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Bijnor News: गन्ने की टूटी सड़कों पर पीडब्लूडी चलाएगा निर्माण का रोलर
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बिजनौर। ग्रामीण अंचल में गन्ना विभाग की क्षतिग्रस्त 179 सड़कों का निर्माण जल्द होने की संभावना है। गन्ना विभाग से लोकनिर्माण विभाग को ग्रामीण क्षेत्र की 216 सड़कों की सूची दी थी। दोनों विभाग की संयुक्त जांच में करीब 179 सड़कें निर्माण के लिए पाई गईं। इन सड़कों के निर्माण के लिए लोकनिर्माण विभाग और गन्ना विभाग ने संयुक्त कार्य योजना बनाकर भेज दी है।
गांवों में मुख्यमार्गों से जोड़ने, गन्ना आपूर्ति वाली सड़कों का निर्माण गन्न विभाग की ओर से किया जाता रहा है। इस बार गन्ना विभाग की सड़कों का निर्माण भी शासन स्तर से पीडब्लूडी विभाग को दिया गया है। गन्ना विभाग ने जिले की 212 सड़कों की सूची निर्माण के लिए पीडब्लूडी विभाग को दे दी थी। दोनों विभागों ने सत्यापन में काफी सड़कों का निर्माण अन्य विभागों द्वारा होना पाया। सत्यापन में 179 खराब सड़कों का निर्माण कराएं जाना पाया है। बाकी कई शेष सड़कों का निर्माण कई अन्य विभागों के माध्यम से हो गया है।
- सात वर्षों से टूटी पड़ी हैं सड़कें
कारण कोई भी हो, ग्रामीण अंचल में पांच से सात साल पहले टूटी सड़कों की भरमार है। सड़क टूटी होने के कारण वहां से गन्ना आपूर्ति या अन्य वाहनों का आवागमन दुखदायी रहता है। सीमित बजट के कारण कई सड़कें निर्माण होने से रह गईं हैं।
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-सड़कों के निर्माण के लिए सड़कों की सूची बनाकर लोकनिर्माण को प्रेषित कर दी है। दोनों विभागों ने सड़कों का सत्यापन कर लिया है। जिले की 179 सड़कों की कार्ययोजना बन भी गई । -राजेश कुमार, अवर अभियंता गन्ना विभाग
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गांवों में मुख्यमार्गों से जोड़ने, गन्ना आपूर्ति वाली सड़कों का निर्माण गन्न विभाग की ओर से किया जाता रहा है। इस बार गन्ना विभाग की सड़कों का निर्माण भी शासन स्तर से पीडब्लूडी विभाग को दिया गया है। गन्ना विभाग ने जिले की 212 सड़कों की सूची निर्माण के लिए पीडब्लूडी विभाग को दे दी थी। दोनों विभागों ने सत्यापन में काफी सड़कों का निर्माण अन्य विभागों द्वारा होना पाया। सत्यापन में 179 खराब सड़कों का निर्माण कराएं जाना पाया है। बाकी कई शेष सड़कों का निर्माण कई अन्य विभागों के माध्यम से हो गया है।
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- सात वर्षों से टूटी पड़ी हैं सड़कें
कारण कोई भी हो, ग्रामीण अंचल में पांच से सात साल पहले टूटी सड़कों की भरमार है। सड़क टूटी होने के कारण वहां से गन्ना आपूर्ति या अन्य वाहनों का आवागमन दुखदायी रहता है। सीमित बजट के कारण कई सड़कें निर्माण होने से रह गईं हैं।
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-सड़कों के निर्माण के लिए सड़कों की सूची बनाकर लोकनिर्माण को प्रेषित कर दी है। दोनों विभागों ने सड़कों का सत्यापन कर लिया है। जिले की 179 सड़कों की कार्ययोजना बन भी गई । -राजेश कुमार, अवर अभियंता गन्ना विभाग