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एआरटीओ कार्यालय से लोगों ने बनाई दूरी
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एआरटीओ कार्यालय से लोगों ने बनाई दूरी
बिजनौर। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में काम कराने आने वाले 80 फीसदी तक लोग घट गए हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामलों के कारण लोगों ने परिवहन विभाग से दूरी बना ली है। पहले रोजाना औसतन एक हजार लोग आवेदन करने यहां आते थे। वहीं, अब यह संख्या सिमट गई है। हमेशा प्रतीक्षा में रहने वाले लर्निंग लाइसेंस के टाइम स्लॉट भी खाली हैं। हालांकि विभाग ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए 15 मई तक डीएल समेत अन्य कार्यों पर रोक लगा दी है।
परिवहन विभाग में सबसे ज्यादा लोग ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों की फिटनेस के लिए पहुंचते थे, लेकिन इन दिनों यह संख्या बेहद कम हो गई है। एआरटीओ प्रशासन शिवशंकर सिंह ने बताया कि मार्च माह तक रोजाना लगभग 650 लोगों के लर्निंग एवं स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनते थे और करीब 100 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंसों का नवीनीकरण होता था। अब डीएल संबंधी तो सभी कार्य बंद हैं। इसके अलावा डुप्लीकेट आरसी, वाहनों की फिटनेस, आरसी पर बैंक ऋण कटवाने सहित अन्य कार्यों के लिए भी 70 से 72 लोग ही कार्यालय आ रहे थे। उनमें भी कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि जिन वाहनों के दस्तावेजों की वैधता इस माह खत्म हो रही थी। शासन ने उनकी वैधता बढ़ाकर 30 जून 2021 तक दी है।
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बिजनौर। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में काम कराने आने वाले 80 फीसदी तक लोग घट गए हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामलों के कारण लोगों ने परिवहन विभाग से दूरी बना ली है। पहले रोजाना औसतन एक हजार लोग आवेदन करने यहां आते थे। वहीं, अब यह संख्या सिमट गई है। हमेशा प्रतीक्षा में रहने वाले लर्निंग लाइसेंस के टाइम स्लॉट भी खाली हैं। हालांकि विभाग ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए 15 मई तक डीएल समेत अन्य कार्यों पर रोक लगा दी है।
परिवहन विभाग में सबसे ज्यादा लोग ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों की फिटनेस के लिए पहुंचते थे, लेकिन इन दिनों यह संख्या बेहद कम हो गई है। एआरटीओ प्रशासन शिवशंकर सिंह ने बताया कि मार्च माह तक रोजाना लगभग 650 लोगों के लर्निंग एवं स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनते थे और करीब 100 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंसों का नवीनीकरण होता था। अब डीएल संबंधी तो सभी कार्य बंद हैं। इसके अलावा डुप्लीकेट आरसी, वाहनों की फिटनेस, आरसी पर बैंक ऋण कटवाने सहित अन्य कार्यों के लिए भी 70 से 72 लोग ही कार्यालय आ रहे थे। उनमें भी कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि जिन वाहनों के दस्तावेजों की वैधता इस माह खत्म हो रही थी। शासन ने उनकी वैधता बढ़ाकर 30 जून 2021 तक दी है।
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