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Bijnor News: कालागढ़ में वन भूमि को वापस करने की तैयारी, नोटिस जारी
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सिंचाई विभाग की ओर से 750 लोगों को नोटिस जारी किए गए
कोटद्वार के उप जिलाधिकारी के लिखित आदेशों पर शुरू हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ़ में रामगंगा बांध परियोजना परिसर की भूमि को वन विभाग को वापस करने के लिए सिंचाई विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। इसमें लगभग 750 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस जारी करने से स्थानीय जनता में असमंजस की स्थिति है।
कालागढ़ की रामगंगा बांध परियोजना के आवासीय परिसर में निवास कर रहे गैर सरकारी नागरिकों को सिंचाई विभाग ने 15 दिनों में राजकीय आवासों को खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। कोटद्वार के उप जिलाधिकारी के लिखित आदेशों पर सिंचाई विभाग यह कार्रवाई कर रहा है।
शिविर प्रबंध खंड के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि नई दिल्ली के माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण की याचिका के अनुपालन में पांच दिसंबर को जिलाधिकारी ने बैठक में नोटिस जारी करने के मौखिक आदेश दिए थे। इस पर कोटद्वार के उप जिलाधिकारी ने नोटिस जारी करने के लिए लिखित आदेश जारी किया।
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कालागढ़ की नई कॉलोनी, केंद्रीय कॉलोनी, कच्चा प्लाट एवं सड़कों आदि पर रखें खोखे और केंद्रीय कॉलोनी के बाजार की दुकानों को खाली कराया जाना है। ध्वस्तीकरण के बाद भूमि वन विभाग को सौंपी जाएगी।
वन विभाग भी जारी करेगा नोटिस
कालागढ़ के वन क्षेत्र अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि कालागढ़ की कॉलोनी में निवास कर रहे वन विभाग के उन कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे, जिन्हें यहां आवास आवंटित नहीं है।
सैकड़ों परिवार के बेघर होने की आशंका और रोजगार पर मंडराया संकट
कालागढ़ में नई कॉलोनी में उत्तरी क्षेत्र में 109, दक्षिणी क्षेत्र में 285, सड़क के किनारे रखे 104 खोखे, कच्चा प्लाट में 32, केंद्रीय कॉलोनी में बाजार में 45 दुकान व 146 आवासों को खाली करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके चलते जहां सैकड़ो परिवारों के बेघर होने एवं रोजगार पर संकट मंडरा गया है। वहीं, बांध परियोजना पर सेवारत कर्मचारियों और अधिकारियों को भी बाजार आदि की सुविधाओं से महरूम होने की आशंका पैदा हो गई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए जनता के लिए कोई नीति निर्धारण करने की मांग की है।
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कोटद्वार के उप जिलाधिकारी के लिखित आदेशों पर शुरू हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ़ में रामगंगा बांध परियोजना परिसर की भूमि को वन विभाग को वापस करने के लिए सिंचाई विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। इसमें लगभग 750 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस जारी करने से स्थानीय जनता में असमंजस की स्थिति है।
कालागढ़ की रामगंगा बांध परियोजना के आवासीय परिसर में निवास कर रहे गैर सरकारी नागरिकों को सिंचाई विभाग ने 15 दिनों में राजकीय आवासों को खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। कोटद्वार के उप जिलाधिकारी के लिखित आदेशों पर सिंचाई विभाग यह कार्रवाई कर रहा है।
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शिविर प्रबंध खंड के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि नई दिल्ली के माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण की याचिका के अनुपालन में पांच दिसंबर को जिलाधिकारी ने बैठक में नोटिस जारी करने के मौखिक आदेश दिए थे। इस पर कोटद्वार के उप जिलाधिकारी ने नोटिस जारी करने के लिए लिखित आदेश जारी किया।
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कालागढ़ की नई कॉलोनी, केंद्रीय कॉलोनी, कच्चा प्लाट एवं सड़कों आदि पर रखें खोखे और केंद्रीय कॉलोनी के बाजार की दुकानों को खाली कराया जाना है। ध्वस्तीकरण के बाद भूमि वन विभाग को सौंपी जाएगी।
वन विभाग भी जारी करेगा नोटिस
कालागढ़ के वन क्षेत्र अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि कालागढ़ की कॉलोनी में निवास कर रहे वन विभाग के उन कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे, जिन्हें यहां आवास आवंटित नहीं है।
सैकड़ों परिवार के बेघर होने की आशंका और रोजगार पर मंडराया संकट
कालागढ़ में नई कॉलोनी में उत्तरी क्षेत्र में 109, दक्षिणी क्षेत्र में 285, सड़क के किनारे रखे 104 खोखे, कच्चा प्लाट में 32, केंद्रीय कॉलोनी में बाजार में 45 दुकान व 146 आवासों को खाली करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके चलते जहां सैकड़ो परिवारों के बेघर होने एवं रोजगार पर संकट मंडरा गया है। वहीं, बांध परियोजना पर सेवारत कर्मचारियों और अधिकारियों को भी बाजार आदि की सुविधाओं से महरूम होने की आशंका पैदा हो गई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए जनता के लिए कोई नीति निर्धारण करने की मांग की है।