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रेलवे का की-मैन और उसका साथी जमानत पर रिहा
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रेलवे का की-मैन और उसका साथी जमानत पर रिहा
धामपुर। मुरादाबाद कोर्ट ने मंगलवार को रेलवे की-मैन धमेंद्र कुमार और उसके साथी को जमानत पर रिहा कर दिया है। कोर्ट ने दोनों को हिदायत दी है कि यदि फिर से की- मैन ने अपने नौकरी की एवज में किसी दूसरे से ड्यूटी कराई तो रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
आरपीएफ चौकी प्रभारी विकल चौधरी ने बताया कि 22 अगस्त को रायपुर सादात थाने के गांव त्रिलोकवाला निवासी की-मैन धर्मेंद्र व उसके गांव के साथी विनेश उर्फ विनय को सीनियर सेक्शन इंजीनियर केएल वर्मा की रिपोर्ट पर गिरफ्तार कर चालान किया था। धर्मेंद्र कुमार पर आरोप था कि वह अपनी नौकरी के स्थान पर विनेश से ड्यूटी करा रहा था। यह मामला तब उजागर हुआ जब रेल विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर स्टाफ के साथ ट्रैक का निरीक्षण कर रहे थे। विनेश ने बताया कि उसने 15 सौ रुपयेधर्मेंद्र ली थी, उसे चुकता करने के लिए उसने प्रतिदिन 200 रुपये के हिसाब से अपनी ड्यूटी करा रहा है। इस मामले आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया था। बकौल चौकी प्रभारी विकल चौधरी का कहना है कि मुरादाबाद कोर्ट ने मंगलवार को हिदायत के साथ जमानत पर रिहा कर दिया है।
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धामपुर। मुरादाबाद कोर्ट ने मंगलवार को रेलवे की-मैन धमेंद्र कुमार और उसके साथी को जमानत पर रिहा कर दिया है। कोर्ट ने दोनों को हिदायत दी है कि यदि फिर से की- मैन ने अपने नौकरी की एवज में किसी दूसरे से ड्यूटी कराई तो रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
आरपीएफ चौकी प्रभारी विकल चौधरी ने बताया कि 22 अगस्त को रायपुर सादात थाने के गांव त्रिलोकवाला निवासी की-मैन धर्मेंद्र व उसके गांव के साथी विनेश उर्फ विनय को सीनियर सेक्शन इंजीनियर केएल वर्मा की रिपोर्ट पर गिरफ्तार कर चालान किया था। धर्मेंद्र कुमार पर आरोप था कि वह अपनी नौकरी के स्थान पर विनेश से ड्यूटी करा रहा था। यह मामला तब उजागर हुआ जब रेल विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर स्टाफ के साथ ट्रैक का निरीक्षण कर रहे थे। विनेश ने बताया कि उसने 15 सौ रुपयेधर्मेंद्र ली थी, उसे चुकता करने के लिए उसने प्रतिदिन 200 रुपये के हिसाब से अपनी ड्यूटी करा रहा है। इस मामले आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया था। बकौल चौकी प्रभारी विकल चौधरी का कहना है कि मुरादाबाद कोर्ट ने मंगलवार को हिदायत के साथ जमानत पर रिहा कर दिया है।
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