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आखिरी दिन ढाई करोड़ का किया भुगतान
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बिजनौर में जिला पंचायत के सम्मान समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप को सम्मानित करत
- फोटो : BIJNOR
आखिरी दिन ढाई करोड़ का किया भुगतान
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल बुधवार रात 12 बजे से समाप्त हो गया। बृहस्पतिवार से डीएम जिला पंचायत के प्रशासक होंगे। बुधवार को रोज की भांति जिला पंचायत का स्टाफ अपने कार्यालय पहुंचा और डीएम को भेजे जाने वाली पत्रावली तैयार करने में जुटा रहा। ठेकेदारों का ढाई करोड़ का भुगतान किया गया। करीब 20 करोड़ रुपये ठेकेदारों का रुपया अभी भी बकाया है। जिला पंचायत के कई सदस्य भी कार्यालय पहुंचे और उन्होंने सम्मान समारोह आयोजित करने पर अफसरों व कर्मचारियों की प्रशंसा की।
मंगलवार रात जिला पंचायत के सभाकक्ष में हुए सम्मान समारोह में पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह व सदस्यों को शॉल ओढ़ाकर प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। उन्हें फिर से जीत के आने की शुभकामनाएं दीं। मंत्री ने कहा कि सरकार बहुत सुविधा दे रही है, लेकिन उनका कोई फायदा नहीं उठा रहा है। शामली के विधायक तेजेंद्र निर्वाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि, सीओ केपी सिंह सहित जिला पंचायत का स्टाफ मौजूद रहा। बुधवार को जिला पंचायत का स्टाफ सुबह दस बजे कार्यालय पहुंचा। अपर मुख्य अधिकारी डॉ. श्यामबहादुर शर्मा 12 बजे कार्यालय पहुंचे। एक बजे वे सीडीओ कार्यालय पहुंचे। वहां शाम तक उन्होंने जिला पंचायत वार्ड परिसीमन की आपत्तियों को दिखवाया।
अभियंता कपिलदेव, अवर अभियंता नवीन कुमार, जितेंद्र समेत पूरा स्टाफ कार्यालय में जमा रहा। बृहस्पतिवार को डीएम को भेजी जाने वाली पत्रावली तैयार की र्गइं। जिला पंचायत के पास अभी एक करोड़ 41 लाख रुपया बचा है। पिछले महीने 13 करोड़ के टेंडर कर दिए गए थे। हर माह शासन से धन आता है। जीएसटी का भुगतान उन विभागों में ट्रांसफर किए गए। जिला पंचायत के कई सदस्य कार्यालय पहुंचे और मंगलवार को किए गए सम्मान समारोह पर अधिकारियों की प्रशंसा की। कहा कि ऐसा सम्मान उन्हें पहले कभी नहीं मिला है। आपस में एक दूसरे के सहयोग की भी प्रशंसा की गई। शासन स्तर से बुधवार आधी रात के बाद विभाग में जिला पंचायत साकेंद्र प्रताप सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर खत्म हो जाएंगे और डीएम के हस्ताक्षर मान्य होंगे।
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बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल बुधवार रात 12 बजे से समाप्त हो गया। बृहस्पतिवार से डीएम जिला पंचायत के प्रशासक होंगे। बुधवार को रोज की भांति जिला पंचायत का स्टाफ अपने कार्यालय पहुंचा और डीएम को भेजे जाने वाली पत्रावली तैयार करने में जुटा रहा। ठेकेदारों का ढाई करोड़ का भुगतान किया गया। करीब 20 करोड़ रुपये ठेकेदारों का रुपया अभी भी बकाया है। जिला पंचायत के कई सदस्य भी कार्यालय पहुंचे और उन्होंने सम्मान समारोह आयोजित करने पर अफसरों व कर्मचारियों की प्रशंसा की।
मंगलवार रात जिला पंचायत के सभाकक्ष में हुए सम्मान समारोह में पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह व सदस्यों को शॉल ओढ़ाकर प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। उन्हें फिर से जीत के आने की शुभकामनाएं दीं। मंत्री ने कहा कि सरकार बहुत सुविधा दे रही है, लेकिन उनका कोई फायदा नहीं उठा रहा है। शामली के विधायक तेजेंद्र निर्वाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि, सीओ केपी सिंह सहित जिला पंचायत का स्टाफ मौजूद रहा। बुधवार को जिला पंचायत का स्टाफ सुबह दस बजे कार्यालय पहुंचा। अपर मुख्य अधिकारी डॉ. श्यामबहादुर शर्मा 12 बजे कार्यालय पहुंचे। एक बजे वे सीडीओ कार्यालय पहुंचे। वहां शाम तक उन्होंने जिला पंचायत वार्ड परिसीमन की आपत्तियों को दिखवाया।
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अभियंता कपिलदेव, अवर अभियंता नवीन कुमार, जितेंद्र समेत पूरा स्टाफ कार्यालय में जमा रहा। बृहस्पतिवार को डीएम को भेजी जाने वाली पत्रावली तैयार की र्गइं। जिला पंचायत के पास अभी एक करोड़ 41 लाख रुपया बचा है। पिछले महीने 13 करोड़ के टेंडर कर दिए गए थे। हर माह शासन से धन आता है। जीएसटी का भुगतान उन विभागों में ट्रांसफर किए गए। जिला पंचायत के कई सदस्य कार्यालय पहुंचे और मंगलवार को किए गए सम्मान समारोह पर अधिकारियों की प्रशंसा की। कहा कि ऐसा सम्मान उन्हें पहले कभी नहीं मिला है। आपस में एक दूसरे के सहयोग की भी प्रशंसा की गई। शासन स्तर से बुधवार आधी रात के बाद विभाग में जिला पंचायत साकेंद्र प्रताप सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर खत्म हो जाएंगे और डीएम के हस्ताक्षर मान्य होंगे।
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