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कोर्ट फीस में बढ़ोतरी से अधिवक्ताओं में रोष
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कोर्ट फीस में बढ़ोतरी से वकीलों में रोष
बिजनौर। प्रदेश सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर अदालतों से ली जाने वाली सत्य प्रतिलिपि के लिए कोर्ट फीस में 10 गुना बढ़ोतरी किए जाने से अधिवक्ताओं में रोष है। वकीलों ने कोर्ट फीस में हुई वृद्धि को वापस लेने की मांग की है।
हाईकोर्ट ने नोटिफिकेशन के बाद प्रदेश की अदालतों में नई कोर्ट फीस लागू करने के लिए गाइडलाइन जारी की है। नोटिफिकेशन के अनुसार हाईकोर्ट ने दिवानी मामलों में सत्य प्रतिलिपि पर सामान्य प्रतिलिपि के लिए पांच रुपये के स्थान पर 50 रुपये व आवश्यक प्रतिलिपि के लिए 10 रुपये के स्थान पर 100 रुपये निर्धारित किए हैं। अभिलेख निरीक्षण के लिए पांच रुपये के स्थान पर 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। फौजदारी के मामलों में सामान्य प्रतिलिपि के लिए पांच रुपये के स्थान 10 रुपये व अर्जेंट प्रतिलिपि के लिए 10 रुपये के स्थान पर 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। जिला जज ने इस बारे में नई कोर्ट फीस के अनुसार कोर्ट फीस लेने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।
सिविल बार के अध्यक्ष केके शर्मा व सचिव विशाल अग्रवाल, जिला बार के महासचिव रामेंद्र सिंह, जिला बार के पूर्व अध्यक्ष एसके बबली ने बढ़ी कोर्ट फीस से चिंता व आपत्ति जताते हुए वादकारियों के हित में कोर्ट फीस में की गई बढ़ोतरी को समाप्त करने की मांग की है।
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बिजनौर। प्रदेश सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर अदालतों से ली जाने वाली सत्य प्रतिलिपि के लिए कोर्ट फीस में 10 गुना बढ़ोतरी किए जाने से अधिवक्ताओं में रोष है। वकीलों ने कोर्ट फीस में हुई वृद्धि को वापस लेने की मांग की है।
हाईकोर्ट ने नोटिफिकेशन के बाद प्रदेश की अदालतों में नई कोर्ट फीस लागू करने के लिए गाइडलाइन जारी की है। नोटिफिकेशन के अनुसार हाईकोर्ट ने दिवानी मामलों में सत्य प्रतिलिपि पर सामान्य प्रतिलिपि के लिए पांच रुपये के स्थान पर 50 रुपये व आवश्यक प्रतिलिपि के लिए 10 रुपये के स्थान पर 100 रुपये निर्धारित किए हैं। अभिलेख निरीक्षण के लिए पांच रुपये के स्थान पर 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। फौजदारी के मामलों में सामान्य प्रतिलिपि के लिए पांच रुपये के स्थान 10 रुपये व अर्जेंट प्रतिलिपि के लिए 10 रुपये के स्थान पर 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। जिला जज ने इस बारे में नई कोर्ट फीस के अनुसार कोर्ट फीस लेने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।
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सिविल बार के अध्यक्ष केके शर्मा व सचिव विशाल अग्रवाल, जिला बार के महासचिव रामेंद्र सिंह, जिला बार के पूर्व अध्यक्ष एसके बबली ने बढ़ी कोर्ट फीस से चिंता व आपत्ति जताते हुए वादकारियों के हित में कोर्ट फीस में की गई बढ़ोतरी को समाप्त करने की मांग की है।
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