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दो हाईटेक नर्सरी में तैयार होंगे उन्नत प्रजाति के पौधे
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दो हाईटेक नर्सरी में तैयार होंगे उन्नत प्रजाति के पौधे
बिजनौर। जनपद में दो हाईटेक नर्सरी स्थापित की जाएंगी। इन नर्सरियों में उन्नत प्रजाति के फलदार एवं छायादार पौधे तैयार किए जाएंगे। दोनों नर्सरी गंगा किनारे खादर क्षेत्र में ही कम से कम एक-एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनाई जाएंगी। शासन एवं उद्यान विभाग की ओर से नर्सरी तैयार करने वाले लाभार्थी को अनुदान उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
गंगा को प्रदूषण मुक्त कर धारा अविरल बनाने तथा गंगा किनारे हरियाली रखने की तैयारी की जा रही है। गंगा किनारे करीब 46 गांवों में जैविक खेती कराई जा रही है। साथ ही इन गांवों में बाग को बढ़ावा दिया जा रहा है। जनपद में सरकारी पौधशाला पृथ्वीपुर में है। सरकार की योजना में जनपद में गंगा के किनारे फलदार पौधों के पेड़ों का कॉरिडोर भी बनाना है। इसी क्रम में किसानों को बाग लगाने के लिए विभिन्न प्रजाति की पौध आसानी से उपलब्ध हो जाए। इसके लिए जनपद के खादर क्षेत्र में छोटी दो हाईटेक नर्सरी तैयार की जाएगी।
एक हाईटेक नर्सरी की प्रस्तावित लागत करीब 15 लाख रुपये है। सरकार की ओर से नर्सरी स्थापित करने के लिए पचास प्रतिशत अनुदान का भी प्रावधान है। अफसरों के अनुसार इन हाईटेक नर्सरी में उन्नत प्रजाति के अमरूद, आम, नींबू, कटहल, लीची, मौसमी आदि फलदार पौधे तथा छायादार पौधे भी तैयार किए जाएंगे। इन नर्सरी से किसान आसानी से पौध खरीदकर रोपित कर सकते हैं। इस पहल से गंगा किनारे किसानों को पौध लेने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और गंगा क्षेत्र हरा-भरा रहेंगे। नर्सरी तथा बाग लगाने वाले किसानों की भी अतिरिक्त आय बढ़ेगी।
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जनपद में दो छोटी हाईटेक नर्सरी तैयार की जाएगी। इसे स्थापित करने के लिए करीब 15 लाख रुपये की लागत प्रस्तावित है। इस पर शासन की ओर से लाभार्थी को पचास प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। यह हाईटेक नर्सरी खादर क्षेत्र में ही स्थापित कराई जाएंगी
- जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
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बिजनौर। जनपद में दो हाईटेक नर्सरी स्थापित की जाएंगी। इन नर्सरियों में उन्नत प्रजाति के फलदार एवं छायादार पौधे तैयार किए जाएंगे। दोनों नर्सरी गंगा किनारे खादर क्षेत्र में ही कम से कम एक-एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनाई जाएंगी। शासन एवं उद्यान विभाग की ओर से नर्सरी तैयार करने वाले लाभार्थी को अनुदान उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
गंगा को प्रदूषण मुक्त कर धारा अविरल बनाने तथा गंगा किनारे हरियाली रखने की तैयारी की जा रही है। गंगा किनारे करीब 46 गांवों में जैविक खेती कराई जा रही है। साथ ही इन गांवों में बाग को बढ़ावा दिया जा रहा है। जनपद में सरकारी पौधशाला पृथ्वीपुर में है। सरकार की योजना में जनपद में गंगा के किनारे फलदार पौधों के पेड़ों का कॉरिडोर भी बनाना है। इसी क्रम में किसानों को बाग लगाने के लिए विभिन्न प्रजाति की पौध आसानी से उपलब्ध हो जाए। इसके लिए जनपद के खादर क्षेत्र में छोटी दो हाईटेक नर्सरी तैयार की जाएगी।
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एक हाईटेक नर्सरी की प्रस्तावित लागत करीब 15 लाख रुपये है। सरकार की ओर से नर्सरी स्थापित करने के लिए पचास प्रतिशत अनुदान का भी प्रावधान है। अफसरों के अनुसार इन हाईटेक नर्सरी में उन्नत प्रजाति के अमरूद, आम, नींबू, कटहल, लीची, मौसमी आदि फलदार पौधे तथा छायादार पौधे भी तैयार किए जाएंगे। इन नर्सरी से किसान आसानी से पौध खरीदकर रोपित कर सकते हैं। इस पहल से गंगा किनारे किसानों को पौध लेने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और गंगा क्षेत्र हरा-भरा रहेंगे। नर्सरी तथा बाग लगाने वाले किसानों की भी अतिरिक्त आय बढ़ेगी।
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जनपद में दो छोटी हाईटेक नर्सरी तैयार की जाएगी। इसे स्थापित करने के लिए करीब 15 लाख रुपये की लागत प्रस्तावित है। इस पर शासन की ओर से लाभार्थी को पचास प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। यह हाईटेक नर्सरी खादर क्षेत्र में ही स्थापित कराई जाएंगी
- जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी