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Bijnor News: पोर्टल में बदलाव से अटका टीबी मरीजों का भुगतान
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बिजनौर। टीबी मरीजों के भुगतान के प्रक्रिया बदल रही है। केंद्र सरकार के एसएनए पोर्टल में बदलाव होने से टीबी मरीजों का पोषण भत्ता अटक गया है। अगस्त 2025 से मरीजों को भुगतान नहीं हो पाया है। इसी बीच अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से केवाईसी कराई जा रही है ताकि, पता चल सके कि टीबी के मरीज के खाते में भी पैसा भेजा जा रहा है।
जिले में इस समय करीब आठ हजार टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। टीबी मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार छह हजार रुपये देती है। यह रकम दो किस्तों में मरीजों के खाते में भेजी जाती है। इसके लिए मरीज का विवरण पोर्टल पर दर्ज होने के साथ ही जरूरी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। पहले पीएफएमएस पोर्टल के जरिए टीबी रोगियों के खाते में सीधे पैसा भेजा जा रहा था। लेकिन पिछले साल से पोर्टल में बदलाव किया जा रहा है, जिसके चलते एसएनए पोर्टल से टीबी मरीजों को भुगतान होगा। पोर्टल के पूरी तरह काम नहीं करने से टीबी मरीजों का पैसा अटका हुआ है।
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टीबी मरीजों का किया जा रहा सत्यापन
पोर्टल में बदलाव के बाद भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। अब विभाग मरीजों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए केवाईसी करा रहा है। केवाईसी पूरी होने और पोर्टल पर लिंक होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विभाग की ओर से मरीजों का सत्यापन कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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वर्जन::
केंद्र सरकार के एसएनए पोर्टल पर काम चल रहा है। इसी पोर्टल से टीबी मरीजों का भुगतान होना है। फिलहाल मरीजों का फेस ऑथेंटिकेशन कराया जा रहा है। पोर्टल चालू होते ही मरीजों के खाते में पैसा भेज दिया जाएगा। - डॉ. अनिल कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी, बिजनौर
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जिले में इस समय करीब आठ हजार टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। टीबी मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार छह हजार रुपये देती है। यह रकम दो किस्तों में मरीजों के खाते में भेजी जाती है। इसके लिए मरीज का विवरण पोर्टल पर दर्ज होने के साथ ही जरूरी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। पहले पीएफएमएस पोर्टल के जरिए टीबी रोगियों के खाते में सीधे पैसा भेजा जा रहा था। लेकिन पिछले साल से पोर्टल में बदलाव किया जा रहा है, जिसके चलते एसएनए पोर्टल से टीबी मरीजों को भुगतान होगा। पोर्टल के पूरी तरह काम नहीं करने से टीबी मरीजों का पैसा अटका हुआ है।
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टीबी मरीजों का किया जा रहा सत्यापन
पोर्टल में बदलाव के बाद भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। अब विभाग मरीजों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए केवाईसी करा रहा है। केवाईसी पूरी होने और पोर्टल पर लिंक होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विभाग की ओर से मरीजों का सत्यापन कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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वर्जन::
केंद्र सरकार के एसएनए पोर्टल पर काम चल रहा है। इसी पोर्टल से टीबी मरीजों का भुगतान होना है। फिलहाल मरीजों का फेस ऑथेंटिकेशन कराया जा रहा है। पोर्टल चालू होते ही मरीजों के खाते में पैसा भेज दिया जाएगा। - डॉ. अनिल कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी, बिजनौर