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दीपों का उजियारा फैले हर काले अंधियारे पर ...
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नजीबाबाद में अभिव्यक्ति की काव्य संध्या में नन्ही कवयित्री को सम्मानित करते साहित्यकार।
- फोटो : NAZIBABAD
दीपों का उजियारा फैले हर काले अंधियारे मन...
नजीबाबाद। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था की काव्य संध्या में कवियों ने सामाजिक परिवेश और दीपावली से जुड़ीं रचनाएं प्रस्तुत कीं।
नीरज सिंघल के आवास पर धामपुर की पूर्व चेयरमैन लीला सिंघल की अध्यक्षता में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि इंद्राणी गोयल, विशिष्ठ अतिथि एसपी तिवारी की उपस्थिति में काव्य संध्या में कवियों ने सशक्त रचनाओं से मन मोह लिया। अशोक सविता ने पढ़ा, दीपावली दीपक का त्योहार है, मानव तेरे मन में विचारों के सघन वन में क्यों अंधकार है। जितेंद्र कक्कड़ ने आला भी तू अव्वल भी तू हर नूर में जज्बा तू ही तू रचना सुनाई। कुमुद कुमार ने पढ़ा - तिरंगा को कफन बनाकर शहादत के लिए निकला हूं। निशा अग्रवाल ने पढ़ा अमन चैन के खील बताशे, देश प्रेम की पूजा हो। प्रदीप डेजी ने मुझे भी रोशनी मिल जाए बिना बने सूरज कविता सुनाई। राजेंद्र त्यागी ने पढ़ा - न लगती कभी चांदनी खूबसूरत। राजेश मिश्रा राजू ने दीपों का उजियारा फैले हर काले अंधियारे मन कविता सुनाई। डॉक्टर बेगराज ने पढ़ा - दो पैसे कमाने परदेश क्या गए साजन। मंजू मधुर ने चलो प्रेम के दीए हम जलाएं कविता सुनाकर खूब वाह वाही बटोरी।
इस दौरान अजय जौहरी, टीकम सिंह, नीरज सिंघल, भगीरथ सिंह, अक्षत सिंघल, अंजलि मिश्रा, जयप्रकाश जौली, श्यामप्रकाश तिवारी और नानक ने भी काव्य पाठ किया। मुख्य अतिथि इंद्राणी गोयल ने रचनाकारों की सामाजिक चिंतन सोच की प्रशंसा की। कार्यक्रम की अध्यक्ष लीना सिंघल ने दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में भाजपा नेता आशीष सिंघल, लीना सिंघल, शिवकुमार माहेश्वरी, रुस्तम यादव, मोनिका यादव, पंकज सिंघल, दीपाली सिंघल, कमलेश सिंघल, निशांत, अखिल अग्रवाल, राजकुमार, धीरज श्रीवास्तव, दीपक सिंघल आदि ने भाग लिया।
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नजीबाबाद। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था की काव्य संध्या में कवियों ने सामाजिक परिवेश और दीपावली से जुड़ीं रचनाएं प्रस्तुत कीं।
नीरज सिंघल के आवास पर धामपुर की पूर्व चेयरमैन लीला सिंघल की अध्यक्षता में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि इंद्राणी गोयल, विशिष्ठ अतिथि एसपी तिवारी की उपस्थिति में काव्य संध्या में कवियों ने सशक्त रचनाओं से मन मोह लिया। अशोक सविता ने पढ़ा, दीपावली दीपक का त्योहार है, मानव तेरे मन में विचारों के सघन वन में क्यों अंधकार है। जितेंद्र कक्कड़ ने आला भी तू अव्वल भी तू हर नूर में जज्बा तू ही तू रचना सुनाई। कुमुद कुमार ने पढ़ा - तिरंगा को कफन बनाकर शहादत के लिए निकला हूं। निशा अग्रवाल ने पढ़ा अमन चैन के खील बताशे, देश प्रेम की पूजा हो। प्रदीप डेजी ने मुझे भी रोशनी मिल जाए बिना बने सूरज कविता सुनाई। राजेंद्र त्यागी ने पढ़ा - न लगती कभी चांदनी खूबसूरत। राजेश मिश्रा राजू ने दीपों का उजियारा फैले हर काले अंधियारे मन कविता सुनाई। डॉक्टर बेगराज ने पढ़ा - दो पैसे कमाने परदेश क्या गए साजन। मंजू मधुर ने चलो प्रेम के दीए हम जलाएं कविता सुनाकर खूब वाह वाही बटोरी।
इस दौरान अजय जौहरी, टीकम सिंह, नीरज सिंघल, भगीरथ सिंह, अक्षत सिंघल, अंजलि मिश्रा, जयप्रकाश जौली, श्यामप्रकाश तिवारी और नानक ने भी काव्य पाठ किया। मुख्य अतिथि इंद्राणी गोयल ने रचनाकारों की सामाजिक चिंतन सोच की प्रशंसा की। कार्यक्रम की अध्यक्ष लीना सिंघल ने दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में भाजपा नेता आशीष सिंघल, लीना सिंघल, शिवकुमार माहेश्वरी, रुस्तम यादव, मोनिका यादव, पंकज सिंघल, दीपाली सिंघल, कमलेश सिंघल, निशांत, अखिल अग्रवाल, राजकुमार, धीरज श्रीवास्तव, दीपक सिंघल आदि ने भाग लिया।
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