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किसानों का शासनादेश के खिलाफ डीसीओ कार्यालय में धरना
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बिजनौर में डीसीओ कार्यालय पर आकियू के धरने को संबोधित करते जिलाध्यक्ष धीरज कुमार।
- फोटो : BIJNOR
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किसानों का शासनादेश के खिलाफ डीसीओ कार्यालय में धरना
बिजनौर। आजाद किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने किसानों का गन्ना सट्टा हर साल जनसेवा केंद्रों से ऑनलाइन कराने के शासनादेश के विरोध में डीसीओ कार्यालय में धरना दिया। मिल व समिति अफसरों ने इस मामले में किसानों का सहयोग करने का आश्वासन दिया, लेकिन किसान नहीं माने।
धरने में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसान पहले से ही गन्ना मूल्य न बढ़ने और अवशेष भुगतान न होने की मार झेल रहा है। अब किसानों पर नया कानून थोप दिया गया है। कहा कि गन्ना रकबा ऑनलाइन न कराने पर किसानों का सट्टा समाप्त कर दिया जाएगा, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाध्यक्ष धीरज कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में गन्ना मूल्य पहले से ही अधिक है और वहां की सरकारें गन्ना मूल्य बढ़ा रही हैं। लेकिन प्रदेश सरकार ने चार सालों में गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की है। जबकि गन्ने की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने गन्ना भुगतान शीघ्र दिलाने तथा गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की।
एमपी सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की हितैषी नहीं है। जब तक प्रदेश की सरकार नहीं बदलेगी तब तक किसानों का भला नहीं होगा। गन्ना समिति व चीनी मिलों के अफसर किसानों के बीच पहुंचे और वार्ता की लेकिन किसानों ने धरना खत्म करने से इंकार कर दिया। धरने की अध्यक्षता हाजी शकील अहमद व संचालन सतेंद्र राठी ने किया। इस दौरान प्रदेश महासचिव धर्मेंद्र सिंह, युवा जिलाध्यक्ष गुरजीत, संजीव राठी, राहुल पंडित, अमर सिंह, मनोज कुमार, श्रीधर, आशीष त्यागी आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। आजाद किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने किसानों का गन्ना सट्टा हर साल जनसेवा केंद्रों से ऑनलाइन कराने के शासनादेश के विरोध में डीसीओ कार्यालय में धरना दिया। मिल व समिति अफसरों ने इस मामले में किसानों का सहयोग करने का आश्वासन दिया, लेकिन किसान नहीं माने।
धरने में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसान पहले से ही गन्ना मूल्य न बढ़ने और अवशेष भुगतान न होने की मार झेल रहा है। अब किसानों पर नया कानून थोप दिया गया है। कहा कि गन्ना रकबा ऑनलाइन न कराने पर किसानों का सट्टा समाप्त कर दिया जाएगा, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाध्यक्ष धीरज कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में गन्ना मूल्य पहले से ही अधिक है और वहां की सरकारें गन्ना मूल्य बढ़ा रही हैं। लेकिन प्रदेश सरकार ने चार सालों में गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की है। जबकि गन्ने की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने गन्ना भुगतान शीघ्र दिलाने तथा गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की।
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एमपी सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की हितैषी नहीं है। जब तक प्रदेश की सरकार नहीं बदलेगी तब तक किसानों का भला नहीं होगा। गन्ना समिति व चीनी मिलों के अफसर किसानों के बीच पहुंचे और वार्ता की लेकिन किसानों ने धरना खत्म करने से इंकार कर दिया। धरने की अध्यक्षता हाजी शकील अहमद व संचालन सतेंद्र राठी ने किया। इस दौरान प्रदेश महासचिव धर्मेंद्र सिंह, युवा जिलाध्यक्ष गुरजीत, संजीव राठी, राहुल पंडित, अमर सिंह, मनोज कुमार, श्रीधर, आशीष त्यागी आदि मौजूद रहे।
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