, अंकुर, युवा जिलाध्यक्ष बिट्टू कुमार, संजीव चिकारा, हरगुलाल सिंह, अमित कुमार, उपेंद्र राठी, ओमराज राठी आदि ने भी इस्तीफा दे दिया है। अब केवल आईटी सेल की कार्यकारिणी ही जिले में बची है। विनोद कुमार ने बताया कि वे अपने समर्थकों के साथ आंदोलन में शामिल होने गाजीपुर बॉर्डर जा रहे हैं। अब कृषि कानूनों के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
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आंदोलन को समर्थन करने का आह्वान
बिजनौर। संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष शूरवीर सिंह ने अपने बयान में कहा है कि किसानों का आंदोलन खेती और किसानों की आने वाली नस्लों को बचाने के लिए है। कहा कि फसलों के सही दाम न मिलने से किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। सरकार एक धर्म विशेष के किसानों को राष्ट्र विरोधी बताकर बदनाम कर रही है। यह आखिरी लड़ाई है। अगर यह आंदोलन फेल होता है तो फिर कोई आंदोलन सफल नहीं होगा। उन्होंने सभी किसानों से आंदोलन को समर्थन करने का आह्वान किया है।
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बिजनौर। किसानों के आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, वेस्ट यूपी महासचिव विनोद कुमार सहित मुख्य कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सभी पदाधिकारी किसान आंदोलन के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर जाने की तैयारी में जुट गए हैं।
कृषि कानूनों के विरोध में जिले में सबसे पहले राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों ने आंदोलन शुरू किया था। जिलाध्यक्ष विनोद कुमार व कैलाश लांबा के नेतृत्व में किसान लगातार गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। 26 अगस्त को दिल्ली में हुए हंगामे के बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने आंदोलन से हटने का एलान कर दिया था। जिसके बाद जिले के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी लौट आए थे। अब किसानों पर की जा रही कार्रवाई से संगठन के पदाधिकारियों में गुस्सा है।
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विनोद कुमार के अनुसार उन्होंने सरदार वीएम सिंह से किसान हित में आंदोलन को समर्थन देने को कहा तो इन्होंने साफ इंकार कर दिया। आंदोलन खत्म करने से पहले भी पदाधिकारियों से कोई वार्ता नहीं की गई। विनोद कुमार के अनुसार किसानों के साथ हो रही ज्यादती व राष्ट्रीय अध्यक्ष की निष्क्रियता के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया है। उनके अलावा कैलाश लांबा, जिला प्रभारी राजपाल भगत, वेदप्रकाश सिंह, अंकुर, युवा जिलाध्यक्ष बिट्टू कुमार, संजीव चिकारा, हरगुलाल सिंह, अमित कुमार, उपेंद्र राठी, ओमराज राठी आदि ने भी इस्तीफा दे दिया है। अब केवल आईटी सेल की कार्यकारिणी ही जिले में बची है। विनोद कुमार ने बताया कि वे अपने समर्थकों के साथ आंदोलन में शामिल होने गाजीपुर बॉर्डर जा रहे हैं। अब कृषि कानूनों के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
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आंदोलन को समर्थन करने का आह्वान
बिजनौर। संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष शूरवीर सिंह ने अपने बयान में कहा है कि किसानों का आंदोलन खेती और किसानों की आने वाली नस्लों को बचाने के लिए है। कहा कि फसलों के सही दाम न मिलने से किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। सरकार एक धर्म विशेष के किसानों को राष्ट्र विरोधी बताकर बदनाम कर रही है। यह आखिरी लड़ाई है। अगर यह आंदोलन फेल होता है तो फिर कोई आंदोलन सफल नहीं होगा। उन्होंने सभी किसानों से आंदोलन को समर्थन करने का आह्वान किया है।