{"_id":"6092dee28ebc3e8dc0716314","slug":"primary-school-panchayat-ghar-to-become-quarantine-center-dhampur-news-mrt537193919","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राइमरी स्कूल, पंचायत घर बनेंगे क्वारंटीन सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राइमरी स्कूल, पंचायत घर बनेंगे क्वारंटीन सेंटर
विज्ञापन
प्राइमरी स्कूल, पंचायत घर बनेंगे क्वारंटीन सेंटर
धामपुर। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बुधवार को तहसील क्षेत्र के सभी राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों, सहायक विकास अधिकारियों की संयुक्त रूप से मीटिंग ली। उन्होंने निर्देशित किया कि कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गांवों में निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाए। लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों की कमेटी बनाई जाए। गांवों में प्राइमरी स्कूलों के भवन और पंचायत घरों को क्वारंटीन सेंटर बनाकर संक्रमित लोगों के वहां पर ठहरने की व्यवस्था की जाए।
एसडीएम ने कहा कि सरकार के आदेश हैं कि अब कोरोना कर्फ्यू में ढिलाई नहीं होनी चाहिए। सभी गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करेंगे। विकास विभाग की ओर से गांवों में सैनिटाइज कराया जाएगा। गांवों और नगरों में निगरानी समितियां सक्रियता के साथ काम करेंगी। बाहर से आने वालों को रोका जाएगा। यदि कोई संक्रमित है और होम आइसोलेट है। तो वह घरों से मनमाने तौर पर बाहर निकल कर नहीं घूमना चाहिए। संक्रमित लोगों के घरों में पैम्फलेटों को चस्पा कर अन्य लोगों को सतर्क करना होगा। जिससे गांव का कोई व्यक्ति संक्रमित क्षेत्र में आवाजाही से बचे। आंगनबाड़ी और आशा घर-घर जाकर संक्रमित लोगों की जांच करेंगी। लोगों को जागरूक करने का काम भी इन्हीं का होगा। ग्रामीणों को बताएंगी कि कोई भी बाहर से आने वाला व्यक्ति सीधे अपने घर में एंट्री नहीं करेगा। वह पहले अपना चेकअप कराएगा। यदि उसे किसी भी प्रकार की प्रॉब्लम है। बुखार, जुकाम या खांसी की शिकायत है तो उसे गांव में ही क्वारंटीन सेंटर पर रखकर उपचार कराया जाएगा। अधिकारियों से प्राइमरी स्कूलों और पंचायतघरों की सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। मीटिंग में तहसीलदार आरसी चौहान, परमानंद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
धामपुर। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बुधवार को तहसील क्षेत्र के सभी राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों, सहायक विकास अधिकारियों की संयुक्त रूप से मीटिंग ली। उन्होंने निर्देशित किया कि कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गांवों में निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाए। लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों की कमेटी बनाई जाए। गांवों में प्राइमरी स्कूलों के भवन और पंचायत घरों को क्वारंटीन सेंटर बनाकर संक्रमित लोगों के वहां पर ठहरने की व्यवस्था की जाए।
एसडीएम ने कहा कि सरकार के आदेश हैं कि अब कोरोना कर्फ्यू में ढिलाई नहीं होनी चाहिए। सभी गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करेंगे। विकास विभाग की ओर से गांवों में सैनिटाइज कराया जाएगा। गांवों और नगरों में निगरानी समितियां सक्रियता के साथ काम करेंगी। बाहर से आने वालों को रोका जाएगा। यदि कोई संक्रमित है और होम आइसोलेट है। तो वह घरों से मनमाने तौर पर बाहर निकल कर नहीं घूमना चाहिए। संक्रमित लोगों के घरों में पैम्फलेटों को चस्पा कर अन्य लोगों को सतर्क करना होगा। जिससे गांव का कोई व्यक्ति संक्रमित क्षेत्र में आवाजाही से बचे। आंगनबाड़ी और आशा घर-घर जाकर संक्रमित लोगों की जांच करेंगी। लोगों को जागरूक करने का काम भी इन्हीं का होगा। ग्रामीणों को बताएंगी कि कोई भी बाहर से आने वाला व्यक्ति सीधे अपने घर में एंट्री नहीं करेगा। वह पहले अपना चेकअप कराएगा। यदि उसे किसी भी प्रकार की प्रॉब्लम है। बुखार, जुकाम या खांसी की शिकायत है तो उसे गांव में ही क्वारंटीन सेंटर पर रखकर उपचार कराया जाएगा। अधिकारियों से प्राइमरी स्कूलों और पंचायतघरों की सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। मीटिंग में तहसीलदार आरसी चौहान, परमानंद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन