फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Rashtriya Kisan Mazdoor Sangathan officials resigned

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे

Fri, 29 Jan 2021 11:47 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2021 11:47 PM IST
विज्ञापन
Rashtriya Kisan Mazdoor Sangathan officials resigned
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे
विज्ञापन

बिजनौर। किसानों के आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, वेस्ट यूपी महासचिव विनोद कुमार सहित मुख्य कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सभी पदाधिकारी किसान आंदोलन के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर जाने की तैयारी में जुट गए हैं।
कृषि कानूनों के विरोध में जिले में सबसे पहले राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों ने आंदोलन शुरू किया था। जिलाध्यक्ष विनोद कुमार व कैलाश लांबा के नेतृत्व में किसान लगातार गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। 26 अगस्त को दिल्ली में हुए हंगामे के बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने आंदोलन से हटने का एलान कर दिया था। जिसके बाद जिले के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी लौट आए थे। अब किसानों पर की जा रही कार्रवाई से संगठन के पदाधिकारियों में गुस्सा है।
विज्ञापन

विनोद कुमार के अनुसार उन्होंने सरदार वीएम सिंह से किसान हित में आंदोलन को समर्थन देने को कहा तो इन्होंने साफ इंकार कर दिया। आंदोलन खत्म करने से पहले भी पदाधिकारियों से कोई वार्ता नहीं की गई। विनोद कुमार के अनुसार किसानों के साथ हो रही ज्यादती व राष्ट्रीय अध्यक्ष की निष्क्रियता के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया है। उनके अलावा कैलाश लांबा, जिला प्रभारी राजपाल भगत, वेदप्रकाश सिंह, अंकुर, युवा जिलाध्यक्ष बिट्टू कुमार, संजीव चिकारा, हरगुलाल सिंह, अमित कुमार, उपेंद्र राठी, ओमराज राठी आदि ने भी इस्तीफा दे दिया है। अब केवल आईटी सेल की कार्यकारिणी ही जिले में बची है। विनोद कुमार ने बताया कि वे अपने समर्थकों के साथ आंदोलन में शामिल होने गाजीपुर बॉर्डर जा रहे हैं। अब कृषि कानूनों के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

आंदोलन को समर्थन करने का आह्वान
बिजनौर। संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष शूरवीर सिंह ने अपने बयान में कहा है कि किसानों का आंदोलन खेती और किसानों की आने वाली नस्लों को बचाने के लिए है। कहा कि फसलों के सही दाम न मिलने से किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। सरकार एक धर्म विशेष के किसानों को राष्ट्र विरोधी बताकर बदनाम कर रही है। यह आखिरी लड़ाई है। अगर यह आंदोलन फेल होता है तो फिर कोई आंदोलन सफल नहीं होगा। उन्होंने सभी किसानों से आंदोलन को समर्थन करने का आह्वान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed