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पराली, पत्ती जलाने के नाम पर न हो किसानों का उत्पीड़न

Sat, 07 Dec 2019 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2019 11:42 PM IST
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'Persecution in the name of burning straw and leaf'
‘पराली और पत्ती जलाने के नाम पर हो रहा उत्पीड़न’
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बिजनौर। भारतीय किसान संघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बृजेश कुमार को दिया। किसानों का पराली, पत्ती जलाने के नाम पर उत्पीड़न बंद कराने की मांग की गई।

गन्ना समिति परिसर में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वायु प्रदूषण के लिए उद्योगपति से लेकर शासन प्रशासन तक किसानों को दोषी ठहरा रहे हैं, जबकि किसान ही अपने खेतों की मेड़ पर पौधे लगाकर पर्यावरण को संरक्षित करते हैं। किसान ही देश की जनता का भरण पोषण कर रहे हैं। किसान सैकड़ों सालों से पत्ती व धान की डंठल जलाता है। इससे वायु प्रदूषण नहीं होता है। प्रदूषण खेतों से नहीं बल्कि शहरों से होता है। दिल्ली में हर रोज एक करोड़ लीटर पेट्रोल, डीजल जलाने आदि से प्रदूषण हो रहा है। इससे होने वाले प्रदूषण का हिस्सा 95 प्रतिशत से अधिक है। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन दिया। ज्ञापन में किसानों का पत्ती व पराली जलाने के नाम पर उत्पीड़न बंद करने, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, वायु प्रदूषण की जांच को समिति गठित करके किसानों को उसमे शामिल करने, पिछले साल का बकाया गन्ना भुगतान कराने, चालू पेराई सत्र में गन्ना भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह, राजकुमार सिंह, लाल सिंह, संजीव कुमार, सुनील कुमार, रामगोपाल आदि किसान मौजूद रहे।
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