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लॉकडाउन में पलेज की फसलों को भारी नुकसान
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चांदपुर के दत्तियाना क्षेत्र के खाद्दर में लगाई फसल में हुए नुकसान के बारे में चर्चा करते पलेजी क
- फोटो : BIJNOR
लॉकडाउन में पलेज की फसलों को भारी नुकसान
चांदपुर। विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के चलते देश में लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू हो गया है। सिंघाड़िया समाज के लोग गर्मियों में खादर क्षेत्र में तरबूज, खरबूूजा, ककड़ी आदि की पलेज लगाते हैं। लॉकडाउन के चलते फसल का उठान न होने, फसल के बाहर न जाने व बारिश से फसल खराब होने के कारण पलेजियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
25 मार्च से पूरे देश में लॉक डाउन किया हुआ है। जिससे सभी कारोबार प्रभावित हुए हैं। लॉक डाउन की तीसरा चरण रविवार को पूरा हो गया है। लॉकडाउन-फोर में भी कोई विशेष राहत नहीं मिली है। चांदपुर निवासी पिंटू, डब्लू, राजवती, सोनू, पवन, तुलाराम, मनीराम, पंकज, रिंकू आदि ने बताया कि वे सीजन में खाद्दर क्षेत्र में पलेज लगाकर उत्पादित फसल को बेच कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। पलेज लगाने वाले बहुत से लोग सीजन में लोगों से रुपये उधार लेकर फसल लगाते हैं और फसल बिकने पर उधार चुकता करते हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते फसल का उठान नहीं हुआ। बाहरी क्षेत्र में फसल नहीं जा सकी। फसल के दाम नहीं मिल पाए, ऊपर से बारिश हो जाने से फसल खराब हो गई। जिससे पलेजी किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। काफी फसल उठान न होने के कारण खराब हो गई है जिसे फेंकना पड़ा है। पिंटू, तुलाराम ने बताया कि इस वर्ष फसल में करीब दो लाख रुपये लगाए थे। अभी तक फसल से मात्र 60-70 हजार के करीब ही निकल पाए हैं, जबकि फसल का समय करीब एक सप्ताह ही रहा गया है। पलेज लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले किसानों का कहना है कि लॉक डाउन के चलते बहुत नुकसान हुआ है।
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चांदपुर। विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के चलते देश में लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू हो गया है। सिंघाड़िया समाज के लोग गर्मियों में खादर क्षेत्र में तरबूज, खरबूूजा, ककड़ी आदि की पलेज लगाते हैं। लॉकडाउन के चलते फसल का उठान न होने, फसल के बाहर न जाने व बारिश से फसल खराब होने के कारण पलेजियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
25 मार्च से पूरे देश में लॉक डाउन किया हुआ है। जिससे सभी कारोबार प्रभावित हुए हैं। लॉक डाउन की तीसरा चरण रविवार को पूरा हो गया है। लॉकडाउन-फोर में भी कोई विशेष राहत नहीं मिली है। चांदपुर निवासी पिंटू, डब्लू, राजवती, सोनू, पवन, तुलाराम, मनीराम, पंकज, रिंकू आदि ने बताया कि वे सीजन में खाद्दर क्षेत्र में पलेज लगाकर उत्पादित फसल को बेच कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। पलेज लगाने वाले बहुत से लोग सीजन में लोगों से रुपये उधार लेकर फसल लगाते हैं और फसल बिकने पर उधार चुकता करते हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते फसल का उठान नहीं हुआ। बाहरी क्षेत्र में फसल नहीं जा सकी। फसल के दाम नहीं मिल पाए, ऊपर से बारिश हो जाने से फसल खराब हो गई। जिससे पलेजी किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। काफी फसल उठान न होने के कारण खराब हो गई है जिसे फेंकना पड़ा है। पिंटू, तुलाराम ने बताया कि इस वर्ष फसल में करीब दो लाख रुपये लगाए थे। अभी तक फसल से मात्र 60-70 हजार के करीब ही निकल पाए हैं, जबकि फसल का समय करीब एक सप्ताह ही रहा गया है। पलेज लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले किसानों का कहना है कि लॉक डाउन के चलते बहुत नुकसान हुआ है।
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