फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Rar intact, no agreement on measurement to resolve border dispute

Bijnor News: रार बरकरार, सीमा विवाद सुलझाने के लिए पैमाइश पर नहीं बनी सहमति

Sun, 26 Feb 2023 12:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Sun, 26 Feb 2023 12:22 AM IST
विज्ञापन
Rar intact, no agreement on measurement to resolve border dispute
बिजनौर के गंगा खादर क्षेत्र में जमीन की पैमाइश के दौरान मौके पर तैनात पुलिस।
बिजनौर। बिजनौर और उत्तराखंड के बीच सीमा विवाद को लेकर सालों से चल रही रार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। सीमा विवाद को सुलझाने के लिए फिर से पैमाइश की गई लेकिन सहमति नहीं बनी। बिजनौर के अफसरों की ओर से सौंपे गए नक्शे और पैमाइश को उत्तराखंड के अधिकारियों ने नकार दिया। पैमाइश के वक्त दोनों राज्यों की भारी पुलिस फोर्स भी मौके पर मौजूद रही।
विज्ञापन

दोनों राज्यों की सीमा पर मौजूद गंगा खादर की जमीन में उत्तराखंड के किसानों ने फसल बो रखी है। इस जमीन पर बिजनौर के गांव बादशाहपुर के किसान अपना हक जताते रहे हैं। इसी के चलते शनिवार को एसडीएम सदर मोहित कुमार, सीओ सिटी अनिल कुमार के नेतृत्व में राजस्व कर्मियों की टीम गंगा खादर में पहुंची, उधर लक्सर एसडीएम गोपालराम बिनवाल भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। दोनों राज्यों की संयुक्त टीम ने बिजनौर के बादशाहपुर गांव में लगी हद से पैमाइश शुरू की।
विज्ञापन


बताया गया कि दोनों राज्यों के अफसर अपनी अपनी सीमा से पैमाइश करते हुए पहुंच तो बीच में दो सौ मीटर लंबी जमीन बच गई। इस पर उत्तराखंड के अफसरों ने अपना हक जता दिया। उधर बिजनौर की ओर से नक्शा भी सौंपा गया। जिसे उत्तराखंड के अफसरों ने नकार दिया। जिसे लेकर दोनों ही प्रदेशों के अफसरों के बीच गहमागहमी और नोंकझोंक भी हुई। जब कोई हल नहीं निकल सका तो टीम बैरंग लौट आई।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश पर हुई पैमाइश



खादर की इस जमीन पर दोनों ही प्रदेशों के किसान अपना अपना हक जताते रहे हैं। जिसके चलते मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा। अब हाईकोर्ट के निर्देश पर ही इस जमीन की संयुक्त टीम ने पैैमाइश की थी।

हजारों बीघा जमीन पर कब्जा, हो रही अवैध वसूली

जिस जमीन को लेकर रार चल रही है, इस पर फिलहाल उत्तराखंड के किसानों का कब्जा है। बताया जा रहा है कि इस विवादित जमीन पर फसल बोने के लिए अवैध वसूली भी की जाती है। इस वसूली में उत्तराखंड के ही कुछ अधिकारियों के शामिल होने का आरोप बिजनौर के किसान लगा रहे हैं।
पहले भी हो चुकी रार और फायरिंग

इस जमीन पर पहले भी पैमाइश के लिए टीम पहुंची थी, उस वक्त कुछ किसान असलहा के साथ पहुंचे थे, जिन्होंने फायरिंग कर दी थी। बिजनौर के अफसरों को पीएसी भी ले जानी पड़ी थी। उधर दोनों ही प्रदेशों के अधिकारियों के बीच इस जमीन को लेकर पहले भी तनातनी हो चुकी है।
संयुक्त टीम ने सर्वे किया। जो नक्शे में जमीन थी, वह पूरी होने के बाद करीब दो सौ मीटर जमीन बच गई। हमने उत्तराखंड की टीम को इस जमीन के लिए शासन से मार्ग दर्शन लेने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने। हम उच्चाधिकारियों को सर्वे रिपोर्ट सौंपेंगे। - मोहित कुमार, एसडीएम सदर

बिजनौर टीम और हमारी टीम ने सर्वे किया था। यह बात सही है कि दो सौ मीटर जमीन बची है, लेकिन हमने बिजनौर की टीम से दोबारा किसी दूसरे सिहद्दे से सर्वे कराने को कहा है। ताकि सही स्थिति पता चल जाए। दूसरी तिथि निर्धारित होकर दोबारा सर्वे हो जाएगा। जो भी सामने आएगा, हमें मान्य होगा। - गोपालराम बिनवाल, एसडीएम लक्सर

बिजनौर के गंगा खादर क्षेत्र में जमीन की पैमाइश के दौरान मौके पर तैनात पुलिस।

बिजनौर के गंगा खादर क्षेत्र में जमीन की पैमाइश के दौरान मौके पर तैनात पुलिस।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed