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फुपुफ्टा ने चरणबद्ध आंदोलन का किया एलान
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फुपुफ्टा ने चरणबद्ध आंदोलन का किया एलान
बिजनौर। देश के डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के संगठन फुपुफ्टा के अधिवेशन में अर्से से लंबित मांगों के पूरा नहीं होने पर पांच अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन का फैसला लिया गया है। अधिवेशन में अनुदानित महाविद्यालयों के अध्यक्षों एवं महामंत्रियों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन में पीएचडी की उपाधि धारक शिक्षकों को महाविद्यालय में पदभार ग्रहण करने पर एडवांस इंक्रीमेंट देने की मांग प्रमुखता से उठी है।
रूहेलखंड टीचर्स एसोसिएशन रूटा के अध्यक्ष एवं वर्धमान कॉलेज बिजनौर में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार, महामंत्री डॉ. स्वदेश सिंह, आरएसएम कॉलेज धामपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. स्वराज सिंह तथा डॉ. ओमप्रकाश वर्मा ने रूहेलखंड विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया है। डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि वृंदावन में हुए अधिवेशन में देश के 500 से अधिक शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिवेशन में पुरानी पेंशन बहाल करने, महाविद्यालयों में प्रोफेसर पदनाम देने, डिग्री शिक्षकों की अधिवर्षता आयु 65 वर्ष करने, कोरोना से मृत शिक्षकों का जीपीएफ, पेंशन का शीघ्र भुगतान करने तथा पीएचडी उपाधि धारक शिक्षकों को विश्वविद्यालय की व्यवस्था के अनुसार कार्यभार संभालने पर पांच एडवांस इंक्रीमेंट देने आदि प्रस्ताव पारित किए गए हैं।
बताया कि मांगों को लेकर पांच अक्तूबर को पूरे देश में विश्वविद्यालय स्तर पर तथा उसके बाद निदेशालय स्तर पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय होगी। उन्होंने बताया कि अधिवेशन में सभी शिक्षक प्रतिनिधि इस बात से एक मत थे कि कोरोना काल में छात्रों की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई की जाए। शिक्षक मनोयोग से अपने शिक्षक के दायित्वों का निर्वाह कर रहे हैं।
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बिजनौर। देश के डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के संगठन फुपुफ्टा के अधिवेशन में अर्से से लंबित मांगों के पूरा नहीं होने पर पांच अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन का फैसला लिया गया है। अधिवेशन में अनुदानित महाविद्यालयों के अध्यक्षों एवं महामंत्रियों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन में पीएचडी की उपाधि धारक शिक्षकों को महाविद्यालय में पदभार ग्रहण करने पर एडवांस इंक्रीमेंट देने की मांग प्रमुखता से उठी है।
रूहेलखंड टीचर्स एसोसिएशन रूटा के अध्यक्ष एवं वर्धमान कॉलेज बिजनौर में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार, महामंत्री डॉ. स्वदेश सिंह, आरएसएम कॉलेज धामपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. स्वराज सिंह तथा डॉ. ओमप्रकाश वर्मा ने रूहेलखंड विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया है। डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि वृंदावन में हुए अधिवेशन में देश के 500 से अधिक शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिवेशन में पुरानी पेंशन बहाल करने, महाविद्यालयों में प्रोफेसर पदनाम देने, डिग्री शिक्षकों की अधिवर्षता आयु 65 वर्ष करने, कोरोना से मृत शिक्षकों का जीपीएफ, पेंशन का शीघ्र भुगतान करने तथा पीएचडी उपाधि धारक शिक्षकों को विश्वविद्यालय की व्यवस्था के अनुसार कार्यभार संभालने पर पांच एडवांस इंक्रीमेंट देने आदि प्रस्ताव पारित किए गए हैं।
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बताया कि मांगों को लेकर पांच अक्तूबर को पूरे देश में विश्वविद्यालय स्तर पर तथा उसके बाद निदेशालय स्तर पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय होगी। उन्होंने बताया कि अधिवेशन में सभी शिक्षक प्रतिनिधि इस बात से एक मत थे कि कोरोना काल में छात्रों की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई की जाए। शिक्षक मनोयोग से अपने शिक्षक के दायित्वों का निर्वाह कर रहे हैं।
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